दिल्ली में दोबारा दौड़ेगी मेट्रो लेकिन पार्किंग और दुकानों पर लटका रहेगा ताला

दिल्ली में दोबारा दौड़ेगी मेट्रो लेकिन पार्किंग और दुकानों पर लटका रहेगा ताला

दिल्ली एनसीआर के दो दर्जन से ज्यादा मेट्रो स्टेशनों पर पार्किंग को ऑपरेट करने वाली एक कंपनी के मैनेजर के मुताबिक, जब से कोरोना लॉकडाउन लगा है यानि की मार्च महीने के अंत से लेकर अगस्त माह तक 50 से 60 पार्किंग बंद है, लेकिन कई ऐसी जगह महीनें के बेसिस पर कई कार पार्क हो रहे है।

1 सितंबर से दिल्ली मेट्रो का परिचालन दोबारा शुरू हो सकता है लेकिन आपको बता दें कि अगर मेट्रो खुलते भी है तब भी स्टेशनों की पार्किंग में कार पार्क करने से लेकर खाने-पीने की इजाजत नहीं मिल सकेगी। सूत्रों के मुताबिक, सरकार केवल मेट्रों को दोबारा शुरू करने की इजाजत देगी। स्टेशनों में बने आउटलेट से लेकर पार्किंग तक फिलहाल नहीं खोले जाएंगे। सोशल डिसंटेंसिंग के नियमों का पालन और कोरोना सक्रंमण के खतरे को कम करने के लिए यह फैसला लिया जा सकता है। बता दें कि इस फैसले से मेट्रों परिसर में पार्किंग और दुकान चलाने वाले काफी निराश हैं।

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दिल्ली एनसीआर के दो दर्जन से ज्यादा मेट्रो स्टेशनों पर पार्किंग को ऑपरेट करने वाली एक कंपनी के मैनेजर के मुताबिक, जब से कोरोना लॉकडाउन लगा है यानि की मार्च महीने के अंत से लेकर अगस्त माह तक 50 से 60 पार्किंग बंद है, लेकिन कई ऐसी जगह महीनें के बेसिस पर कई कार पार्क हो रहे है। इन कारों की सेफ्टी के लिए हर रोज सुबह-शाम दो शिफ्ट लगाने पड़ते है ताकि कारों की सुरक्षा की जा सके।इन शिफ्टों में काम कर रहे अंटेडंट को मेट्रो द्वारा तय की गई दिहाड़ी देने के साथ-साथ खाने-पीने और रहने का भी इंतजाम करना पड़ता है। 

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बता दें कि कार पार्किंग अलॉट करते वक्त कंपनियों को डीएमआरसी को 8 महीने का सिक्योरिटी डिपॉजिट एडवांस में जमा कराना पड़ता है। इसके अलावा कंपनियों को पार्किंग स्पेस के हिसाब से 15 से 20 लाख रूपये की लाइसेंस फीस भी जमा कारनी पड़ती है। अगर ऐसा नहीं करा तो पेनल्टी लगने का खतरा भी हो जाता है। बता दें कि कोरोना लॉकडाउन से यानि की मार्च महीनें से ही मेट्रों का कार पार्किंग बंद है, जिसको लेकर पार्किंग कॉन्ट्रैक्टर चाहते है कि लाइसेंस फीस में छूट मिले और साथ ही कॉन्ट्रैक्ट की समयसीमा को भी बढ़ाया जाए।  





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