शाहजहांपुर की अदालत ने स्वामी चिन्मयानंद के गिरफ्तारी वारंट को बरकरार रखा

Swami Chinmayanand
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उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले की सांसद-विधायक अदालत (एमपी-एमएलए कोर्ट) ने पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती की गिरफ्तारी वारंट को बरकरार रखते हुए उनकी अपील को खारिज कर दिया है।

उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले की सांसद-विधायक अदालत (एमपी-एमएलए कोर्ट) ने पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती की गिरफ्तारी वारंट को बरकरार रखते हुए उनकी अपील को खारिज कर दिया है। स्‍वामी ने अपनी आंख के ऑपरेशन का हवाला देते हुए गिरफ्तारी वारंट रुकवाने के लिए अदालत से समय की मांग की थी।

एमपी-एमएलए कोर्ट की विशेष अधिवक्ता नीलिमा सक्सेना ने शनिवार को पीटीआई- को बताया कि स्‍वामी चिन्‍मयानंद के खिलाफ उनकी शिष्या द्वारा शहर कोतवाली में दर्ज कराए गए यौन शोषण के एक मामले में अदालत ने दो महीने पहले गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था, जिसमें स्वामी चिन्मयानंद न्यायालय में उपस्थित नहीं हुए थे।

उन्होंने बताया कि इसी मामले मैं गिरफ्तारी वारंट को रुकवाने के लिए स्वामी चिन्मयानंद के अधिवक्ता ने शुक्रवार को न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया था कि पूर्व मंत्री की आंख का ऑपरेशन होना है इसलिए उन्हें न्यायालय में उपस्थिति होने के लिए समय दिया जाए, परंतु न्यायाधीश आसमा सुल्ताना की अदालत ने अपील को खारिज कर दिया और गिरफ्तारी वारंट को बरकरार रखा है। शाहजहांपुर के मुमुक्षु आश्रम के प्रमुख स्वामी चिन्मयानंद हैं और इसी मुमुक्षु आश्रम से कई शिक्षा संस्थाओं का संचालन होता है।

इन्हीं में से एक संस्थान में प्राचार्य रही उनकी शिष्या ने ही चिन्मयानंद पर यौन शोषण का मामला दर्ज कराया था। शिष्या भी इसी आश्रम परिसर में रहती थी। करीब सात साल पहले स्वामी चिन्मयानंद के खिलाफ शहर कोतवाली में दर्ज यौन शोषण मामले में पुलिस ने 23 अक्टूबर 2012 को आरोप पत्र लगाकर न्यायालय में भेजा था,जिसके बाद 24 मई 2018 को प्रदेश सरकार द्वारा न्यायालय को पत्र भेजकर यौन शोषण का मुकदमा वापस लेने का अनुरोध किया गया था, जिसे न्यायालय ने खारिज कर दिया था।

इसके बाद स्वामी चिन्मयानंद इलाहाबाद उच्‍च न्‍यायालय चले गए और वहां से शाहजहांपुर की अदालत द्वारा की जा रही कार्रवाई को रोकने का स्थगन आदेश प्राप्त कर लिया। इसी आदेश के क्रम में चिन्मयानंद की पत्रावली इलाहाबाद उच्‍च न्‍यायालय भेज दी गई परंतु उच्‍च न्‍यायालय ने यह पत्रावली पुन: शाहजहांपुर की अदालत में भेज दी जिसके बाद ही इनके विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ था। स्‍वामी पर इस तरह के और भी आरोप लगे और उनके कालेज में पढ़ने वाली एक विधि की छात्रा ने भी 2019 में उन पर यौन शोषण का आरोप लगाया था, जिस मामले में उनकी गिरफ्तारी हुई थी।

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