ठाकरे फैमिली में शिंदे ने लगाई सेंध तो उद्धव ने उनके गढ़ ठाणे में चल दिया बड़ा दांव

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अभिनय आकाश । Aug 01, 2022 4:30PM
उद्धव ने आनंद दिघे के भतीजे केदार दिघे को शिवसेना की ठाणे जिला इकाई का प्रमुख नियुक्त किया है। वह लंबे समय से शिवसैनिक हैं और उन्होंने शिंदे को ठाणे में शिवसेना शाखा में प्रवेश नहीं करने दिया था।

आनंद दिघे की विरासत को आगे बढ़ाने के दावे महाराष्ट्र की सियासत में फिर से चर्चा में हैं। हो भी क्यों न भला। आनंद दिघे के शार्गिद एकनाथ शिंदे  राज्य के मुख्यमंत्री बन गए हैं। वहीं शिंदे के हाथों विभिन्न मोर्चे पर मात खाने के बाद मुख्यमंत्री की कुर्सी गंवाने वाले उद्धव ठाकरे पार्टी बचाने की कवायद में लग गए हैं। इसी क्रम में एक बड़ा दांव चलते हुए उद्धव ने आनंद दिघे के भतीजे केदार दिघे को शिवसेना की ठाणे जिला इकाई का प्रमुख नियुक्त किया है। एकनाथ शिंदे की बगावत और लगातार उनके धड़े के मजबूत होने के बाद शिवसेना को भारी शून्य का सामना करना पड़ा था। वहीं शिंदे ने बाला साहेब के साथ काम कर चुके मनोहर जोशी और लीलाधर डाके जैसे दिग्गज नेताओं से जाकर मुलाकात करना शुरू कर दिया है। वहीं ठाकरे परिवार के लोगों संग भी शिंदे की मुलाकात का सिलसिला चल पड़ा है। 

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इसको काउंटर करने के लिए उद्धव ठाकरे ने शिंदे के गढ़ में बड़ा खेल कर दिया है। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने दीघे से मुलाकात की और उन्हें ठाणे प्रमुख बनाया, जबकि अनीता बिरजे को डिप्टी बनाया गया। वह लंबे समय से शिवसैनिक हैं और उन्होंने शिंदे को ठाणे में शिवसेना शाखा में प्रवेश नहीं करने दिया था। प्रदीप शिंदे को ठाणे शहर का प्रमुख बनाया गया और चिंतामणि कारखानियों को क्षेत्रीय प्रवक्ता बनाया गया। हालांकि ठाणे में अधिकांश शिवसेना शिंदे गुट में शामिल हो गए हैं।  सांसद राजन विचारे अभी भी सेना के साथ हैं।

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बता दें कि शिवसेना पार्टी में बाला साहेब ठाकरे के बाद आनंद दिघे सबसे बड़े कद्दावर और दबंग नेता माने जाते थे। उनकी लोकप्रियता का आलम ये था कि लोग उनको 'ठाणे का ठाकरे' तक कहते थे। शिंदे उनको अपना गुरु मानते हैं। उनको राजनीतिक में लाने और आगे बढ़ाने का श्रेय दिघे को ही दिया जाता है।

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