सिद्धार्थ नाथ सिंह का तंज, अखिलेश का गंगा-जमुनी सौहार्द दंगे के रूप में देख चुकी है प्रदेश की जनता

सिद्धार्थ नाथ सिंह का तंज, अखिलेश का गंगा-जमुनी सौहार्द दंगे के रूप में देख चुकी है प्रदेश की जनता

भाजपा कार्यकर्ता भी कोरोना के दौर में प्रभावित लोगों की हर संभव सेवा में जुटे रहे। वहीं अखिलेश यादव और उनके कार्यकर्ता जनता से दूरी बनाये रहे और घरों में आराम फरमाते रहे।

प्रदेश सरकार के प्रवक्ता एवं कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष  पर कड़ा हमला बोलते हुए कहा कि कोरोना संकट में ड्राइंग रूम से बाहर नहीं निकले  अखिलेश यादव अब फाइव स्टार रथ पर सवार होकर जनहितैषी होने का ढोंग कर रहे हैं। एसी रथ में अब उन्हें बेड,दवाई और किसान की याद आ रही है। जबकि कोरोना कालखंड में खुद कोरोना पीड़ित होते हुए भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लोगों के इलाज की व्यवस्था में दिनरात लगे रहे। भाजपा कार्यकर्ता भी कोरोना के दौर में प्रभावित लोगों की हर संभव सेवा में जुटे रहे। वहीं अखिलेश यादव और उनके कार्यकर्ता जनता से दूरी बनाये रहे और घरों में आराम फरमाते रहे। 

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अब चुनाव करीब आया है तो ऐशोआराम से सुसज्जित रथ से उन्हें जनता की फिक्र हो रही है। जनता भी उन्हें फिर उसी रथ से ड्राइंग रूम में वापस भेजने का मन बना चुकी है। वित्तमंत्री खन्ना ने अखिलेश के गंगा-जमुनी सौहार्द वाले बयान पर कटाक्ष करते हुए कहा सपा शासन में पश्चिम उत्तर प्रदेश दंगे की आग में झुलसता था। मुज़फ्फरनगर दंगे कइयों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा था। लोगों को अपना घरबार छोड़कर पलायन तक करना पड़ा था। गुंडागर्दी और अपराध चरम पर था। कारोबार चौपट था। डर के मारे कोई उद्यमी उद्योग लगाने की हिम्मत नहीं करता था। आज योगी सरकार में पश्चिमी उत्तर प्रदेश सहित समूचे प्रदेश की तस्वीर बदल गयी है। योगी सरकार के साढ़े चार साल में एक भी दंगा नहीं हुआ। सत्ता संरक्षित गुंडो और माफिया की कमर तोड़ी गयी। गन्ना किसानों का 1.44 लाख करोड़ बकाये का रिकॉर्ड भुगतान हुआ, इसमें पिछली सरकारों का बकाया भी शामिल था। गेहूं और धान की खरीद का रिकॉर्ड भी योगी सरकार में बना है।  

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सपा- बसपा राज में चीनी मिलें बंद कर औने-पौने दामों पर बेंची जाती थी। किसानों को अपना गन्ना खेत में जलाना पड़ता था। इसीलिए किसानों ने गन्ना बोना छोड़ दिया था। योगी सरकार ने तीन नयी चीनी मिलें स्थापित की। कुछ मिलों की पेराई क्षमता बढ़ायी गयी। यही वजह है गन्ने का रकबा बढ़ा है। किसान का पूरा गन्ना खरीदने के बाद ही मिल में पेराई बंद होती है। खन्ना ने कहा जो अपने परिवार का नहीं हुआ वह प्रदेश की जनता का कितना हितैषी होगा, इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। जनता का विश्वास  केवल बात से नहीं हासिल हो सकता, बल्कि उसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तरह तपना पड़ता है। बिना भेदभाव सबके विकास से हासिल होता है।  उन्होंने कहा कि योगी ऐसे पहले मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने हर जिले का कई -कई बार दौरा कर प्रदेश को बीमारू राज्य से निकाल कर विकास को रफ्तार दी। वरिष्ठ मंत्री खन्ना ने कहा कि पिछले दो चुनावों में गठबंधन का हस्र देखकर अखिलेश का भ्रम अकेले लड़ने पर भी दूर हो जाएगा। गंगा से जमुना तक के रथयात्रा सफर में विकास और कानून का राज दिखेगा।





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