कोरोना के चलते मां-बाप को खो चुके बच्चों के लिए स्मृति ईरानी ने शुरू की शानदार पहल

कोरोना के चलते मां-बाप को खो चुके बच्चों के लिए स्मृति ईरानी ने शुरू की शानदार पहल

स्मृति ईरानी ने यह भी कहा कि अनाथ बच्चे को किसी को देना गैरकानूनी है। आप वैधानिक रूप से उसे गोद ले सकते हैं। ऐसे बच्चों को बाल कल्याण समिति में ले जाना चाहिए जो बच्चों के हित को ध्यान में रखकर आवश्यक कार्यवाही करेंगे।

देश में कोरोना वायरस का कहर जारी है। इन सबके बीच केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने उन बच्चों के लिए शानदार पहल की शुरुआत की है जिन्होंने कोरोना वायरस की वजह से अपने मां-बाप को खो दिया है। स्मृति ईरानी ने एक के बाद एक कई ट्वीट कर कहा कि यदि आपको किसी ऐसे बच्चे के बारे में पता चलता है जिनके माता-पिता  का निधन कोविड-19 की वजह से हुआ है और उनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं है तो अपने जिले की पुलिस या बाल कल्याण समिति को सूचित करें। इसके अलावा चाइल्ड लाइन 1098 पर भी संपर्क करें। यह आपकी कानूनी जिम्मेदारी है।

स्मृति ईरानी ने यह भी कहा कि अनाथ बच्चे को किसी को देना गैरकानूनी है। आप वैधानिक रूप से  उसे गोद ले सकते हैं। ऐसे बच्चों को बाल कल्याण समिति में ले जाना चाहिए जो बच्चों के हित को ध्यान में रखकर आवश्यक कार्यवाही करेंगे। उन्होंने अपील की कि अगर कोई भी आप से सीधे गोद लेने के लिए उपलब्ध अनाथ बच्चों के बारे में पता करता है तो उसके जाल में ना पड़े और उसे रोकें। यह अवैध है। उन्होंने कहा कि हम सभी को कानूनी रूप से किसी को गोद लेना चाहिए। अन्यथा गोद लेने के नाम पर बच्चों की तस्करी की जा सकती है। उन्हें बचाना हमारा कर्तव्य है। अगर आपको ऐसे किसी भी विषय के बारे में जानकारी मिलती है तो आप तत्काल पुलिस या चाइल्ड वेलफेयर या चाइल्ड लाइन को सूचित करें। उन्होंने यह भी अपील की कि कृपया सोशल मीडिया पर संकट की स्थिति में कमजोर बच्चों की तस्वीरें और संपर्क विवरण साझा ना करें। उनकी पहचान कानून के अनुसार संरक्षित की जानी है।





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