कूड़ा फेंकन बना जान का कलेश! यूपी में विवाद के बाद सिपाही के परिवार को उतारा मौत के घाट

  •  रेनू तिवारी
  •  नवंबर 21, 2020   12:57
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कूड़ा फेंकन बना जान का कलेश! यूपी में विवाद के बाद सिपाही के परिवार को उतारा मौत के घाट
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उत्तर प्रदेश के बांदा शहर के गायत्री नगर (चमरौड़ी) मुहल्ले के परशुराम तालाब में शुक्रवार की आधी रात नाली में कूड़ा फेंकने के मामूली विवाद में चचेरे भाइयों ने धारदार हथियार से हमलाकर सिपाही, उसकी मां एवं बहन की हत्या कर दी।

बांदा (उप्र)। उत्तर प्रदेश के बांदा शहर के गायत्री नगर (चमरौड़ी) मुहल्ले के परशुराम तालाब में शुक्रवार की आधी रात नाली में कूड़ा फेंकने के मामूली विवाद में चचेरे भाइयों ने धारदार हथियार से हमलाकर सिपाही, उसकी मां एवं बहन की हत्या कर दी। वारदात में दो अन्य घायल भी हुए हैं। पुलिस ने इस सिलसिले में कल रात में ही तीन हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया है और एक महिला को हिरासत में लिया है।

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नगर पुलिस उपाधीक्षक (सीओ) आलोक मिश्रा ने शनिवार सुबह पीटीआई- को बताया, बांदा शहर के गायत्री नगर (चमरौड़ी) मुहल्ले के परशुराम तालाब में शुक्रवार रात करीब साढ़े ग्यारह बजे नाली में कूड़ा और सड़े चावल फेंकने के मामूली विवाद के बाद प्रयागराज जिले के नैनी थाना में तैनात सिपाही अभिजीत वर्मा (27), उसकी बहन निशा वर्मा (29) और मां रमावती (54) की पड़ोसी चचेरे भाइयों ने कुल्हाड़ी, लाठी-डंडों और तमंचे से गोली मारकर हत्या कर दी।

उन्होंने बताया, इस सिलसिले में करीब दो बजे रात में ही छापेमारी कर एक घर से मृत सिपाही के चचेरे भाई देवराज, शिवपूजन, बबलू को घटना में इस्तेमाल किये गए हथियार के साथ गिरफ्तार कर लिया और हमले में शामिल आरोपियों के परिवार की एक महिला को भी हिरासत में लिया है। उन्होंने बताया कि अन्य फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। सीओ ने बताया कि हमले के दौरान सिपाही अभिजीत, उसकी बहन और मां को बचाने में अभिजीत के साथी दिलीप (24) और एक महिला रज्जो देवी (35) भी कुल्हाड़ी लगने से घायल हुए हैं, जिनको इलाज के लिए सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।

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सिपाही अवकाश में दीवाली मनाने अपने घर आया था। तीनों शवों का आज पोस्टमॉर्टम करवाया जाएगा। वहीं, शहर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) दिनेश सिंह ने बताया कि दोनों चचेरे भाइयों के बीच नाली में कूड़ा और सड़े चावल फेंकने को लेकर शुक्रवार देर शाम पहले मामूली विवाद हुआ। जिसके बाद मृत सिपाही के चचेरे भाई देवराज, शिवपूजन और बबलू ने तमंचे से हवाई फायर कर दहशत फैलाई थी। उन्होंने बताया कि विवाद कुछ शांत ही हुआ था कि रात करीब साढ़े ग्यारह बजे पांच-छह लोगों ने सिपाही अभिजीत वर्मा के घर में धावा बोल दिया और घर से बाहर घसीट कर तीनों की हत्या कर दी।

सिंह ने बताया कि सिपाही अभिजीत, उसकी बहन निशा और मां रमावती को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मुहल्ले में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात है। पुलिस ने बताया कि मृतक सिपाही अभिजीत का छोटा भाई सौरभ भी पुलिस का प्रशिक्षित सिपाही है, वह आज सुबह बांदा कोतवाली आ गया है।

उसकी तहरीर पर हत्या का मुकदमा लिखा जा रहा है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना की जानकारी मिलने पर बांदा परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) के. सत्यनारायण, पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ शंकर मीणा और जिलाधिकारी आनन्द कुमार सिंह ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया है और मातहतों को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


PM के संयंत्र में आने से समाधानों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता मजबूत होगी: भारत बायोटेक

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 28, 2020   19:34
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PM के संयंत्र में आने से समाधानों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता मजबूत होगी: भारत बायोटेक
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प्रधानमंत्री मोदी ने भारत बायोटेक द्वारा विकसित कोरोना वायरस के संभावित टीके कोवैक्सीन की प्रगति की समीक्षा करने के लिये जीनोम घाटी में स्थित उसके संयंत्र की यात्रा की।

नयी दिल्ली। दवा बनाने वाली कंपनी भारत बायोटेक ने शनिवार को कहा कि हैदराबाद में जीनोम घाटी में स्थित उसके संयंत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आने से वैज्ञानिक खोज और सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्याओं को सुलझाने की प्रतिबद्धता मजबूती मिली है। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत बायोटेक द्वारा विकसित कोरोना वायरस के संभावित टीके कोवैक्सीन की प्रगति की समीक्षा करने के लिये जीनोम घाटी में स्थित उसके संयंत्र की यात्रा की। 

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कंपनी ने एक बयान में कहा, ‘‘प्रधानमंत्री की यात्रा से हमें टीके के लिए प्रेरणा मिली है। इससे वैज्ञानिक खोज, सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्याओं के निराकरण तथा कोविड-19 के खिलाफ भारत की लड़ाई के प्रति हमारी प्रतिबद्धता मजबूत होती है।’’ कंपनी अभी कोवैक्सीन का तीसरे चरण का नैदानिक परीक्षण कर रही है।





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मेघालय में कोरोना के 71 नये मामले, एक और मरीज की जान गयी

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 28, 2020   19:25
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मेघालय में कोरोना के 71 नये मामले, एक और मरीज की जान गयी
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राज्य में अबतक 111 लोगों की इस बीमारी से मौत हो चुकी है। उन्होंने बताया कि पूर्वी खासी पहाड़ी जिले में सबसे अधिक 53 नये मरीज सामने आये हैं जबकि पश्चिमी गारो पहाड़ी जिले में नौ और रि-भोई में तीन नये मामले सामने आये।

शिलांग। मेघालय में 71 और लोगों में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि होने के बाद शनिवार को राज्य में कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 11,704 हो गयी। स्वास्थ्य सेवा निदेशक अमन वार ने बताया कि कोविड-19 से एक और मरीज की मौत हो जाने से राज्य में अबतक 111 लोगों की इस बीमारी से मौत हो चुकी है। उन्होंने बताया कि पूर्वी खासी पहाड़ी जिले में सबसे अधिक 53 नये मरीज सामने आये हैं जबकि पश्चिमी गारो पहाड़ी जिले में नौ और रि-भोई में तीन नये मामले सामने आये। 

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वार के मुताबिक, मेघालय में फिलहाल कोविड-19 के 858 मरीज उपचाराधीन हैं। उनके अनुसार शनिवार को 129 और मरीजों के स्वस्थ होने के साथ ही अबतक 10,735 लोग संक्रमणमुक्त हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में अबतक कोविड-19 के लिये 2.39 लाख नमूनों की जांच हुई है।





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गहलोत का बड़ा ऐलान, राजस्थान में कोविड-19 की जांच 800 रुपये में होगी

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 28, 2020   19:15
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गहलोत का बड़ा ऐलान, राजस्थान में कोविड-19 की जांच 800 रुपये में होगी
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उन्होंने कहा, किट की लागत में कमी को देखते हुए अब राज्य सरकार सभी निजी प्रयोगशालाओं को यह जांच 1200 रुपये के बजाय 800 रुपये में करने को पाबंद करेगी। गहलोत ने कहा कि राजस्थान में कोरोना वायरस संक्रमण की जांच केवल आरटी-पीसीआर के जरिए हो रही है, जो पूरी दुनिया में सबसे विश्वसनीय जांच प्रक्रिया है।

जयपुर। राजस्थान में निजी प्रयोगशालाओं में कोरोना वायरस संक्रमण की जांच अब 1200 रुपये के बजाय 800 रुपये में होगी। राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि आरटी-पीसीआर जांच किट की लागत में कमी को देखते हुए राज्य सरकार ने यह फैसला किया है। गहलोत ने कहा कि शुरू में निजी प्रयोगशालाओं में कोविड-19 जांच का शुल्क 2200 रुपये था जिसे बाद में सरकार ने 1200 रुपये तय किया। उन्होंने कहा, किट की लागत में कमी को देखते हुए अब राज्य सरकार सभी निजी प्रयोगशालाओं को यह जांच 1200 रुपये के बजाय 800 रुपये में करने को पाबंद करेगी। गहलोत ने कहा कि राजस्थान में कोरोना वायरस संक्रमण की जांच केवल आरटी-पीसीआर के जरिए हो रही है, जो पूरी दुनिया में सबसे विश्वसनीय जांच प्रक्रिया है।

गहलोत ने शनिवार को राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (आरयूएचएस) अस्पताल, जयपुर में 70 बिस्तर वाले नए कोविड आईसीयू, छह जिलों में आरटी-पीसीआर जांच प्रयोगशाला तथा जोधपुर के मथुरादास माथुर अस्पताल में अत्याधुनिक कैंसर उपचार वार्ड तथा अन्य चिकित्सा सुविधाओं का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमित व्यक्तियों की अधिकाधिक जांच और समुचित इलाज के लिए पूरे राजस्थान में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत किया गया है और अब हर जिले में आरटी-पीसीआर जांच की सुविधा उपलब्ध है। टोंक, प्रतापगढ़, राजमसन्द के नाथद्वारा, जैसलमेर, हनुमानगढ़ और बूंदी में जांच प्रयोगशाला का लोकार्पण करते हुए उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों में कोरोना की निशुल्क जांच के लिए प्रयोगशालाएं शुरू कर दी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का ध्येय ‘निरोगी राजस्थान‘ बनाने का है, जिसके लिए अभियान शुरू किया गया था। 

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इस बीच, मार्च माह में कोरोना संक्रमण फैल गया, लेकिन अब इस अभियान को फिर से आगे बढ़ाया जाएगा। राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. सी.पी. जोशी ने कहा कि राज्य सरकार ने जिस तरह सभी वर्गों को साथ लेकर कोरोना महामारी का सामना किया है उसके लिए पूरे देश में मुख्यमंत्री गहलोत की सराहना की जा रही है। शासन सचिव (स्वास्थ्य शिक्षा)वैभव गलरिया ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में 38 सरकारी और 23 निजी प्रयोगशालाओं में कोविड-19 की जांच की जा रही है। राजस्थान ने एक दिन में 60,000 आरटी-पीसीआर परीक्षण करने की क्षमता हासिल कर ली है।





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