कहीं बनाई गई वॉल तो कहीं खोदे गए गड्ढे, कोरोना के खौफ ने राज्यों के बीच खड़ी की दीवार

कहीं बनाई गई वॉल तो कहीं खोदे गए गड्ढे, कोरोना के खौफ ने राज्यों के बीच खड़ी की दीवार

भारत के कई राज्यों के बॉर्डर पर दीवार चुनवाकर या गड्ढे खोदकर पड़ोसी राज्यों से खुद को सील करने की कोशिश कर रहे हैं। कोरोना के खौफ में एक राज्य ही पड़ोसी राज्यों के लिए दीवार खड़ी कर रहे हैं।

एक ऐसी दीवार जिसने रातों रात एक देश को दो हिस्सों में विभाजित कर दिया। एक ऐसी वाल जिसने दो देशों की सीमाओं तो तो बांट दिया लेकिन इसमें लगे झूले ने लोगों को जोड़ने का काम किया। हम बात कर रहे हैं जर्मनी के चर्चित बर्लिन की दीवार की और साथ ही अमेरिका और मैक्सिको की सीमा पर करीब 2,000 मील लंबी एक ऐसी अभेद्य दीवार की। बर्लिन की दीवार, जो जर्मनी में है। इस दीवार ने 28 साल तक बर्लिन शहर को पूर्वी और पश्चिमी टुकड़ों में विभाजित करके रखा था। हालांकि नौ नवंबर 1989 को इसे तोड़ दिया गया था। वहीं आपने अमेरिका और मेक्सिको के बॉर्डर पर बनी दीवार के बारे में  जरूर सुना होगा। अगर नहीं सुना तो हम बता देते हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने संयुक्त राज्य अमेरिका में मैक्सिको से आने वाले प्रवासियों के प्रवाह को रोकने के लिए एक दीवार का निर्माण किया था, जो उनके राष्ट्रपति पद का एक महत्वपूर्ण मुद्दा रहा था। 

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अमेरिका के दक्षिण में मैक्सिको सीमा के पास इस समय लोहे के ऊंचे-ऊंचे खंबों की एक दीवार या बाड़ खड़ी है। लेकिन इस दीवार की खास बात ये है कि इस दीवार के लोहे के खंबों के बीच तीन सी-सॉ (एक प्रकार का झूला) लगे हुए देखे। गुलाबी रंग के इन सी-सॉ का एक हिस्सा अमेरिका में है और दूसरा मैक्सिको में है। जाहिर है कि इन पर बच्चे या बड़े तभी झूल सकते हैं जब एक तरफ अमेरिकी बैठे और दूसरी तरफ मैक्सिकन। अब आते हैं भारत पर, हमारे हिन्दुस्तान में कई राज्य अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नक्शेकदम पर चलते हुए बॉर्डर पर दीवार चुनवाकर या गड्ढे खोदकर पड़ोसी राज्यों से खुद को सील करने की कोशिश कर रहे हैं। वो और बात है कि ट्रंप ने तो अंतरराष्ट्रीय सीमा पर दीवार खड़ी की लेकिन यहां तो कोरोना के खौफ में एक राज्य ही पड़ोसी राज्यों के लिए दीवार खड़ी कर रहे हैं। 

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तमिलनाडु-आंध्र प्रदेश बॉर्डर पर दीवार

तमिलनाडु सरकार की ओर से आंध्र प्रदेश को जोड़ने वाली राजमार्ग पर जब दीवार खड़ी की जा रही थी। तभी तमाम तवाल खड़े हो गए थे। सबसे बड़ी बात ये थी की राज्यमार्ग को अगर दीवार में चुनवा कर बंद कर दिया जाए तो वहां से एसेन्शियल सर्विसेज से जुड़ी गाड़ियां किस तरह बार्डर पार कर पाएंगी। लेकिन वेल्लोर के जिला कलेक्टर ए एस सुंदरम ने बाद में दीवार को गिरवा दिया। पहले उन्होंने कहा था कि कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने में मदद के तहत, तमिलनाडु में लोगों के अनिधकृत प्रवेश पर रोक लगाने के लिए दीवार खड़ी कर दी गई है।' खबरों के अनुसार जब जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने दोनों चौकियों का निरीक्षण किया। तब लोगों ने कहा कि इन दीवारों को हटा दिया जाए क्योंकि इससे किसी सार्थक उद्देश्य की पूर्ति नहीं होगी और भ्रम पैदा होगा। दरअसल वेल्लोर में मेडिकल की अच्छी सुविधा है। यहां कई बड़े और अच्छे हॉस्पिटल हैं। ऐसे में लोगों को यहां आने से रोकने के लिए तमिलनाडु की तरफ से दीवार बना दिए गए थे। 

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ओडिशा ने सीमा पर खोदे गड्ढे

ओडिशा में सीमा पर ओडिशा ने भी कोरोना वायरस से बचने के लिए आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले के बॉर्डर के पास अपनी सीमा पर गड्ढे खोद दिया। इसके बारे में लोगों को तब पता लगा जब एक गर्भवती आदिवासी महिला को बांस के सहारे हॉस्पिटल पहुंचाने जाने का वीडियो वायरल हुआ।

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दिल्ली-यूपी-हरियाणा बॉर्डर

कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए उत्तर प्रदेश के बाद सोमवार को हरियाणा सरकार ने भी दिल्ली से लगने वाली सभी सीमाएं सील कर दीं। मेडिकल स्टाफ को भी बॉर्डर पार करने की इजाजत नहीं थी। कहा गया कि सिर्फ कोरोना के इलाज में लगे स्टाफ को बॉर्डर पार करने की इजाजत दी जाएगी।





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