क्या कम होगी पंजाब कांग्रेस की अंदरूनी कलह? समाधान के लिए सोनिया ने बनाई तीन सदस्यीय समिति

क्या कम होगी पंजाब कांग्रेस की अंदरूनी कलह? समाधान के लिए सोनिया ने बनाई तीन सदस्यीय समिति

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में एक समिति बनाई है। समिति में 3 सदस्य हैं। मलिकार्जुन खरगे के अलावा पंजाब कांग्रेस के प्रभारी हरीश रावत और दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जेपी अग्रवाल शामिल हैं।

पंजाब में अगले साल विधानसभा के चुनाव होने है। पंजाब की सत्ता में काबिज कांग्रेस के लिए राज्य में सब कुछ ठीक-ठाक नहीं चल रहा है। पंजाब कांग्रेस अंदरूनी कलह से जूझ रही है। मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह और पूर्व मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के बीच बीच लगातार वाक्य युद्ध चल रहा है। उधर, कैप्टन अमरिंदर पर अब पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष प्रताप सिंह बाजवा भी हमलावर हैं। ऐसी भी खबरें है कि कैप्टन अमरिंदर को लेकर बाजवा ने आलाकमान को 45 दिन का अल्टीमेटम भी दे डाला है। पंजाब कांग्रेस की गुटबाजी और कलह को देखते हुए आलाकमान एक्शन में आया है। 

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कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में एक समिति बनाई है। समिति में 3 सदस्य हैं। मलिकार्जुन खड़गे के अलावा पंजाब कांग्रेस के प्रभारी हरीश रावत और दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जेपी अग्रवाल शामिल हैं। माना जा रहा है कि शनिवार सुबह कांग्रेस मुख्यालय में यह समिति पहली बार बैठक करेगी। पार्टी सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष ने 2022 के राज्य विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी की पंजाब इकाई में चल रही कलह और गुटबाजी को खत्म करने के लिए इस समिति का गठन किया है। 

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उधर, रावत ने बताया कि इस समिति के दो प्रमुख काम पंजाब में पार्टी एवं सरकार को मजबूत करना और पार्टी नेताओं के बीच के मतभेद को दूर करना है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारा बुनियादी लक्ष्य यह है कि कांग्रेस को प्रदेश में जमीनी स्तर पर मजबूत किया जाए और सबको एकजुट करके 2022 में फिर से जीत हासिल की जाए। गौरतलब है कि हाल के कुछ हफ्तों में अमरिंदर सिंह और सिद्धू के बीच तीखी बयानबाजी देखने को मिली है। विधायक परगट सिंह और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कुछ अन्य नेताओं ने भी मुख्यमंत्री के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है।





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