• अपने अंकों से खुश नहीं हुए छात्र तो क्या होगा ? CBSE के परीक्षा नियंत्रक ने दी यह जानकारी

सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने बताया है कि सीबीएसई के नतीजों के बाद अगर कोई छात्र अपने नंबरों से संतुष्ट नहीं होता है तो हम उन छात्रों के लिए परीक्षा का रजिस्ट्रेशन शुरू कर देंगे।

नयी दिल्ली। कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर से पूरा देश प्रभावित हुआ है। इसी वजह से कक्षा 12वीं की परीक्षा भी रद्द हो गई। हालांकि छात्रों के अंकों का मूल्यांकन किस आधार पर होगा इसके बारे में भी केंद्र ने उच्चतम न्यायालय को जानकारी दे दी है। केंद्र ने गुरुवार को अदालत को बताया कि सीबीएसई 12वीं कक्षा के छात्रों के अंकों के मूल्यांकन के लिए 10वीं, 11वीं और 12वीं कक्षा के नतीजों के आधार पर क्रमश: 30:30:40 का फॉर्मूला अपनाया जाएगा।

कोरोना के चलते कक्षा 12वीं के छात्र परीक्षा में नहीं बैठ पाए। ऐसे में उनके मन में तरह-तरह के सवाल खड़े हो रहे थे। हालांकि सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने बताया कि जो छात्र अपने अंकों से संतुष्ट नहीं होंगे उनके लिए सही समय आने पर परीक्षा की व्यवस्था कराई जाएगी। 

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समाचार एजेंसी एएनआई के साथ बातचीत में सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने बताया है कि सीबीएसई के नतीजों के बाद अगर कोई छात्र अपने नंबरों से संतुष्ट नहीं होता है तो हम उन छात्रों के लिए परीक्षा का रजिस्ट्रेशन शुरू कर देंगे। उसके बाद सही समय देखकर और कोविड नियमों का पालन करते हुए परीक्षा केंद्र तय कर परीक्षा लेंगे। जिसका मतलब साफ है कि असंतुष्ट छात्रों के पास परीक्षा देने का अवसर मौजूद रहेगा। इस दौरान उन्होंने बताया कि कक्षा 10वीं की परीक्षा के परिणाम 20 जुलाई और 12वीं के परिणाम 31 जुलाई तक घोषित होने की संभावना है।