बंद कमरे में मांझी और तेजप्रताप की मुलाकात, बिहार की राजनीति में नया खेला होने के संकेत?

बंद कमरे में मांझी और तेजप्रताप की मुलाकात, बिहार की राजनीति में नया खेला होने के संकेत?

जीतनराम मांझी की ओर से कहा गया कि लालू के जन्मदिन के मौके पर तेजप्रताप उनसे मिलने आए। पूर्व सीएम ने कहा कि तेजप्रताप के गैर राजनीतिक संगठन बनाना चाहते हैं जिसमें सभी दलों के वरिष्ठ नेताओं को जोड़ने की कोशिश है।

बिहार की सियासत में दल-बदल का इतिहास समेटे मांझी क्या फिर किसी नए तट की तलाश में हैं? ये सबसे बड़ा सवाल है जो इन दिनों बिहार की सियासी फिजाओं में तैर रहा है। बिहार की राजनीति से बड़ी खबर आज सामने आ रही है। पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी से आज लालू के बड़े सुपुत्र तेजप्रताप यादव ने मुलाकात की है। बंराजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के जन्मदिन पर आज पटना में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया जब बंद कमरे में तेजप्रताप और जीतनराम मांझी के बीच बैठक हुई है। मीटिंग से पहले मीडिया से मुखातिब होते हुए तेजप्रताप ने कहा कि अगर मांझी का मान डोल रहा है तो राजद का गेट खुला है, आ जाएं। 

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बिहार की राजनीति में इस मुलाकात को लेकर तमाम तरह की अटकलें लगाई जाने लगी और सियासी समीकरण को लेकर भी बातें तेज हो गईं। हालांकि जीतनराम मांझी ने बाहर निकलते ही कहा कि एनडीए में सबकुछ ठीक है। जीतनराम मांझी की ओर से कहा गया कि लालू के जन्मदिन के मौके पर तेजप्रताप उनसे मिलने आए। पूर्व सीएम ने कहा कि तेजप्रताप के गैर राजनीतिक संगठन बनाना चाहते हैं जिसमें सभी दलों के वरिष्ठ नेताओं को जोड़ने की कोशिश है। वहीं तेजप्रताप ने कहा कि वो अंकल से मार्गदर्शन लेने आए हैं। इनसे अक्सर मार्गदर्शन मिलता रहा है। काफी अनुभवी हैं। ये बताएंगे तभी तो हम आगे की राजनीति करेंगे।

मुकेश सहनी से मिले थे मांझी

बीते दिनों हम सुप्रीमो जीतनराम मांझी ने एनडीए के साथी विकासशील इंसान पार्टी के अध्यक्ष व बिहार सरकार में मंत्री मुकेश सहनी से मुलाकात की थी। मुलाकात को लेकर मांझी ने कहा था कि बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था सहित अन्य मुद्दों को लेकर उनसे बात हुई। ये 'अन्‍य मुद्दे' क्‍या थे, फिलहाल स्‍पष्‍ट नहीं हो सका है। 

बिहार में सियासी गणित का आंकड़ा

फिलहाल बिहार में एनडीए की सरकार है। जिसमें बीजेपी के 74, जेडीयू के 45, हम के 4, वीआईपी के 4 और 1 निर्दलीय मिलाकार 128 का आंकड़ा है। वहीं महागठबंधन के पास राजद के 75, कांग्रेस के 19, लेफ्ट के 16 सीटें हैं जो मिलाकर 110 होती हैं। वहीं असद्दुदीन ओवैसी की पार्टी के पास 5 विधायक हैं। ऐसे में अगर समीकरण बदला तो महागठबंधन+एआईएमआईएम+हम+वीआईपी यानी 110+5+4+4=123 का बहुमत हो जाएगा। 





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