इसरो प्रमुख बोले, लॉकडाउन की वजह से गगनयान, चंद्रयान-3 समते 10 अभियान हुए बाधित

isro
इसरो प्रमुख ने कहा, ‘‘लेकिन कोविड-19 महामारी की वजह से सभी चीजें बाधित हो गईं। कोविड-19 संकटसे निपटने के बाद हमें एक आकलन करना होगा।’’ सिवन ने कहा, ‘‘ लॉकडाउन की वजह से गंगनयान प्रभावित होगा…सभी उद्योगों ने काम करना अभी शुरू नहीं किया है।’’

नयी दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) प्रमुख के सिवन ने बुधवार को कहा कि लॉकडाउन की वजह से अंतरिक्ष में मानव को भेजने और चंद्रयान-3 अभियान में देर होने के अलावा ऐसे 10 अंतरिक्ष अभियान ‘बाधित’ हुए हैं, जिनके इस साल होने की योजना थी। उन्होंने कहा कि इसरो अपने अंतरिक्ष अभियानों पर लॉकडाउन के प्रभाव का आकलन करेगा। इसरो प्रमुख ने बताया कि अंतरिक्ष एजेंसी ने इस साल 10 प्रक्षेपण की योजना बनाई थी। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन कोविड-19 महामारी की वजह से सभी चीजें बाधित हो गईं। कोविड-19 संकटसे निपटने के बाद हमें एक आकलन करना होगा।’’ सिवन ने कहा, ‘‘ लॉकडाउन की वजह से गंगनयान प्रभावित होगा…सभी उद्योगों ने काम करना अभी शुरू नहीं किया है।’’ 

इसे भी पढ़ें: बंगाल में कोरोना के मामले 15 हजार के पार, संक्रमण से 591 लोगों की मौत

उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीने में अभियान का कार्य प्रभावित हो गया। इसरो प्रक्षेपण से जुड़े उपकरणों के उत्पादन के लिए निजी क्षेत्र पर निर्भर है। इसरो को उपकरण उपलब्ध कराने वालों में शामिल सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमईएस) भी लॉकडाउन से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए है। उन्होंने बताया, ‘ ‘ चंद्रयान-तीन समेत सभी अभियान प्रभावित हुए हैं।’’ सिवन ने कहा, ‘‘ हमें गगनयान पर लॉकडाउन के प्रभावों का आकलन करना होगा।’’ पिछले साल चंद्रयान-2 के चंद्रमा की सतह पर हार्ड लैंडिंग होने के बाद इसरो ने चंद्रयान-3 प्रक्षेपित करने की योजना बनाई थी, जिसे इसी साल चांद पर भेजा जाना था। गगनयान मिशन के तहत 2022 तक तीन भारतीयों को अंतरिक्ष में भेजा जाना है। इसके लिए चार अंतरिक्ष यात्रियों का चयन भी हो चुका है और वे रूस में प्रशिक्षण हासिल कर रहे हैं लेकिन यह भी लॉकडाउन की वजह से प्रभावित हुआ है।

Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


अन्य न्यूज़