सबजार के मारे जाने के बाद घाटी में तनाव, स्थिति नियंत्रण में

हिजबुल मुजाहिदीन कमांडर सबजार भट के मारे जाने के बाद राज्य में गड़बड़ी उत्पन्न होने की आशंका में अधिकारियों ने घाटी के अधिकतर हिस्सों में कर्फ्यू जैसी पाबंदियां लागू की थीं।

श्रीनगर। कश्मीर में स्थिति आज तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में रही, हालांकि सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में हिजबुल मुजाहिदीन कमांडर सबजार भट के मारे जाने के बाद राज्य में गड़बड़ी उत्पन्न होने की आशंका में अधिकारियों ने घाटी के अधिकतर हिस्सों में कर्फ्यू जैसी पाबंदियां लागू की थीं। पुलिस के एक प्रवक्ता ने कहा कि पुलवामा, कुलगाम, शोपियां और सोपोर में पथराव की कुछ घटनाओं को छोड़कर पूरी घाटी में स्थिति शांतिपूर्ण रही।

प्रवक्ता ने कहा कि पुलवामा में उपद्रवियों के एक समूह ने तहाब स्थित सीआरपीएफ के एक शिविर पर पथराव किया। उन्होंने कहा कि पुलिस और सुरक्षा बलों ने इन स्थानों पर स्थिति से निपटने में ‘‘अधिकतम संयम’’ बरता और पथराव करने वालों को तितर बितर कर दिया गया। दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले के त्राल स्थित सोयमोह क्षेत्र में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में भट और एक अन्य आतंकवादी के मारे जाने के बाद प्रदर्शनों के मद्देनजर कानून एवं व्यवस्था की स्थिति बनाये रखने के लिए पाबंदियां लागू की गईं। अधिकारियों ने बताया कि श्रीनगर के सात पुलिस थाना क्षेत्रों में पाबंदियां लागू की गई हैं। एहतियाती कदम के तौर पर खानयार, नौहट्टा, सफाकदल, एम आर गंज, रैनवाड़ी, क्रालखुद और मैसुमा पुलिस थाना इलाकों में पाबंदियां लागू की गई हैं। अधिकारियों ने कहा कि दक्षिण कश्मीर में अनंतनाग, पुलवामा और शोपियां जिलों तथा उत्तर कश्मीर में सेापोर में भी पाबंदियां लगाई गई हैं। उन्होंने कहा कि मध्य कश्मीर के बडगाम और गंदेरबल जिलों में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत चार से अधिक लोगों के एकत्रित होने पर पाबंदी लगाई गई है।

हिजबुल मुजाहिदीन के दो आतंकवादियों के मारे जाने के बाद घाटी में कई जगहों में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच हिंसक झड़पों में कम से कम 30 लोग घायल हो गए। आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच शनिवार को मुठभेड़ में कथित रूप से गोलीबारी में एक नागरिक भी मारा गया था। भट को त्राल स्थित उसके पैतृक रत्सुना इलाके में आज सुबह दफनाया गया। इस दौरान सैंकड़ों लोग मौजूद थे। अधिकारियों ने बताया इस दौरान शांति रही।

इस बीच अलगाववादियों ने दो आतंकवादियों के मारे जाने और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित रूप से ‘‘अत्यधिक बलप्रयोग’’ के खिलाफ में दो दिन के बंद का आह्वान किया है। इसके कारण घाटी में अन्य स्थानों पर सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ। अलगाववादी नेताओं हुर्रियत कान्फ्रेंस के दोनों धड़ों के अध्यक्षों सैयद अली शाह गिलानी और मीरवाइज उमर फारूक और जेकेएलएफ प्रमुख यासीन मलिक ने दोनों के मारे जाने के खिलाफ मंगलवार को त्राल तक एक मार्च का आह्वान किया। मलिक को आज यहां स्थित उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया गया जबकि गिलानी और मीरवाइज को घरों में नजरबंद कर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि हिंसक प्रदर्शनों को फैलने से रोकने के लिए एहतियात के तौर पर अधिकारियों ने घाटी में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को बंद कर दिया है जबकि प्रीपेड नंबरों पर फोन करने की सुविधा भी रोक दी गई है।

Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


अन्य न्यूज़