आतंकवाद, नक्सलवाद देश के लिए खतरा, फिर भी कांग्रेस की सहानुभूति: योगी

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 21, 2018   19:27
आतंकवाद, नक्सलवाद देश के लिए खतरा, फिर भी कांग्रेस की सहानुभूति: योगी

उन्होंने कहा कि पंद्रह वर्ष पूर्व नक्सलवाद यहां दस्तक दे रहा था। गरीबी से गरीबों का जीना बेहाल था। गड्ढों की सड़कें, बेरोजगार युवा मध्य प्रदेश की पहचान थी।

राजगढ़ (मप्र)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह का नाम लिये बिना बुधवार को कहा कि कांग्रेस के एक बड़े नेता का नाम नक्सलवादियों के एक मामले में सामने आया है। आतंकवाद और नक्सलवाद देश के लिये खतरा हैं, फिर भी इनसे कांग्रेस की सहानुभूति है। जिले के नरसिंहगढ़ विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के समर्थन में सभा को सम्बोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘‘कांग्रेस के बड़े नेता का नाम नक्सलवादियों के एक मामले में सामने आया है। आतंकवाद और नक्सलवाद देश के लिए खतरा हैं। फिर भी कांग्रेस की सहानुभूति है जो निंदनीय है। किसानों का हक छीनने वाली कांग्रेस को गांधी जी की इच्छा के अनुसार खत्म कर देना चाहिए, यह आपकी जवाबदारी है।’’ 

उन्होंने कहा कि पंद्रह वर्ष पूर्व नक्सलवाद यहां दस्तक दे रहा था। गरीबी से गरीबों का जीना बेहाल था। गड्ढों की सड़कें, बेरोजगार युवा मध्य प्रदेश की पहचान थी। गरीबों को खाद्यान्न नहीं मिलता था। भाजपा ने सबको संभाला, गरीबों की थाली में भोजन का प्रबंध किया। योगी ने कहा कि शिवराज ने बीमारू राज्य से मध्य प्रदेश को विकास की ओर बढ़ाया। संबल जैसी योजनाएं शुरू कीं। मध्य प्रदेश में जहां बिजली नहीं मिलती थी, उसे सरप्लस बिजली वाला राज्य बनाया। गरीब को बिजली देना, छत के रूप में मकान, खाने के लिए खाद्यान्न, हर बहन को सुरक्षा देना, यही राम राज्य है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रयागराज को ‘अलाहाबाद’ बनाए रखना ठीक नहीं था, इसलिये हमने मां गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम को पुन: प्रयागराज बनाया। उन्होंने दावा किया कि मध्य प्रदेश सहित पांचों राज्यों में भाजपा की सरकार बन रही है, इसलिये नरसिंहगढ़ में कमल खिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा ने मध्य प्रदेश में विकास किया, प्रशासनिक दक्षता के साथ प्रदेश की तस्वीर बदली, इसलिये इस दफा भी मौका भाजपा को मिला चाहिए। 

योगी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी कहते थे कि एक रुपया ऊपर से देता हूं तो नीचे 15 पैसे पहुंचते हैं और अब हमारे प्रधानमंत्री मोदी जी का कहना है कि सौ रुपये भेजता हूँ तो नीचे भी सौ रुपये ही आते हैं। यही तो भ्रष्टाचार मुक्त भारत में सुखद सुशासन की अनुभूति है।





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