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कांग्रेस का सवाल, PM बताएं, माल्या को भगाने के षड्यंत्र का सूत्रधार कौन?

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Publish Date: Sep 14 2018 6:03PM

कांग्रेस का सवाल, PM बताएं, माल्या को भगाने के षड्यंत्र का सूत्रधार कौन?
Image Source: Google

नयी दिल्ली। कांग्रेस ने भगोड़े कारोबारी विजय माल्या को लेकर आज सरकार पर हमला जारी रखा और सवाल किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बताएं कि माल्या को भगाने के षड्यंत्र का सूत्रधार कौन है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने यह भी दावा किया कि इस मामले में 'अगर प्रधानमंत्री कार्रवाई नहीं करते हैं तो साबित हो जाएगा कि चौकीदार अब भागीदार ही नहीं, गुनाहगार है।' उन्होंने कहा कि अगले साल सत्ता में आने पर कांग्रेस माल्या को 'हथकड़ी डालकर' भारत वापस लाएगी।

 
सुरजेवाला ने कहा, 'ऐसा लगता है कि भाजपा बैंक घोटालेबाजों से 'चिड़िया उड़, मैना उड़' खेल रही है। कभी नीरव मोदी उड़, कभी चौकसी उड़ तो कभी माल्या उड़।' उन्होंने कहा, 'हमारी पार्टी के वरिष्ठ नेता पीएल पुनिया ने देखा कि संसद के केंद्रीय कक्ष में वित्त मंत्री अरुण जेटली और माल्या के बातचीत हुई। इस पर प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री की चुप्पी दोष स्वीकारने की ओर इशारा करती है। यह सरकार 'भगोड़े भगाओ, भगोड़े बचाओ' में लगी हुई है।'
 
सुरजेवाला ने कहा, 'जिस प्रकार से रहस्योद्घाटन हो रहा है उससे साफ है कि सरकारी एजेंसियां माल्या को भगाने में लगी थी। वित्त मंत्री की भूमिका सन्देह के घेरे में है। जेटली ने 30 महीने तक इस मुलाकात के बारे में एक शब्द नहीं कहा।' उन्होंने सवाल किया, 'मोदी सरकार में कौन वो व्यक्ति है जिसने सबीआई और दूसरे बैंकों को मजबूर किया कि वो माल्या का पासपोर्ट जब्त करवाने के लिए समय रहते हुए कोई मुकदमा दायर नहीं करें?'
 
सुरजेवाला ने कहा, 'पूर्व अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा कि माल्या को किसी ने सलाह दी थी कि वह देश से बाहर चला जाये। देश यह जानना चाहता है कि माल्या को भगाने के षड्यंत्र का सूत्रधार कौन है?' उन्होंने आरोप लगाया, 'सीबीआई की भूमिका को लेकर सवाल है। अब वो 'कंफर्ट ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन' बन गयी है। भाजपा भ्रष्टाचार मुक्त नहीं बल्कि जांच मुक्त है।' दरअसल, माल्या ने बुधवार को कहा कि वह भारत से रवाना होने से पहले वित्त मंत्री से मिला था और बैंकों के साथ मामले का निपटारा करने की पेशकश की थी।
 
उधर, वित्त मंत्री जेटली ने माल्या के बयान को झूठा करार देते हुए कहा कि उन्होंने 2014 के बाद उसे कभी मिलने का समय नहीं दिया था। जेटली ने कहा कि माल्या राज्यसभा सदस्य के तौर पर हासिल विशेषाधिकार का ‘दुरुपयोग’ करते हुए संसद-भवन के गलियारे में उनके पास आ गया था।
 

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