कांग्रेस के 'गढ़' में 'महाराज' की एंट्री, 'दिग्गी राजा' के लिए खड़ी हो सकती है बड़ी मुसीबत

कांग्रेस के 'गढ़' में 'महाराज' की एंट्री, 'दिग्गी राजा' के लिए खड़ी हो सकती है बड़ी मुसीबत

सिंधिया ने दिग्विजय के इलाके में सार्वजनिक कार्यक्रम या सभा नहीं की है। 2018 के विधानसभा चुनाव से पहले केवल एक बार 16 मई 2018 को जयवर्धन सिंह के निमंत्रण पर वे राघोगढ़ किले पर भोजन करने पहुंचे थे।

भोपाल। मध्य प्रदेश में बीजेपी और कांग्रेस के लिए आज यानी शनिवार टर्निंग प्वाइंट हो सकता है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के गढ़ और गृह नगर में कुछ बड़ा करने जा रहे हैं।

दरअसल दिग्गी राजा के करीबी और राघोगढ़ सीट से दो बार विधायक रहे मूलसिंह दादाभाई के बेट हीरेन्द्र सिंह बीजेपी में शामिल हो सकते हैं। ये खेल कराने वालें हैं ज्योतिरादित्य सिंधिया है। वे कांग्रेस का दामन छोड़कर कई समर्थकों के साथ सिंधिया की मौजूदगी में बीजेपी की सदस्यता ले सकते है।

वहीं सिंधिया के करीबियों ने बताया है कि हीरेंद्र सिंह लंबे समय से सिंधिया के संपर्क में हैं। उनके बीजेपी में आने की अटकलें काफी समय से चल रही हैं। लेकिन राघोगढ़ के आईटीआई ग्राउंड में शनिवार को सिंधिया का कार्यक्रम होना है।

आपको बता दें कि अभी तब सिंधिया ने दिग्विजय के इलाके में सार्वजनिक कार्यक्रम या सभा नहीं की है। 2018 के विधानसभा चुनाव से पहले केवल एक बार 16 मई 2018 को जयवर्धन सिंह के निमंत्रण पर वे राघोगढ़ किले पर भोजन करने पहुंचे थे। मार्च 2020 में बीजेपी का दामन थामने के बाद भी ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अभी तक दिग्विजय सिंह के इलाके में कार्यक्रम नहीं किया था। भाषणों में भी सिंधिया दिग्विजय सिंह पर खुलकर कुछ नहीं बोले हैं।

ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीजेपी में जाने के बाद से ही यह चर्चा थी कि सिंधिंया कब दिग्विजय सिंह को चुनौती देंगे। लगभग डेढ़ साल बाद बीजेपी दिग्गी राजा के इलाके में बड़ी सेंध लगाने में कामयाब होती दिखाई दे रही है। ऐसा माना जा रहा है कि जिस तरह उपचुनावों में दिग्विजय सिंह, उनके भाई लक्ष्मण सिंह और राघोगढ़ विधायक जयवर्धन सिंह चौपेट नदी की सीमा लांघकर सिंधिया के इलाके में चुनाव प्रचार करने आए थे।





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