अफसर ने जिलाधिकारी पर गंभीर आरोप लगा कर दिया इस्तीफा :शासन ने दिए जांच के आदेश

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बाराबंकी जिले के रामनगर ब्लॉक के खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) अमित त्रिपाठी ने जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाते हुए इस्तीफा दे दिया है। शासन ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।बाराबंकी के रामनगर ब्लॉक के बीडीओ त्रिपाठी ने जिले की मुख्य विकास अधिकारी एकता सिंह को भेजे गए त्यागपत्र में उन पर तथा जिलाधिकारी आदर्श सिंह पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है।

लखनऊ, 5 अगस्त। बाराबंकी जिले के रामनगर ब्लॉक के खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) अमित त्रिपाठी ने जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाते हुए इस्तीफा दे दिया है। शासन ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। हालांकि बाराबंकी के जिलाधिकारी डॉ आदर्श सिंह और मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) एकता सिंह ने बीडीओ अमित त्रिपाठी के सभी आरोपों को निराधार बताया है।

बाराबंकी के रामनगर ब्लॉक के बीडीओ त्रिपाठी ने जिले की मुख्य विकास अधिकारी एकता सिंह को भेजे गए त्यागपत्र में उन पर तथा जिलाधिकारी आदर्श सिंह पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है। सरकार ने बुधवार को इस मामले की जांच ग्राम्य विकास आयुक्त को सौंपी और उनसे तत्काल रिपोर्ट देने को कहा गया है। त्रिपाठी ने दो अगस्त को एकता सिंह को भेजे गए पत्र में उन पर तथा आदर्श सिंह पर पिछले एक महीने से उन्हें अत्याधिक परेशान और अपमानित करने आरोप लगाया है और यह भी कहा है कि वह मजबूर होकर त्यागपत्र दे रहे हैं।

त्यागपत्र में कहा गया है कि अगर आगे उन्होंने नौकरी की तो उनकी जान को खतरा भी हो सकता है। त्रिपाठी ने पत्र में गत एक जुलाई को पूरेडलई विकासखंड में हुए अपने स्थानांतरण का जिक्र करते हुए कहा है कि उन्होंने नया कार्यभार भी ग्रहण कर लिया था लेकिन बाराबंकी से सांसद उपेंद्र रावत तथा रामनगर विकासखंड के अन्य जनप्रतिनिधियों ने उनका स्थानांतरण रद्द करने के लिए जिलाधिकारी से बात की थी।

पत्र में कहा गया कि उसके बाद उनका तबादला निरस्त कर दिया गया था जबकि उन्होंने अपना तबादला रुकवाने के लिए कोई पैरवी नहीं की थी, मगर जनप्रतिनिधियों द्वारा फोन किए जाने को लेकर जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी नाराज थी। पत्र में आरोप लगाया गया है कि आठ जुलाई की शाम को उन्हें जिलाधिकारी आवास पर बुलाया गया जहां आदर्श सिंह और मुख्य विकास अधिकारी ने उन्हें बहुत डांटा-फटकारा और अपमानित किया, उसके बाद 30 जुलाई को दोनों अधिकारियों ने राम नगर विकास खंड का औचक निरीक्षण किया और तेज बुखार होने के बावजूद उन्हें जबरन बुलाकर फिर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया।

त्रिपाठी ने त्याग पत्र की एक प्रति प्रदेश शासन में अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह को भी भेजी जिन्होंने बुधवार को ग्राम्य विकास आयुक्त को मामले की जांच करके तत्काल रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं। जिलाधिकारी और सीडीओ द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि सरकार के निर्देश पर उच्च अधिकारी सरकारी कार्यालयों का निरीक्षण और कार्यस्थल का भौतिक सत्यापन करते हैं और रामनगर ब्लाक का निरीक्षण इसी संबंध में किया गया था। रामनगर ब्लॉक के निरीक्षण के दौरान कई खामियां और वित्तीय अनियमितताएं पाई गईं और इसकी रिपोर्ट सरकार के पास भेजी गई है।

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