सांसद के कहने के बावजूद प्रयागराज जिला प्रशासन ने किशोर का शव ले जाने की व्यवस्था नहीं की

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उत्तर प्रदेश में इलाहाबाद से सांसद रीता बहुगुणा जोशी ने बृहस्पतिवार को इस बात पर नाराज़गी जताई है कि उनके कहने के बावजूद जिलाधिकारी ने उस लड़के के शव को ले जाने के लिए कोई व्यवस्था नहीं की जिसकी मौत करंट लगने की वजह से हो गई थी। अस्पताल की ओर से एंबुलेंस नहीं मिलने पर मंगलवार को उसके पिता को शव कंधे पर रखकर बारिश के बीच करीब दो किलोमीटर पैदल चलना पड़ा था।

प्रयागराज, 5 अगस्त। उत्तर प्रदेश में इलाहाबाद से सांसद रीता बहुगुणा जोशी ने बृहस्पतिवार को इस बात पर नाराज़गी जताई है कि उनके कहने के बावजूद जिलाधिकारी ने उस लड़के के शव को ले जाने के लिए कोई व्यवस्था नहीं की जिसकी मौत करंट लगने की वजह से हो गई थी। करछना में एक किशोर को करंट लग गया था जिसे स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल (एसआरएन) ले गए थे जहां इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई थी लेकिन अस्पताल की ओर से एंबुलेंस नहीं मिलने पर मंगलवार को उसके पिता को शव कंधे पर रखकर बारिश के बीच करीब दो किलोमीटर पैदल चलना पड़ा था।

सांसद रीता बहुगुणा जोशी के मीडिया प्रभारी अभिषेक शुक्ला ने बताया कि पिता द्वारा अपने बेटे का शव कंधे पर लेकर पैदल जाने की घटना से सांसद बहुत विचलित हैं और उन्होंने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को कड़ा पत्र लिखकर नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि एक अगस्त को शुभम को करंट लगने की घटना की जानकारी मिलते ही सांसद जोशी ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से फोन पर बात कर इस घटना की जानकारी दी थी और बाद में मृतक का विवरण जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को एसएमएस के जरिए भेजा था और तत्काल कार्रवाई और आवश्यक व्यवस्था करने का निर्देश दिया था।

सांसद ने बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी को लिखे पत्र में कहा, “बजरंगी यादव के पुत्र शुभम की करंट लगने से मृत्यु के बारे में मैंने आपको और पुलिस अधीक्षक को देर शाम फोन पर जानकारी दी थी और आवश्यक व्यवस्था करने को कहा था।” पत्र में कहा गया है, “मुझे अफसोस है कि आप दोनों ने कुछ नहीं किया। इस मामले में पुलिस अधीक्षक और सीएमओ (मुख्य चिकित्सा अधिकारी) ने क्या कदम उठाए हैं, मुझे इसकी जानकारी लिखित रूप से आज ही व्हाट्सएप करें। आशा है कि मेरे इस पत्र को आप गंभीरता से लेंगे।” उल्लेखनीय है कि जिले के गंगापार करछना में सोमवार को शुभम नाम के एक किशोर की मृत्यु करंट लगने से हो गई थी। घटना के अगले दिन मंगलवार को सरकारी अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम के बाद मृतक के पिता को एंबुलेंस नहीं मिलने के कारण उसे बारिश में भीगते हुए अपने बेटे का शव कंधे पर रखकर गांव के लिए निकलना पड़ा।

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