गोरखपुर खबरें: कोरोना से लड़ना है तो सही से मास्क लगाना ही होगा, जानिए क्या है कारगर तरीका

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  अप्रैल 23, 2021   15:46
गोरखपुर खबरें: कोरोना से लड़ना है तो सही से मास्क लगाना ही होगा, जानिए क्या है कारगर तरीका

कोरोनावायरस के मामले के बीच केंद्र सरकार ने 18 वर्ष तथा उससे ऊपर आयु के लोगों को टीका लगवाने का ऐलान कर दिया है जिसके तहत 1 मई से टीकाकरण का विशेष अभियान चलाया जाएगा।

वैक्सीन के दाम को लेकर भड़के नगर विधायक डॉक्टर राधा मोहन दास अग्रवाल

गोरखपुर। कोरोनावायरस के मामले के बीच केंद्र सरकार ने 18 वर्ष तथा उससे ऊपर आयु के लोगों को टीका लगवाने का ऐलान कर दिया है जिसके तहत 1 मई से टीकाकरण का विशेष अभियान चलाया जाएगा।  इस बीच गोरखपुर शहरी क्षेत्र से भाजपा विधायक डॉ राधामोहन दास अग्रवाल ने वैक्सीन की लागत और आम आदमी को कंपनी द्वारा बताई गई कीमत को लेकर सवाल उठाया है। डॉक्टर राधा मोहन दास अग्रवाल ने कहा है कि को वी शिल्ड वैक्सीन को जिन दामों पर भारत सरकार तथा राज्य सरकार आम नागरिकों को उपलब्ध कराने की बात कर रही है उनमें बड़ी विसंगतियां पाई जा रही हैं पेशे से चिकित्सक डॉक्टर राधा मोहन दास अग्रवाल ने कहा कि यह वैक्सीन भारत सरकार को ₹220 राज्य सरकार को ₹400 तथा जनता को ₹600 में मुहैया कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि कंपनी की लागत ₹220 है तथा उन्होंने कहा कि यदि कंपनी भारत सरकार को ₹220 में वैक्सिंग दे सकती है तो जनता को क्यों नहीं उन्होंने कहा कि इस संकट काल में वैक्सीन से होने वाली कमाई की सीमा तय होनी चाहिए। 

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 डॉक्टर राधा मोहन दास अग्रवाल ने एक ट्वीट करके प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री अमित शाह तथा स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन को टैग करते हुए लिखा कि ऐसी फैक्ट्री का पेंडमिक एक्ट के तहत अधिग्रहण कर लेना चाहिए डॉ अग्रवाल ने कहा कि इस संकट काल में इन कंपनियों को कितनी प्रॉफिट चाहिए। इसकी जवाबदेही होनी चाहिए। डॉक्टर राधा मोहन दास अग्रवाल ने कहा कि यदि युद्ध स्तर पर टीकाकरण अभियान भारत सरकार द्वारा चलाया जा रहा है तो इस प्रकार के विसंगति पूर्ण कार्य क्यों किए जा रहे हैं उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्र के स्वास्थ्य केंद्रों के लिए ही नहीं बल्कि पूरे गोरखपुर महानगर के लिए यह चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि एक चिकित्सक के रूप में मेरी संवेदनाएं सारे वर्ग के लोगों के साथ हमेशा रहती हैं इसलिए मैं आग्रह करता हूं कि भारत सरकार इस पर कदम उठाए और एक निश्चित दाम तय करके यह वैक्सीन लोगों तक उपलब्ध कराएं।

 

 24 अप्रैल से गोरखपुर स्थित एम्स की ओपीडी सेवा रहेगी बंद केवल कंसलटेंसी सेवा ही रहेगी जारी

एम्स प्रशासन ने जारी किया टेलीफोन नंबर जिसके माध्यम से मरीज बात करके अपनी समस्याओं का समाधान पा सकते हैं। जानकारी के मुताबिक गोरखपुर महानगर में कोरोना संक्रमण दिन प्रतिदिन बढ़ता चला जा रहा है उसी के मद्देनजर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान गोरखपुर ने सीधी ओपीडी सेवा 24 अप्रैल से बंद करने का निर्णय लिया है। गोरखपुर एम्स में केवल सीधी टेली कंसल्टेंसी सेवा उपलब्ध रहेगी यदि किसी भी मरीज को किसी प्रकार की कोई समस्या आती है तो वह टेली कंसल्टेंसी की मदद से अपना उपचार करा सकता है इसके लिए एम्स प्रशासन ने टेलीफोन नंबर भी जारी किया है। यह टेलीफोन नंबर है 0551- 220 5501 तथा दूसरा नंबर है 0551- 205585 इस नंबर पर मरीज अपनी समस्या बता कर अपना इलाज करा सकते हैं इसी नंबर पर डॉक्टर आपको उचित सलाह देकर और उचित दवाइयों के बारे में जानकारी देकर आप से सीधा संपर्क टेलिफोनिकली कर सकते हैं। 

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 गोरखपुर एम्स प्रशासन ने बताया कि यह सेवा किसी को आहत करने के लिए नहीं बल्कि कोरोनावायरस के रोकथाम के लिए चलाई जा रही है जानकारी के मुताबिक प्रशासन ने कहा कि दिन-प्रतिदिन संक्रमितों की संख्या बढ़ती ही चली जा रही है उसी के मद्देनजर यह फैसला लिया गया है एम्स प्रशासन ने कहा कि जिन दो नंबरों को प्रशासन द्वारा लागू किया गया है वह नंबर सुचारू रूप से सक्रिय रहेंगे अतः मरीज उन पर सीधा संवाद करके अपनी परेशानियों को बताकर निराकरण पा सकता है। एम्स प्रशासन ने आग्रह किया कि यदि गोरखपुर के लोग या आसपास के लोग कोरोना गाइडलाइन  के तहत अपने कार्य करेंगे तब भी वे कोरोना संक्रमण से बच सकते हैं उन्होंने अपील किया कि लोग मास्क जरूर पहनें, अपने हाथों को धोते रहें और समाजिक दूरी का पालन करें।

 

कोरोना से लड़ना है तो सही से मास्क लगाना ही होगा, जानिए क्या है कारगर तरीका

गोरखपुर। कोविड के बढ़ते मामलों और दंडात्मक प्राविधान के कारण लोगों ने मॉस्क पहनना शुरू तो कर दिया है लेकिन ढे़र सारे लोग इसका सही तरीके से प्रयोग नहीं कर रहे हैं। ऐसे लोगों के मॉस्क पहनने का कोई मतलब नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि सही तरीके से मॉस्क न पहनना कोविड की जद में आने का खतरा बढ़ा देता है। मॉस्क पहनने से लेकर उसके निस्तारण तक सतर्कता आवश्यक है। अगर इस प्रक्रिया में चूक होती है तो मॉस्क के जरिये भी बीमारी का प्रसार हो सकता है। इस संबंध में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भी सोशल मीडिया के जरिये अभियान चला कर लोगों को जागरूक कर रहा है। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (आरसीएच) डॉ. नंद कुमार का कहना है कि मॉस्क के प्रति सतर्कता का व्यवहार नितांत आवश्यक है। मॉस्क को डोरी के जरिये ही पहनना चाहिए और डोरी की मदद से ही उतारना चाहिए। जहां एक से अधिक लोग आसपास हों वहां मॉस्क न उतारें। अकेले बैठे हों तो मॉस्क उतार सकते हैं। खासतौर से भोजन करते समय यह ध्यान दें कि मॉस्क अकेले में उतारें। मॉस्क को कभी भी सामने से पकड़ कर न उतारें। मॉस्क पहनते समय ऊपर की डोरी हमेशा पहले बांधनी चाहिए। ढेर सारे लोग मॉस्क नाक के नीचे पहनते हैं जो कि सही तरीका नहीं है। सभी को सुनिश्चित करना चाहिए कि मॉस्क से मुंह और नाक अच्छी तरह से ढंका हो। मॉस्क इतनी सख्ती से भी न बांधें कि सांस लेने में परेशानी हो। आवश्यक नहीं है कि सभी लोग एन-95 मॉस्क पहने। कपड़े के दो लेयर मॉस्क के ऊपर एक सर्जिकल मॉस्क पहन कर भी कोविड से बचाव किया जा सकता है। जिला क्वालिटी एश्योरेंस कंसल्टेंट डॉ. मुस्तफा खान का कहना है कि ढेर सारे लोग मॉस्क को सरका कर दाढ़ी पर रख लेते हैं। यह उचित व्यवहार नहीं है। जब कुछ खाना या पीना हो तो मॉस्क को सही तरीके से उतार कर रख दें। मॉस्क को हमेशा खूंटी पर टागें। अगर गलती से किसी सतह पर मॉस्क रख दिया है तो उसे सेनेटाइज करना ना भूलें। अपने मॉस्क को कभी भी सामने से न छुएं। मॉस्क हटाते समय नीचे की डोरी पहले खोलें। मॉस्क को डोरी की सहायता से ही उतारना चाहिए। कपड़े का मॉस्क है तो धुल कर पुनः इस्तेमाल कर सकते हैं लेकिन अगर सर्जिकल मॉस्क है तो उसे धुल कर इस्तेमाल करना सुरक्षित नहीं है। एक ही सर्जकल मॉस्क को कई दिनों तक इस्तेमाल न करें। खांसते-छींकते समय मॉस्क का इस्तेमाल अवश्य करना चाहिए।

टीकाकरण के बाद भी पहनना है मॉस्क

अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी का कहना है कि टीकाकरण के बाद भी कोविड नियमों का सभी को पालन करना चाहिए। टीके की दोनों डोज लगने के बावजूद मॉस्क का इस्तेमाल अवश्य करें। अगर कोई कोविड मरीज मॉस्क लगाए है और उसके सामने बैठा आदमी भी मॉस्क पहने हुए है तो बीमारी के एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में प्रसार की आशंका अत्यंत कम हो जाती है। लेकिन अगर दोनों लोग मॉस्क नहीं लगाए हैं तो बीमारी के संचरण की आशंका प्रबलतम हो जाती है। लोगों को हमेशा ट्रिपल लेयर मॉस्क पहनना है। यह मॉस्क छह से आठ घंटे में बदलना है। प्रयोग किये गये मॉस्क को पेपर बैग में लपेट कर तीन दिन के बाद ही सामान्य कचरा पात्र में डालें।

मॉस्क के फायदे

• यह कोविड-19 के साथ-साथ अन्य वायरस से भी बचाव करता है।

• टीबी के बैक्टेरिया से भी बचाव होता है।

• नाक और मुंह को धूल-मिट्टी से भी बचाता है।

• हर प्रकार के इंफेक्शन से बचाव करता है। 





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