सबरीमला मामले में हमारा न्यायपालिका से कोई टकराव नहीं: भाजपा

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Publish Date: Oct 29 2018 3:11PM
सबरीमला मामले में हमारा न्यायपालिका से कोई टकराव नहीं: भाजपा
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भाजपा प्रवक्ता ने कहा, "सबरीमला मंदिर हो या शिवलिंग, ये हमारी आस्था के केंद्र हैं। हम बहुत ही विनम्रता और प्रेम के साथ अपनी आस्था के लिये खड़े हुए हैं।"

इंदौर। उच्चतम न्यायालय के सबरीमला मंदिर संबंधी फैसले पर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के हालिया बयान का बचाव करते हुए सत्तारुढ़ पार्टी ने सोमवार को कहा कि उसका न्यायपालिका से कोई टकराव नहीं है और वह आस्था के इस विषय को ‘बेहद विनम्रतापूर्वक’ उठा रही है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा से यहां संवाददाता सम्मेलन में पूछा गया था कि क्या सबरीमला मामले में शाह का बयान न्यायपालिका से उनकी पार्टी के टकराव की ओर इशारा करता है।

 
जवाब में पात्रा ने कहा, ‘‘(न्यायपालिका से) कहीं किसी टकराव की स्थिति नहीं है। भाजपा का बड़ी स्पष्टता से मानना है कि आस्था एक ऐसा विषय है जिसका हम सबको सम्मान करना चाहिये।’’ भाजपा प्रवक्ता ने कहा, "सबरीमला मंदिर हो या शिवलिंग, ये हमारी आस्था के केंद्र हैं। हम बहुत ही विनम्रता और प्रेम के साथ अपनी आस्था के लिये खड़े हुए हैं।" 
 


सबरीमला मंदिर को सभी आयु वर्ग की महिलाओं के लिये खोलने के उच्चतम न्यायालय के आदेश के खिलाफ प्रदर्शनों की भाजपा और आरएसएस द्वारा अगुवाई करने के बीच पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने हाल ही में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में कहा था, ‘‘सरकारों और अदालतों को ऐसे आदेश पारित करने चाहिये जिनका पालन हो सके। इन्हें ऐसे आदेश पारित नहीं करने चाहिये जो लोगों की आस्था को तोड़ने का काम करें।’’ 
 
यह पूछे जाने पर क्या नरेंद्र मोदी सरकार अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त करने के लिये संतों की मांग के मुताबिक कानून बनायेगी इस पर भाजपा प्रवक्ता ने कहा, ‘‘राम मंदिर मामला फिलहाल अदालत में विचाराधीन है। हिन्दुस्तान की राजनीति का बड़ा धड़ा इस मामले की अदालती सुनवाई टलवाने की कोशिश करता रहा है। लेकिन भाजपा संवैधानिक तरीके से अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण चाहती है।’’ 
 
राफेल घोटाले को लेकर मोदी सरकार पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के तीखे हमलों पर पात्रा ने कहा, ‘‘अगर इस मामले में कांग्रेस अध्यक्ष के पास वास्तविक तथ्य और दस्तावेज हैं, तो वह अदालत का दरवाजा क्यों नहीं खटखटाते। वह लगातार झूठी बयानबाजी करते हुए राफेल-राफेल कह रहे हैं। लेकिन झूठ को बार-बार दोहराने से यह सच नहीं हो जाता।’’ पात्रा ने राफेल का संधि विच्छेद करते हुए इसे ‘राहुल + फेल’ बताया और आरोप लगाया कि कांग्रेस की अगुवाई वाली पूर्ववर्ती संप्रग सरकार के राज में देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया गया था।


 
‘देश का चौकीदार चोर है’ के जुमले का बार-बार इस्तेमाल किये जाने पर क्या भाजपा राहुल के खिलाफ प्रधानमंत्री की मानहानि का अदालती मुकदमा दायर करेगी, इस सवाल पर भाजपा प्रवक्ता ने जवाब दिया, ‘‘हमें राहुल पर मानहानि का मुकदमा दायर करने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि कांग्रेस नेताओं द्वारा प्रधानमंत्री के खिलाफ अपशब्दों के इस्तेमाल पर पिछले विधानसभा चुनावों में खुद जनता उनकी पार्टी को करारा जवाब दे चुकी है। इस तरह की गाली-गलौच वाली भाषा के बूते राजनीति में कभी आगे नहीं बढ़ा जा सकता।’’

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