महाकाल मंदिर में पुजारियों द्वारा निर्धारित ड्रेस कोड पर कोई आपत्ति नहीं: उमा भारती

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उन्होंने कहा कि दर्शन करके मंदिर से बाहर निकली तब मीडिया जगत से जुड़े कई लोग उपस्थित थे। उन्होंने मुझसे बहुत सारे प्रश्न किए, किंतु एक महत्वपूर्ण प्रश्न ‘ड्रेस कोड’ के बारे में था।

उज्जैन (मध्य प्रदेश)। भाजपा की वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री उमा भारती ने मंगलवार को कहा कि मुझे साड़ी पहनना बहुत पसंद है और मुझे उज्जैन के प्रसिद्ध महाकाल मंदिर में पुजारियों द्वारा महिलाओं के लिए निर्धारित किए गए ‘ड्रेस कोड’ पर कोई आपत्ति नहीं है। महाकाल मंदिर में दर्शन करने के बाद उमा ने कई ट्वीट कर लिखा, ‘‘आज मैंने सवेरे 9:00 से 10:00 के बीच में उज्जैन में बाबा महाकाल के दर्शन किए एवं उन्हें जल चढ़ाया एवं संपूर्ण विश्व के कल्याण की कामना की। हर हर महादेव।’’

उन्होंने कहा कि दर्शन करके मंदिर से बाहर निकली तब मीडिया जगत से जुड़े कई लोग उपस्थित थे। उन्होंने मुझसे बहुत सारे प्रश्न किए, किंतु एक महत्वपूर्ण प्रश्न ‘ड्रेस कोड’ के बारे में था। पत्रकार ने उमा से सवाल किया था कि उन्होंने मंदिर के गर्भगृह में जल चढ़ाते वक्त मंदिर द्वारा महिलाओं के लिए तय किया गया ‘साड़ी’ पहनने का ड्रेस कोड का पालन क्यों नहीं किया। उमा ने आगे लिखा, ‘‘मैंने उसका उत्तर दिया जो इस प्रकार है- मुझे पुजारियों द्वारा निर्धारित ‘ड्रेस कोड’ पर कोई आपत्ति नहीं है। मैं जब अगली बार मंदिर में दर्शन करने आऊंगी तब वह यदि कहेंगे तो मैं साड़ी भी पहन लूंगी।’’

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उन्होंने कहा, ‘‘मुझे तो साड़ी पहनना बहुत पसंद है तथा मुझे और खुशी होगी यदि पुजारीगण ही मुझे अपनी बहन समझकर मंदिर प्रवेश के पहले साड़ी भेंट कर दें। मैं बहुत सम्मानित अनुभव करूंगी।  उमा ने आगे लिखा, ‘‘यह बहुत कम लोगों को मालूम होगा कि महाकाल के पुजारी युद्ध कला में भी पारंगत हैं। वह महाकाल के सम्मान की रक्षा के लिए जान न्योछावर करने के लिए तैयार रहते हैं। ऐसे महान परंपराओं के रक्षकों की हर आज्ञा सम्मान योग्य है। उस पर कोई विवाद नहीं हो सकता।’’

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