टिकट वितरण में धर्म के आधार पर कोई कोटा प्रणाली नहीं होनी चाहिए: राज्यवर्धन राठौड़

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 18, 2018   15:27
टिकट वितरण में धर्म के आधार पर कोई कोटा प्रणाली नहीं होनी चाहिए: राज्यवर्धन राठौड़

उन्होंने एक अन्य प्रश्न के जवाब में कहा कि चुनाव में टिकट वितरण में धर्म के आधार पर कोई कोटा नहीं होना चाहिए। अगर हमारा काम किसी संप्रदाय तक नहीं पहुंचा हो तो हम कठघरे में खडे़ हो सकते है।

जयपुर। केन्द्रीय मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने रविवार को कहा कि टिकट वितरण में धर्म के आधार पर किसी प्रकार की कोटा प्रणाली नहीं होनी चाहिए। राठौड़ ने राजस्थान में सात दिसम्बर को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिये भाजपा द्वारा एक भी मुस्लिम उम्मीदवार को टिकट नहीं देने के प्रश्न का जवाब देते हुए कहा कि टिकटों के वितरण में धर्म के आधार पर किसी प्रकार की कोटा प्रणाली नहीं होनी चाहिए। यदि हमारी सरकार द्वारा किये गये काम धर्म के कारण किसी तक नहीं पहुंचे हों, तो हमसे यह प्रश्न किया जा सकता है। 

कांग्रेस द्वारा झालरापाटन से मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के सामने मानवेन्द्र सिंह को टिकट दिये जाने के प्रश्न का जवाब देते हुए केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि राजे की कई सालों से मुख्यमंत्री के रूप में प्रदेश में अपनी बहुत बड़ी छवि है और कांग्रेस के उम्मीदवार मानवेन्द्र सिंह कोई असर नहीं डाल पायेंगे। कांग्रेस ने मानवेन्द्र सिंह का पूरी तरह ‘‘शोषण’’ किया है।

उन्होंने एक अन्य प्रश्न के जवाब में कहा कि चुनाव में टिकट वितरण में धर्म के आधार पर कोई कोटा नहीं होना चाहिए। अगर हमारा काम किसी संप्रदाय तक नहीं पहुंचा हो तो हम कठघरे में खडे़ हो सकते है। हमने तो ऐसा बड़ा काम किया जो आज तक मुस्लिम लोगों को टिकट देने वाले नहीं कर पाए। इस संदर्भ में उन्होंने तीन तलाक का उदाहरण दिया। 

राठौड़ ने कहा कि हमारी उज्जवला गैस योजना, जनधन योजना, मुद्रा योजना अगर मुस्लिम समुदाय तक नहीं पहुंची हो तो आप सवाल कर सकते हैं लेकिन भाजपा टिकट वितरण में धर्म के आधार पर कोटा प्रणाली के पक्षधर नहीं है। उन्होंने कहा कि जयपुर ग्रामीण लोकसभा क्षेत्र की सभी विधानसभा क्षेत्रों के उम्मीदवारों के लिये वे सक्रिय रूप से पार्टी और उम्मीदवार के पक्ष में प्रचार कर रहे है।





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