तृणमूल और भगवा दल को एक ही खाने में नहीं रखा जा सकता, भाजपा सबसे बड़ी दुश्मन: दीपांकर भट्टाचार्य

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 21, 2020   13:45
  • Like
तृणमूल और भगवा दल को एक ही खाने में नहीं रखा जा सकता, भाजपा सबसे बड़ी दुश्मन: दीपांकर भट्टाचार्य
Image Source: Google

भाकपा (माले) के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि कांग्रेस को इन दोनों पार्टियों के गठबंधन में प्रमुख भूमिका नहीं दी जानी चाहिए क्योंकि इससे वामदल को बहुत लाभ नहीं होगा।

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में भाजपा को ‘राजनीतिक दुश्मन नंबर एक’ करार देते हुए भाकपा (माले) के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने शनिवार को कहा कि तृणमूल कांग्रेस और भगवा दल को एक ही खाने में नहीं रखा जा सकता और वाम व कांग्रेस को पश्चिम बंगाल में पहले ‘‘सबसे बड़े खतरे’’ का मुकाबला करना चाहिए। उन्होंने रेखांकित किया कि पश्चिम बंगाल में ‘विभाजनकारी ताकतों’ का मुकाबला करने के लिए माकपा में ‘भाजपा विरोधी आक्रमकता’ की कमी है। भट्टाचार्य ने इसके साथ ही कहा कि कांग्रेस को इन दोनों पार्टियों के गठबंधन में प्रमुख भूमिका नहीं दी जानी चाहिए क्योंकि इससे वामदल को बहुत लाभ नहीं होगा। 

इसे भी पढ़ें: ममता ने भाजपा पर किया परोक्ष हमला, कहा- कुछ लोग चुनाव में आते हैं बंगाल, लंबे-चौड़े वादे करके लौट जाते हैं 

उन्होंने दावा किया कि भगवा दल का सामना करना इस समय देश के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती है। उन्होंने सभी लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष ताकतों का आह्वान किया कि अगले साल अप्रैल-मई महीने में होने वाले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा को ‘प्रधान राजनीतिक दुश्मन’ के तौर पर लें। उन्होंने कहा, ‘‘बिहार के विपरीत, जहां केंद्र और राज्य में एक ही गठबंधन की सरकार थी, पश्चिम बंगाल की स्थिति अलग है जहां तृणमूल कांग्रेस सत्ता में है। तृणमूल कांग्रेस की कार्यप्रणाली ठीक नहीं है और हमें उसका भी विरोध करना होगा।’’

भट्टाचार्य ने कहा, ‘‘लेकिन एक बात स्पष्ट कर दूं कि तृणमूल कांग्रेस और भाजपा को एक ही खाने में नहीं रखा जा सकता। पश्चिम बंगाल में भाजपा को प्रधान राजनीतिक शत्रु के रूप में पहचान की जानी चाहिए।’’ उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर राज्य में गैर भाजपा सरकार है जो कुशासन और भ्रष्टाचार से घिरी हुई है, इसके बावजूद लोगों को भगवा दल का विरोध करना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘मुख्य ध्यान भाजपा पर होना चाहिए। भगवा पार्टी बड़ा खतरा है।’’ भट्टाचार्य ने रेखांकित किया कि जब लालू प्रसाद यादव नीत पार्टी बिहार की सत्ता में थी तब माकपा (माले) लिब्रेशन राजद के साथ-साथ भगवा दल के खिलाफ लड़ी थी। माकपा के कुछ नेताओं द्वारा तृणमूल कांग्रेस को पहले हराने संबंधी बयान पर भट्टाचार्य ने कहा कि यह अव्यावहारिक रुख है। 

इसे भी पढ़ें: मालदा विस्फोट मामले में भाजपा की केंद्र से हस्तक्षेप की मांग, तृणमूल ने घटना को सांप्रदायिक रंग देने का लगाया आरोप 

उन्होंने कहा, ‘‘अगर आप इस सिद्धांत के साथ जाते हैं कि भाजपा का मुकाबला करने के लिए पहले तृणमूल कांग्रेस को हराना चाहिए तब तो इस समय केंद्र सरकार का विरोध करने की जरूरत नहीं है। हमें भाजपा को सभी राज्यों में आने का इंतजार करना चाहिए और इसके बाद विरोध शुरू करना चाहिए। यह अव्यावहारिक रुख है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार वाम दलों और पूरे लोकतांत्रिक ढांचे के लिए बड़ा खतरा है।’’ भट्टाचार्य ने कहा कि पश्चिम बंगाल की स्थिति पर संदर्भ से अलग रहकर विचार नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘भारत में कोई पार्टी नहीं है जो भाजपा से अधिक खतरनाक है। भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में इससे ज्यादा स्याह दौर नहीं आया।’’

कम्युनिस्ट पार्टी के नेता ने राज्य में भाजपा को कड़ी टक्कर नहीं देने पर वैचारिक कॉमरेड माकपा की निंदा की। उन्होंने कहा, ‘‘माकपा में भाजपा विरोधी आक्रमकता नहीं दिख रही है। पश्चिम बंगाल में वाम के उदय की जरूरत है और इसके लिए संघर्ष और जन आंदोलन की जरूरत है। माकपा उम्मीदों पर खरा उतरने में असफल हुई है।’’ पश्चिम बंगाल में वाम-कांग्रेस गठबंधन पर भट्टाचार्य ने कहा कि इससे पुरानी पार्टी (कांग्रेस) को अधिक लाभ हुआ। 

इसे भी पढ़ें: मालदा के फैक्ट्री में हुए विस्फोट से छह व्यक्तियों की मौत, भाजपा ने घटना की NIA जांच की मांग की 

उन्होंने कहा कि माकपा अपनी रणनीतिक समझ का इस्तेमाल कांग्रेस के साथ गठबंधन में कर रही है लेकिन इसके नतीजे दिखाते हैं कि कांग्रेस को अधिक लाभ हो रहा है। माकपा को अपना आधार फिर से बढ़ाना चाहिए। पश्चिम बंगाल में वाम की कीमत पर भाजपा का आधार बढ़ रहा है। बिहार चुनाव के नतीजों जहां पर कांग्रेस ने महागठबंधन में खराब प्रदर्शन के बारे में संकेत करते हुए भट्टाचार्य ने कहा कि पुरानी पार्टी को नेतृत्व नहीं देना चाहिए। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में वाम-कांग्रेस गठबंधन में कांग्रेस बड़े भाई की भूमिका में आने की कोशिश कर रही है। यह सबसे दुर्भाग्यपूर्ण है जहां एक दशक पहले तक वाम दल सत्ता में थे।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बाजारों के लिए मानक संचालन प्रक्रिया किया जारी

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  दिसंबर 1, 2020   08:57
  • Like
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बाजारों के लिए मानक संचालन प्रक्रिया किया जारी
Image Source: Google

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बाजारों के लिए मानक संचालन प्रक्रिया जारी किया। मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) में कहा गया कि निरुद्ध क्षेत्र में स्थित दुकान बंद रहेंगीं। निरुद्ध क्षेत्र में रहनेवाले दुकानमालिकों और कर्मचारियों को बाजार में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।

नयी दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना वायरस के रोकथाम के मद्देनजर सोमवार को बाजारों के लिए मानक संचालन प्रक्रिया जारी किया। इसमें यह कहा गया है कि राशन की ऑनलाइन खरीद या घर तक पहुंचाने की सुविधा को बढ़ावा दिया जाना चाहिए और कम भीड़भाड़ वाले समयों में खरीदारी करने वाले लोगों को प्रोत्साहित या छूट देने पर भी विचार किया जा सकता है। मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) में कहा गया कि निरुद्ध क्षेत्र में स्थित दुकान बंद रहेंगीं। निरुद्ध क्षेत्र में रहनेवाले दुकानमालिकों और कर्मचारियों को बाजार में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।

इसे भी पढ़ें: किसानों और सरकार के बीच आज होगी बात, दोपहर 3 बजे दिल्ली के विज्ञान भवन में चर्चा

एसओपी में कहा गया है कि बाजारों में कोविड-19 रोकथाम संबंधित उपयुक्त व्यवहारों को बाजार संघ द्वारा कई कदमों से नियंत्रित किया जा सकता है। इस तरह के व्यवहारों को लागू करने पर नजर रखने और सुविधाएं देने के लिए उप-समितियों का गठन किया जा सकता है। इसमें सरकारी मान्यता प्राप्त दरों पर बाजार के प्रवेश बिंदुओं पर मास्क की उपलब्धता, हाथ साफ करने के स्थान बनाने की सलाह दी गई है। इसमें यह भी कहा गया है कि जहां स्वनियमन व्यवहार काम न करे या प्रभावी न हों, वहां मास्क नहीं पहनने या सामाजिक दूरी का पालन नहीं करने पर जुर्माना की योजना के बारे में भी सोचा जा सकता है।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


जम्मू-कश्मीर में DDC चुनाव के दूसरे चरण के लिए मतदान जारी

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  दिसंबर 1, 2020   08:41
  • Like
जम्मू-कश्मीर में DDC चुनाव के दूसरे चरण के लिए मतदान जारी
Image Source: Google

डीडीसी के दूसरे चरण के लिए मतदान में शुरुआती सूचना के अनुसार सुबह-सुबह कड़ाके की ठंड के कारण बहुत कम लोग मतदान केन्द्रों पर पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि दिन चढ़ने और तापमान बढ़ने के साथ मतदान में तेजी आने की संभावना है।

श्रीनगर। जम्मू कश्मीर में कड़ाके की ठंड और कड़े सुरक्षा इंतजाम के बीच जिला विकास परिषद (डीडीसी) के दूसरे चरण के लिए मतदान शुरू हो गया है। एक अधिकारी ने बताया, ‘‘मतदान सुबह सात बजे शुरू हुआ। शुरुआती सूचना के अनुसार सुबह-सुबह कड़ाके की ठंड के कारण बहुत कम लोग मतदान केन्द्रों पर पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि दिन चढ़ने और तापमान बढ़ने के साथ मतदान में तेजी आने की संभावना है। डीडीसी के दूसरे चरण के चुनाव के लिए 321 उम्मीदवार मैदान में हैं और इस चरण में पंजीकृत 7.90 लाख मतदाताओं के लिए 2,142 मतदान केन्द्र बनाए गए हैं।

जम्मू-कश्मीर में 280 सीटें हैं जिनमें से दूसरे चरण में 43 पर चुनाव हो रहा है। इनमें से 25 कश्मीर में और 18 जम्मू में हैं।

इसे भी पढ़ें: भाजपा ने कश्मीर के डीडीसी चुनाव के लिए उर्दू में जारी किया चुनाव घोषणा पत्र

केन्द्र शासित प्रदेश में 83 सरपंच पदों के लिए चुनाव हो रहा है जिसके लिए 223 उम्मीदवार मैदान में हैं। इसके अलावा 331 पंच पदों पर उपचुनाव हो रहे हैं जिसके लिए 700 से ज्यादा प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। प्रशासन ने घाटी के सभी 1,300 मतदान केन्द्रों को संवेदनशील घोषित किया है। जम्मू-कश्मीर के निर्वाचन आयुक्त के. के.शर्मा ने सोमवार को कहा, ‘‘सुरक्षा के दृष्टिकोण से कश्मीर के लगभग सभी मतदान केन्द्र संवेदनशील हैं। घाटी के मतदान केन्द्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा मुहैया करायी गई है।’’





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


डीके शिवकुमार बोले, कांग्रेस महात्मा गांधी, स्वामी विवेकानंद के हिंदुत्व में रखती है विश्वास

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  दिसंबर 1, 2020   08:33
  • Like
डीके शिवकुमार बोले, कांग्रेस महात्मा गांधी, स्वामी विवेकानंद के हिंदुत्व में रखती है विश्वास
Image Source: Google

शिवकुमार ने राज्य में हो रहे बदलाव और संगठन के तौर पर कांग्रेस को मजबूत करने को लेकर सोमवार को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की बैठक बुलाई थी। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में बूथ एवं पंचायत स्तर पर समितियों का गठन किया जाएगा।

बेंगलुरु। कांग्रेस की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने सोमवार को कहा कि हिंदुत्व किसी एक की संपत्ति नहीं है और कांग्रेस महात्मा गांधी तथा स्वामी विवेकानंद के हिंदुत्व में विश्वास रखती है। अंतर-धार्मिक विवाह और हिंदुत्व की राजनीति के संबंध में पूछे गए एक सवाल पर प्रतिक्रिया देते हुए शिवकुमार ने संवाददाताओं से कहा, ' हमारा हिंदुत्व महात्मा गांधी का, स्वामी विवेकानंद का हिंदुत्व है। हिंदुत्व किसी एक की संपत्ति नहीं है। भारत की परंपरा, संस्कृति ही संपदा है जो हम सभी से संबंधित है। हम (कांग्रेस) अपने संविधान के अनुसार प्रत्येक व्यक्ति के हितों की सुरक्षा करेंगे।'

इसे भी पढ़ें: तृणमूल कांग्रेस में अंसतोष के स्वर मुखर! भाजपा सांसद ने ममता को इस खतरे से चेताया

शिवकुमार ने राज्य में हो रहे बदलाव और संगठन के तौर पर कांग्रेस को मजबूत करने को लेकर सोमवार को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की बैठक बुलाई थी। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में बूथ एवं पंचायत स्तर पर समितियों का गठन किया जाएगा।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।