• National Highlights: संयुक्त राष्ट्र महासभा के 76वें सत्र को PM मोदी ने किया संबोधित, कही ये अहम बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 76वें सत्र को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने सर्वप्रथम अब्दुल्ला शाहिद को अध्यक्ष पद संभालने के लिए बधाई दी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 76वें सत्र को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने सर्वप्रथम अब्दुल्ला शाहिद को अध्यक्ष पद संभालने के लिए बधाई दी। भारत के वैक्सीनेशन प्रोग्राम का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भारत का वैक्सीन डिलीवरी प्लेटफॉर्म कोविन एक ही दिन में करोड़ों वैक्सीन डोज लगाने के लिए डिजिटल सहायता दे रहा है।

भारत के पड़ोस में समस्याएं खड़ी करने वाला देश रहा है पाकिस्तान : हर्षवर्धन श्रृंगला

विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने कहा कि अपने आप को सूत्रधार के रूप में पेश करने वाला पाकिस्तान कई मायनों में कुछ समस्याएं खड़ी करने वाला देश रहा है जिनसे भारत अपने पड़ोस में निपट रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन के बीच भारत-अमेरिका द्विपक्षीय बैठक और ऑस्ट्रेलिया, भारत, जापान तथा अमेरिका के क्वाड शिखर सम्मेलन दोनों के दौरान अफगानिस्तान में पाकिस्तान की भूमिका पर और सावधानीपूर्वक नजर रखने पर बात हुई।

इमरान खान को बोला झूठा और पाकिस्तान को लगाई फटकार! मिलिए भारत की बेटी स्नेहा दुबे से

भारत ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के देश के खिलाफ तीखे हमले के जवाब में पाकिस्तान को आंतकवाद का दमना वाला बताया। संयुक्त राष्ट्र में भारत की पहली सचिव स्नेहा दुबे ने पाकिस्तान को करारा जवाब देते हुए  पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के संबोधन को झूठा और दुर्भावनापूर्ण बताया। भारतीय प्रतिनिधि स्नेहा दुबे का भाषण जैसे ही सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट हुआ वैसे ही भारतीयों ने उनकी सराहना करना शुरू कर दिया। जिस उम्र में दुबे ने यह जिम्मेदारी ली है और जिस तरीके से उन्होंने देश का प्रतिनिधित्व किया वह काफी काबिले तारीफ है।

संयुक्त राष्ट्र महासभा में बोले PM मोदी, डेढ़ साल से महामारी से लड़ रही है दुनिया, वैक्सीन लगाने में मदद कर रहा कोविन ऐप

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 76वें को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने सर्वप्रथम अब्दुल्ला शाहिद को अध्यक्ष पद संभालने के लिए बधाई दी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि में शनिवार को कहा कि गत डेढ़ साल से पूरा विश्व 100 साल में आई सबसे बड़ी महामारी का सामना कर रहा है। ऐसी भयंकर महामारी जीवन में गंवाने वाले सभी लोगों को मैं श्रद्धांजलि देता हूं और परिवारों के साथ अपनी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं।

बिना नाम लिए PM मोदी ने PAK को लताड़ा, बोले- आतंकवाद के लिए न हो अफगानिस्तान की धरती का इस्तेमाल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 76वें सत्र को संबोधित करते हुए पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान का नाम लिए बिना ही उसे लताड़ा और अफगानिस्तान के हालात पर भी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि जो देश प्रतिगामी सोच के साथ-साथ आतंकवाद को एक राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं, उन्हें यह समझना होगा कि आतंकवाद उनके लिए भी उतना ही बड़ा खतरा है।

क्या होती है DNA वैक्सीन जिसका जिक्र कर PM मोदी ने मैन्युफैक्चरर को आमंत्रित करते हुए कहा- Come Make Vaccine in India

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक को आज संबोधित किया। जिसमें उन्होंने भारत की बड़ी उपलब्धि का जिक्र किया। भारत के वैक्सीनेशन प्रोग्राम का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भारत का वैक्सीन डिलीवरी प्लेटफॉर्म कोविन एक ही दिन में करोड़ों वैक्सीन डोज लगाने के लिए डिजिटल सहायता दे रहा है। इसके साथ ही उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महाससभा को जानकारी देते हुए कहा कि भारत ने दुनिया की पहली डीएनए वैक्सीन विकसित कर ली है जिसे 12 साल से ज्यादा आयु के सभी लोगों को लगाया जा सकता है। इसके साथ ही फिर से वैक्सीन का एक्सपोर्ट भी शुरू हो चुका है और भारत कह रहा है आओ वैक्सीन बनाओ।

दीन दयाल के एकात्व मानववाद से शुरुआत, चाणक्य से प्रासंगिकता की सीख और टैगोर की कविता से समापन, PM मोदी के संबोधन को इस तरह समझें

अमेरिका दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने पंडित दीन दयाल उपाध्याय के एकात्व मानव दर्शन से शुरुआत करते हुए चाणक्य की नीतियों के सहारे प्रासंगिकता की सीख देते हुए टैगोर की कविता से संबोधन का समापन किया। उन्होंने कहा कि गत डेढ़ में पूरा विश्व सौ साल में आई सबसे बड़ी महामारी का सामना कर रहा है। ऐसी भयंकर महामारी में जीवन गंवाने वाले सभी लोगों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि मैं उस देश का प्रतिनिधित्व कर रहा हूं। जिसे मदर ऑफ डेमोक्रेसी कहा जाता है। लोकतंत्र की हमारी हजार वर्षों की परंपरा रही है।