निकिता तोमर हत्याकांड में तोसेफ और रेहान को मिली उम्रकैद की सजा

Nikita Tomar
रेनू तिवारी । Mar 26, 2021 4:57PM
निकिता तोमर हत्याकांड में तोसेफ और रेहान को दोषी ठहराया गया और शुक्रवार को फरीदाबाद की एक अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इस मामले में मुख्य आरोपी तौसीफ और सहयोगी रेहान को बुधवार को एक फास्ट-ट्रैक अदालत ने साजिश, अपहरण और हत्या के लिए दोषी ठहराया था।

निकिता तोमर हत्याकांड में तोसेफ और रेहान को दोषी ठहराया गया और शुक्रवार को फरीदाबाद की एक अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इस मामले में मुख्य आरोपी तौसीफ और सहयोगी रेहान को बुधवार को एक फास्ट-ट्रैक अदालत ने साजिश, अपहरण और हत्या के लिए दोषी ठहराया था। इस मामले के तीसरे आरोपी मोहम्मद अजरुद्दीन, जिन्होंने कथित रूप से अन्य दो को हथियार सप्लाई किए थे, को अदालत ने बरी कर दिया। 21 वर्षीय कॉलेज छात्र की 26 अक्टूबर, 2020 को बल्लभगढ़ में उसके कॉलेज के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना को सीसीटीवी कैमरे के फुटेज में आरोपी तौसीफ को बीकॉम अंतिम वर्ष की छात्रा निकिता तोमर को अपनी गाड़ी में जबरन ले जाते हुए दिखाया गया था, जब वह अपने कॉलेज से बाहर निकलने के बाद घर जा रही थी।

हरियाणा में फरीदाबाद की एक त्वरित अदालत ने निकिता तोमर हत्याकांड में बुधवार को दो लोगों को दोषी ठहराया था। निकिता को पांच महीने पहले उसके कॉलेज के बाहर गोली मार दी गई थी और यह घटना कैमरे में कैद हो गई थी। बचाव पक्ष के वकील आदिल सिंह रावत ने बताया कि मुख्य आरोपी तौसीफ और एक अन्य आरोपी रेहान को दोषी करार दिया गया और तीसरे आरोपी अजहरुद्दीन को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया।

इसे भी पढ़ें: निकिता मर्डर केस में तौसीफ और रेहान दोषी करार, 6 महीने में फास्ट ट्रेक कोर्ट का आया फैसला 

फास्ट ट्रैक अदालत ने तौसीफ और रेहान को दोषी पाया

हरियाणा में फरीदाबाद की एक अदालत ने बहुचर्चित निकिता तोमर हत्याकांड में को तौसीफ और रेहान को दोषी करार दिया लेकिन अजरू को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया था। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सरताज बासवाना की फास्ट ट्रैक अदालत ने तौसीफ और रेहान को दोषी पाया है और उनकी सज़ा पर 26 मार्च को सजा पर बहस होगी। निकिता तोमर पक्ष के अधिवक्ता ऐदल सिंह ने बताया कि इस मामले में कुल 57 गवाहों की गवाही हो हुई है जबकि बचाव पक्ष की ओर से वकील अनवर खान, अनीस खान और पीएल गोयल ने आरोपियों के बचाव में उसका पक्ष रखा। इस मामले को 26 मार्च को पूरे पांच माह हो जाएंगे। बचाव पक्ष के वकील पी एल गोयल ने बताया कि फरीदाबाद के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सरताज बासवाना की अदालत दोषियों को शुक्रवार को सजा सुनाएगी। पुलिस ने बताया था कि तौसीफ, निकिता तोमर से विवाह करना चाहता था और उसने 26 अक्टूबर को फरीदाबाद जिले के बल्लभगढ़ में गोली मारकर उसकी हत्या कर दी।

इसे भी पढ़ें: फरीदाबाद में निकिता तोमर की हत्या के मामले में दो को दोषी पाए गए, एक बरी 

अनिल विज ने ‘‘लव जिहाद’’ के खिलाफ कानून लाने का किया था वादा

गृह मंत्री अनिल विज ने इस मामले को ‘‘लव जिहाद’’ से जोड़ा था और राज्य विधानसभा में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जवाब में कहा था कि सरकार ‘‘लव जिहाद’’ से निपटने के लिए विधेयक लाने की योजना बना रही है। अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता ऐदल सिंह ने बताया कि इस मामले में कुल 57 गवाहों की गवाही हुई है। इस मामले को 26 मार्च को पांच माह हो जाएंगे। हत्या के 11 दिन बाद पुलिस ने अदालत में आरोप पत्र दायर कर दिया था। निकिता तोमर के पिता मूलचंद तोमर ने दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग की। उन्होंने कहा, “हमें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि दोषी उनकी बेटी का धर्म परिवर्तन कराकर शादी करना चाहते थे, लेकिन वह नहीं मानी तो उसकी हत्या कर दी गई। 

सरकार से निराश है मृतक के पिता

मृतक के पिता ने कहा, “हरियाणा में लव जिहाद पर कानून नहीं बना, इसलिए मैं सरकार से निराश हूं। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने वादा किया था कि वह कानून बना रहे हैं, लेकिन अभी तक कानून नहीं बनाया गया।’’ तौसीफ और रेहान को भारतीय दंड संहिता की धाराओं 302 (हत्या), 366 (एक महिला का अपहरण कर उसे शादी के लिए मजबूर करना) और 120-बी / 34 (आपराधिक साजिश) के तहत दोषी ठहराया गया। तौसीफ को हथियार कानून के तहत भी दोषी पाया गया है।

क्या था निकिता तोमर की हत्या की वजह

फरीदाबाद में निकिता तोमर की हत्या की वजह कथित तौर पर यह बताई गयी थी कि उसने हिंदू से मुसलमान बनने से मना कर दिया था। उसका मुसलमान प्रेमी उसे शादी के पहले मुसलमान बनने का आग्रह कर रहा था। हरियाणा के बल्लभगढ़ में दिनदहाड़े एक आदमी ने एक लड़की (निकिता) की गोली मार कर हत्या कर दी। अपराधी गिरफ्तार। मृतका के पिता ने बताया, "मेरी बेटी कॉलेज फाइनल ईयर के पेपर देकर आ रही थी कि तभी कुछ लोग उसे जबरदस्ती खींचकर गाड़ी में बिठाने की कोशिश करने लगे। जब वो नहीं बैठी तो उसे गोली मार दी।" यह पूरा मामला लव जिहाद से जुड़ा था। यह शब्द लव-जिहाद 2009 में सामने आया, जब केरल और कर्नाटक के कैथोलिक ईसाइयों ने शोर मचाया कि उनकी लगभग 4000 बेटियों को प्रलोभन देकर या डरा कर मुसलमान बना लिया गया है। एक-दो मामले उच्च और सर्वोच्च न्यायालय में भी चले गए।

नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।

अन्य न्यूज़