• उत्तर प्रदेश में कोरोना के कुल 135 एक्टिव मामले, कोविड वैक्सीनेशन का कार्य निरन्तर जारी

कल एक दिन में 3,04,656 कोविड वैक्सीन की डोज दी गयी है। प्रदेश में कल तक पहली डोज 9,21,25,835 तथा दूसरी डोज 2,53,59,386 लगायी गयी हैं। कल तक कुल 11,74,85,221 कोविड डोज दी गयी है।

अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि प्रदेश में कल एक दिन में कुल 1,71,729 सैम्पल की जांच की गयी है। जिसमें कोरोना संक्रमण के 14 नये मामले आये हैं। प्रदेश में अब तक कुल 8,09,58,784 सैम्पल की जांच की गयी है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पिछले 24 घंटे में 16 तथा अब तक कुल 16,86,976 लोग कोविड-19 से ठीक हो चुके हैं। प्रदेश में कोरोना के कुल 135 एक्टिव मामले है। उन्होंने बताया कि कोविड वैक्सीनेशन का कार्य निरन्तर किया जा रहा है। 

कल एक दिन में 3,04,656 कोविड वैक्सीन की डोज दी गयी है। प्रदेश में कल तक पहली डोज 9,21,25,835 तथा दूसरी डोज 2,53,59,386 लगायी गयी हैं। कल तक कुल 11,74,85,221 कोविड डोज दी गयी है। प्रसाद ने बताया कि कोविड संक्रमण अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। इसलिए सभी लोग कोविड अनुरूप आचरण करे। टीकाकरण के बाद भी कोविड प्रोटोकॉल का पालन अवश्य करें। किसी भी प्रकार की समस्या होने पर कोविड हेल्पलाइन 18001805145 पर सम्पर्क करे। 

शारदा-खीरी में खतरे के जलस्तर से ऊपर बह रही है

उत्तर प्रदेश के राहत आयुक्त रणवीर प्रसाद ने वर्षा की स्थिति से अवगत कराते हुए बताया कि गत 24 घंटे में प्रदेश में शून्य मि0मी0 औसत वर्षा हुई है, जो सामान्य वर्षा से 0.9 मि0मी0 के सापेक्ष शून्य प्रतिशत है। प्रदेश में दक्षिण पश्चिम मानसून के दौरान प्रदेश में (01 जून, 2021 से 30 सितम्बर, 2021 तक) 748.8 मि0मी0 औसत वर्षा हुए, जो सामान्य वर्षा 790.2 मिमी के सापेक्ष 95 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि शारदा-खीरी में खतरे के जलस्तर से ऊपर बह रही है। प्रदेश में वर्तमान में 07 जनपदों में 32 गांव बाढ़ से प्रभावित है। प्रदेश के वर्षा से प्रभावित जनपदों में सर्च एवं रेस्क्यू हेतु एनडीआरएफ, एसडीआरएफ तथा पीएसी की कुल 59 टीमें तैनाती की गयी है।

इसे भी पढ़ें: उत्तर प्रदेश में कोरोना के कुल 139 एक्टिव मामले, टीकाकरण के बाद भी कोविड प्रोटोकॉल का करें पालन

प्रसाद ने बताया कि प्रदेश में 1169 बाढ़ शरणालय स्थापित किये गये हैं। 1528 मेडिकल टीमें तथा 8920 नावें बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगायी गयी है। उन्होंने बताया कि खोज बचाव कार्य हेतु 451 मोटर बोट तथा 208 वाहन लगाये गये हैं। प्रदेश में 1258 बाढ़ चौकी स्थापित की गयी है। प्रदेश में अब तक कुल 2094 पशु शिविर स्थापित किये गये हैं। विगत 24 घंटों में पशु टीकाकरण की संख्या 1099 तथा अब तक कुल पशु टीकाकरण की संख्या 1014879 है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ द्वारा 58178 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। प्रसाद ने बताया कि अब तक कुल 371613 ड्राई राशन किट वितरित किए गये हैं। अब तक कुल 639613 फूड पैकेट वितरित किए गए हैं। प्रदेश में 315652.89 मी0 त्रिपाल, पीने के पानी का पाउच 258239 ली0, ओ0आर0एस0 के 310142 पैकेट तथा क्लोरीन के 3253446 टेबलेट वितरित किया गया है। 

काफी लोकप्रिय हो रही है व्यवस्था आम नागरिक के बीच

ई-स्टांपिंग अब राज्य के सभी जिलों की तहसीलों पर उपलब्ध है। राज्य सरकार इसे सरल बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है और जनवरी 2020 से अब तक लगभग 5383 नए एसीसी नियुक्त किए हैं। ऐसे एसीसी की सूची उनके नाम और मोबाइल नंबर के साथ प्रत्येक तहसील में उप निबंधक कार्यालय में उपलब्ध है। ई-स्टाम्पिंग राज्य में गैर-न्यायिक स्टाम्प शुल्क का भुगतान करने का एक बहुत ही सुविधाजनक तरीका है। आम जनता की सहायता के लिए स्टॉक होल्डिंग कॉर्पाेरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड ने भी सभी जिला मुख्यालयों अपना हेल्पडेस्क शुरू किया है। आने वाले कुछ दिनों में इन सभी काउंटर से रुपये 500 तक के मुल्य के ई-स्टाम्प क्रय किये जा सकते हैं। किसी भी राज्य में 10, 50 और 100 रुपये के स्टाम्प पेपर की माँग सबसे अधिक होती है क्योंकि इन मूल्यवर्ग के स्टाम्प पेपर का उपयोग कई लेखपत्रों में किया जाता है और चालू वित्तीय वर्ष में ,अब तक एक करोड़ इकतीस लाख ई-स्टाम्प प्रमाण पत्र जारी करना इसकी उपलब्धता का प्रमाण है। राज्य सरकार पूरी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और सरल व  आसान बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। 

उत्तर प्रदेश ,ऋण पत्र और बैंक गारंटी प्रक्रिया को और अधिक सरल और पारदर्शी बनाने के लिए बैंकों के लिए डिजिटल ई-स्टैम्पिंग शुरू करने वाले पहले कुछ राज्यों में से एक है। इसके साथ ही खरीदे गए मैजंउच की प्रामाणिकता की जांच करने के लिए आम जनता को सुविधा भी उपलब्ध है। स्टॉकहोल्डिंग द्वारा विकसित ई-स्टांपिंग के मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से प्रमाणपत्रों पर छपे बारकोड को स्कैन करके भी इसकी जांच की जा सकती है।

इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में 16 अक्टूबर से 15 दिवसीय खादी एवं ग्रामोद्योग प्रदर्शनी का आयोजन

‘‘आजादी का अमृत महोत्सव’’ के अवसर पर उ0प्र0 खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा आगामी 16 से 30 अक्टूबर तक इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में 15 दिवसीय खादी एवं ग्रामोद्योग प्रदर्शनी का आयोजन किया जायेगा। इस अवसर पर देश के सुप्रसिद्ध फैशन डिजाइनर्स आसमा हुसैन, रूना बनर्जी, रीना ढाका, रीतू बैरी, हिम्मत सिंह तथा फरहा अंसारी द्वारा डिजाइन किये गये खादी वस्त्रों पर आधारित वृहद फैशन-शो का भी आयोजन होगा। इसके साथ ही सरकार द्वारा संचालित विभिन्न रोजगारपरक योजना के तहत कारीगरों में टूलकिटएवं लाभार्थियों को ऋण आवेदन पत्रों का वितरण भी किया जायेगा।

इसे भी पढ़ें: सीआरपीएफ जवान के खिलाफ पत्नी की हत्या की कोशिश का मामला दर्ज

यह जानकारी अपर मुख्य सचिव खादी एवं ग्रामोद्योग डा0 नवनीत सहगल ने दी। उन्होंने बताया कि खादी को आमजन मंे और अधिक लोकप्रिय बनाने के उद्देश्य से पहले भी खादी फैशन-शो का आयोजन किया जाता रहा है, जिसकी हर तरफ काफी प्रसंशा भी हुई है। उन्होंने बताया कि इस बार के फैशन-शो का आयोजन उ0प्र0 खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड एवं फर्स्ट इण्डिया द्वारा संयुक्त रूप से किया जायेगा। फैशन-शो में फैशन डिजाइनर्स आसमा हुसैन, रूना बनर्जी, रीना ढाका, रीतू बैरी के साथ-साथ जयपुर के फैशन डिजाइनर हिम्मत सिंह एवं फरहा अंसारी के डिजाइन किये हुए खादी के परिधान आकर्षण का केन्द्र होंगे। उन्होंने बताया कि इसके माध्यम से प्रदेश के युवावर्ग को खादी से जोड़ने की मुहिम को तीव्र गति मिलेगी।

अपर मुख्य सचिव ने बताया कि इस अवसर पर स्वरोजगार की स्थापना हेतु लाभार्थियों में दोना पत्तल मशीन, माटीकला के उद्योग में लगे कारीगरों एवं हस्तशिल्पियों में विद्युत चालित चाक का वितरण होगा। साथ ही पॉपकार्न मेकिंग मशीन, मौन पालन बॉक्स एवं ऋण स्वीकृत पत्रों का भी वितरण किया जायेगा। इसके अतिरिक्त प्रदेश में खादी का उत्पादन बढ़ाने के लिए खादी संस्थाओं को सोलर चरखे भी प्रदान किये जायेंगे।

जम्मू कश्मीर में शहीद हुए सारज सिंह को उनके पैतृक गांव में राजकीय सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई

उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में सैनिक सम्मान के साथ जम्मू के पुंछ इलाके में आतंकी हमले में शहीद हुए वीर जवान श्री सारज सिंह का आज उनके पैतृक गांव अख्तियारपुर धौकल में अंतिम संस्कार हुआ। उत्तर प्रदेश के वित्त, संसदीय कार्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश कुमार खन्ना एवं सैन्य अधिकारियों सहित हजारों की तादात में लोगों ने पहुंचकर नम आंखों से शहीद सारज सिंह को अंतिम विदाई दी । 

सुरेश कुमार खन्ना ने शहीद सारज सिंह के शौर्य और वीरता को नमन करते हुए कहा है कि राष्ट्र की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले शहीद सारज सिंह का सर्वाेच्च बलिदान सदैव याद रखा जाएगा। शहीद लाल ने देश एवं प्रदेश के साथ-साथ जनपद शाहजहांपुर का नाम रोशन किया है, लेकिन अफसोस इस बात का है कि है परिवार का लाडला चला गया। उन्होंने देश के प्रति अपनी कुर्बानी देने वाले लाल को सलामी दी। उन्होंने शहीद सारज सिंह के परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की और शोक की इस घड़ी में परिवार के सदस्यों का ढांढस बंधाया।

इसे भी पढ़ें: दीपावली से पहले वाराणसी दौरे पर जाएंगे पीएम मोदी, काशीवासियों को देंगे करोड़ों का सौगात

सुरेश कुमार खन्ना ने उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से शहीद सारज सिंह की पत्नी को 35 लाख रुपए एवं उनकी माता जी को 15 लाख रुपए कुल 50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि का चेक सौंपा। प्रदेश सरकार की तरफ से शहीद स्व0 सारज सिंह के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी व शहीद के नाम पर एक सड़क के नामकरण की घोषणा भी की।

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने विजयदशमी की दी शुभकामनाएं

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अधर्म पर धर्म की विजय के प्रतीक दशहरा के पावन पर्व पर देश व प्रदेशवासियों को अपनी मंगलमय हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। केशव प्रसाद मौर्य अपने शुभकामना संदेश में कहा है कि यह त्यौहार हमें सत्य, धर्म व सन्मार्ग मार्ग पर चलने का संदेश देता है। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के आदर्शों से प्रेरणा लेने का भी संदेश देता है। उन्होंने कहा है कि इस पुनीत अवसर पर हम सब देशवासी व प्रदेशवासी मानवीय मूल्यों की रक्षा का संकल्प लें और समाज सेवा का वृत लें।

नवनीत सहगल ने ब्रिटिश काउंसिल के प्रतिनिधिओं से किया वर्चुअल माध्यम संवाद

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, योगी आदित्यनाथ के साथ हुई ब्रिटिश हाईकमिश्नर, अलेक्स एलिस की मुलाकात के क्रम में अपर मुख्य सचिव, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम एवं निर्यात प्रोत्साहन श्री नवनीत सहगल ने ब्रिटिश काउंसिल के प्रतिनिधिओं से वर्चुअल माध्यम संवाद किया। संवाद का उद्देश्य सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम एवं निर्यात प्रोत्साहन विभाग एवं ब्रिटिश काउंसिल के बीच सहयोग की सम्भावनाएं तलाशना था। सर्वप्रथम सहगल ने एक जिला-एक उत्पाद (ओडीओपी) कार्यक्रम के उद्देश्यों के बारे में ब्रिटिश काउंसिल के प्रतिनिधिओं को जानकारी दी। उन्होंने ओडीओपी कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदेश सरकार द्वारा उठाए गए कदमों पर भी प्रकाश डालते हुऐ कहा कि लगभग 56,000 से अधिक ओडीओपी कारीगरों को प्रशिक्षित किया गया। लगभग 41,000 कारीगरों को उन्नत टूलकिट प्रदान किया गया। साथ ही 500 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं को ओडीओपी मार्जिन मनी स्कीम के माध्यम से बैंक लोन उपलब्ध कराया। इसके अतिरिक्त अन्य सरकारी योजनओं के माध्यम से भी ओडीओपी इकाईयों को बैंक लोन उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 22 सामान्य सुविधा केन्द्रों का शिलान्यास किया जा चुका है। इसके अलावा 20,000 से अधिक ओडीओपी उत्पादों को ऑनलाइन सेल्स प्लेटफार्म से जोड़ा गया है।

ब्रिटिश काउंसिल के प्रतिनिधिओं ने ओडीओपी योजना को सराहा और प्रदेश सरकार के साथ कार्य करने की इच्छा व्यक्त की। ब्रिटिश काउंसिल ने ओडीओपी कारीगरों को अपना सामान ऑनलाइन बेचने के लिए डिजिटल टूलकिट उपलब्ध कराने एवं उसे इस्तेमाल करने की ट्रेनिंग देने का प्रस्ताव दिया। ओडीओपी उत्पादों का ब्रिटेन में विपणन हो सके, इसके लिए सहायता करने का आश्वासन भी ब्रिटिश काउंसिल के प्रतिनिधिओं ने दिया। ओडीओपी उत्पादों को ब्रिटेन में होने वाले प्रचार/शिल्प कार्यक्रमों में प्रमुख स्थान देने पर भी सहमति बनी। इस क्रम में ब्रिटिश काउंसिल के उपक्रम क्राफ्ट्स काउंसिल के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष में, अगले साल होने वाले कार्यक्रम में ओडीओपी उत्पादों को प्रदर्शित करने का भी निर्णय लिया गया।

इसे भी पढ़ें: 107 वर्षीय भाजपा कार्यकर्ता से मिले रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, जनसंघ के समय से पार्टी से जुड़े रहे हैं

सहगल ने ब्रिटिश काउंसिल द्वारा चलाए जा रहे कार्यक्रमों की सराहना की और इस चर्चा को मूर्त रूप देने के लिए उनसे प्रस्ताव उपलब्ध कराने का आगृह किया। उन्होंने ब्रिटिश कौंसिल के प्रतिनिधि को इस दिशा में तीव्रता से कार्य करने को कहा जिससे की ब्रिटिश काउंसिल के कार्यक्रमों का लाभ उत्तर प्रदेश के उद्यमियों को शीघ्र दिया जा सके। संवाद के दौरान आर्टस् ब्रिटिश काउंसिल इण्डिया के निदेशक जोनाथन केन्डी, डायरेक्टर नार्थ इण्डिया ब्रिटिश काउंसिल रशि जैन, नार्थ इण्डिया ब्रिटिश काउंसिल हेड ऑफ आर्ट्स देविका पूरनदारे वर्चुअल जुड़ी थीं।