• कर्नाटक में अभी बाकी है ट्विस्ट, भाजपा के दिवंगत नेता अनंत कुमार की बेटी के ट्वीट ने दिया राजनीतिक अटकलों को बल

टिप्पणी में कहा गया था कि जेडीएस एक या दो लोकसभा क्षेत्रों में ही एक मजबूत राजनीतिक ताकत है। वहीं, फौरी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए जद(एस) नेता एचडी कुमारस्वामी ने विजेता की टिप्पणी को लेकर उनका शुक्रिया अदा किया।

बेंगलुरु। भारतीय जनता पार्टी के दिवंगत नेता एच एन अनंत कुमार की बेटी ने बृहस्पतिवार को जनता दल (सेक्युलर) को एक ‘‘बहुत मजबूत राजनीतिक ताकत’’ बताया, जिसके बाद अटकलें लगाई जाने लगी हैं। विजेता अनंत कुमार ने ट्वीट किया, ‘‘कर्नाटक की राजनीति क्यों रूचिकर है? जद(एस) एक बहुत मजबूत राजनीतिक ताकत है। ’’ कर्नाटक के नये मुख्यमंत्री के तौर पर बसवराज बोम्मई के शपथ ग्रहण करने के एक दिन बाद उनकी यह टिप्पणी आई है। बोम्मई ने बीएस येदियुरप्पा की जगह ली है। उल्लेखनीय है कि येदियुरप्पा के साथ दिवंगत अनंत कुमार ने राज्य में भाजपा का आधार मजबूत करने में एक अहम भूमिका निभाई थी। विजेता ने अपने ट्वीट पर एक टिप्पणी का जवाब देते हुए कहा, ‘‘हर चीज सिर्फ सीटों के संदर्भ में नहीं मापी जा सकती।’’

दरअसल, टिप्पणी में कहा गया था कि जेडीएस एक या दो लोकसभा क्षेत्रों में ही एक मजबूत राजनीतिक ताकत है। वहीं, फौरी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए जद(एस) नेता एचडी कुमारस्वामी ने विजेता की टिप्पणी को लेकर उनका शुक्रिया अदा किया। कुमारस्वामी ने कहा, ‘‘मैं उनका अपनी पार्टी और लाखों कार्यकर्ताओं की ओर से शुक्रिया अदा करता हूं। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘वह (विजेता) और उनकी मां तेजस्विनी अनंत कुमार, जो प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष हैं, का पार्टी में स्वागत किया जाएगा, यदि वे शामिल होना चाहें तो।’’ उन्होंने मां-बेटी को महत्व नहीं देने को लेकर भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा नीत पार्टी पर निशाना साधने की भी कोशिश की। 

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कुमारस्वामी ने कहा, ‘‘यदि उनकी मां हमारी पार्टी में आती हैं तो हम उनका अपार खुशी के साथ स्वागत करेंगे, मैं नहीं जानता कि भाजपा ने उन्हें महत्व दिया है या नहीं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यदि वह और उनकी मां (विजेता और तेजस्विनी) हमारी पार्टी में आती हैं तो हम उनका सम्मान और समर्थन करेंगे। ’’ यह पूछे जाने पर कि क्या उनके ट्वीट में कोई संकेत है, कुमारस्वामी ने कहा, ‘‘देखते हैं, आने वाले दिनों में राजनीति में कई बदलाव होने हैं। हमें धैर्य के साथ इंतजार करना चाहिए।’’ उल्लेखनीय है कि भाजपा द्वारा तेजस्वी सूर्या को बेंगलोर दक्षिण से लोकसभा चुनाव में उम्मीदवार बनाए जाने से तेजस्विनी कथित तौर पर नाराज थीं और इससे उनके समर्थकों में भी रोष छा गया था।