देवास में इमारत ढहने से दो लोगों की मौत, 10 को बचाया गया

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  अगस्त 26, 2020   13:41
देवास में इमारत ढहने से दो लोगों की मौत, 10 को बचाया गया

उन्होंने बताया कि बचाव अभियान दो बजे रात को समाप्त हो गया है। जेसीबी मशीनों से मलबा हटाया गया। यह मकान ज़ाकिर शेख का था।इस मकान में चार भाईयों का अलग-अलग परिवार रहता था और हादसे के वक्त इस परिवार की महिलाएं एवं बच्चे इसमें थे। मकान नाले के पास बना हुआ था।

देवास। मध्य प्रदेश में देवास शहर के लालगेट इलाके के पास मंगलवार शाम को एक निजी आवासीय इमारत के अचानक ढह जाने से 10 महीने के एक बच्चे सहित दो लोगों की मौत हो गई, जबकि मलबे में दबे 10 लोगों को बचा लिया गया है। बचाये गये 10 लोगों में से 16 साल का बालक रेहान करीब 10 घंटे तक मलबे में दबे रहने के बाद चमत्कारिक रूप से सकुशल बाहर निकला है। जब उसे मलबे से बाहर निकाला गया तो वह बातचीत भी कर रहा है। उप पुलिस अधीक्षक किरण शर्मा ने बुधवार सुबह बताया, ‘‘इस हादसे में 23 साल की महिला सिमरन एवं 10 साल के बच्चे आहिल को नहीं बचाया जा सका। मलबे में दबे बाकी सभी 10 लोगों को बचावकर्मियों ने बाहर निकाल लिया है और उन्हें इलाज के लिए अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।’’

उन्होंने कहा कि दो मंजिला इमारत मंगलवार शाम को करीब चार बजे भरभरा कर गिर गई थी। घटना की सूचना मिलने पर नगर निगम, पुलिस एवं राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और स्थानीय लोगों की मदद से बचाव अभियान शुरू किया। बचाव अभियान करीब 10 घंटे तक बुधवार तड़के करीब दो बजे तक चला। शर्मा ने बताया कि बचावकर्मियों ने मलबे में दबे 9 लोगों को मंगलवार रात को आठ बजे से पहले ही बाहर निकाल लिया था और उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करा दिया था। तीन लोगों को भोपाल से पहुंची एनडीआरएफ की टीम ने बुधवार तड़के करीब दो बजे मलबे से बाहर निकाला। इन तीन में से सिमरन एवं आहिल की मौत हो चुकी थी, जबकि 16 वर्षीय रेहान मलबे से करीब 10 घंटे बाद जिंदा निकला। 

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उन्होंने बताया कि बचाये गये सभी 10 लोगों की स्थिति खतरे से बाहर है। शर्मा ने कहा कि बचाये गये लोगों की उम्र नौ साल से 55 साल के बीच है। घायलों में से एक को इंदौर रेफर किया गया है। उन्होंने बताया कि बचाव अभियान दो बजे रात को समाप्त हो गया है। जेसीबी मशीनों से मलबा हटाया गया। यह मकान ज़ाकिर शेख का था।इस मकान में चार भाईयों का अलग-अलग परिवार रहता था और हादसे के वक्त इस परिवार की महिलाएं एवं बच्चे इसमें थे। मकान नाले के पास बना हुआ था।





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