मेरठ कालेज में छात्रों के दो गुट भिड़े,सर्च अभियानके बाद पुलिस ने काटे शांति भांग में चालान

मेरठ कालेज में छात्रों के दो गुट भिड़े,सर्च अभियानके बाद पुलिस ने काटे शांति भांग में चालान

मेरठ कालेज में छात्रों के दो गुटों के आपस में भिड़ने से बखेड़ा हो गया। इसके बाद मंगलवार को पुलिस और कालेज प्रशासन ने संयुक्त रूप से अभियान चलाया। इस दौरान बाहरी छात्रों को हिदायत दी और बे-वजह घूम रहे छात्रों की क्लास लगाई। साथ ही छात्रों के आइ कार्ड भी चेक किए गए।

मेरठ, मेरठ कालेज में छात्रों के दो गुटों के आपस में भिड़ने से बखेड़ा हो गया। इसके बाद मंगलवार को पुलिस और कालेज प्रशासन ने संयुक्त रूप से अभियान चलाया। इस दौरान बाहरी छात्रों को हिदायत दी और बे-वजह घूम रहे छात्रों की क्लास लगाई। साथ ही छात्रों के आइ कार्ड भी चेक किए गए।

लालकुर्ती थाना क्षेत्र के मेरठ कालेज में सोमवार को मामूली बात पर छात्रों के दो गुटों में मारपीट हो गई थी, रोहटा रोड निवासी पारस ने मेरठ कालेज में बी.कॉम प्रथम वर्ष में प्रवेश लिया है। सोमवार को वह कालेज आया। इसी दौरान एलएलबी अंतिम वर्ष के छात्र पल्लवपुरम निवासी विवेक व बीएससी-कम्प्यूटर साइंस के द्वितीय वर्ष के छात्र सुभाषनगर निवासी लक्ष्य राणा ने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर उसे रोक लिया। उनके बीच नोकझोंक शुरु हो गई। धक्कामुक्की भी की गई। किसी तरह पारस वहां से प्राचार्य दफ्तर आ गया और लिखित शिकायत की। शिकायत करने के बाद जैसे ही वह प्राचार्य के कार्यालय से निकला, तभी आरोपी विवेक, लक्ष्य व उनके साथियों ने पारस को रोक लिया। यह देख पारस की तरफ से कंकरखेड़ा निवासी आशीष मलिक व अखिल कौशिक भी आ गए। उनके बीच मारपीट शुरु हो गई। जमकर हॉकी, बेस बाल बेट, बेल्ट चलने लगे। अफरा तफरी मच गई। तभी किसी ने पुलिस को सूचित कर दिया। लालकुर्ती पुलिस मौके पर पहुंची और पांचों को थाने ले आई। जबकि कुछ छात्र भाग निकले। 

थाने में पूछताछ के दौरान पारस ने कि वह कालेज चप्पल पहनकर आया था। इसी को लेकर उसकी विवेक व लक्ष्य से कहासुनी के बाद मारपीट हो गई। साथी बचाने आए तो उन्हें भी पीटा गया। मारपीट में दो छात्र घायल हो गए थे। उनको पुलिस ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया था, जबकि तीन छात्रों का चालान कर दिया था। इसके चलते ही मंगलवार को पुलिस और कालेज प्रशासन की ओर से अभियान चलाया गया। इस दौरान छात्रों के आइ कार्ड चेक किए गए। काफी छात्रा बिना आइ कार्ड के थे। उनसे अब रोजाना आइ कार्ड लाने के लिए कहा गया। चेङ्क्षकग अभियान के दौरान कई छात्र बाहर के भी मिले तो उनको जमकर हड़काया गया। दोबारा दिखाई देने पर पुलिस को देने की चेतावनी दी गई।





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