भाजपा विधायकों के निलंबन का विरोध कर रहे दो विधायकों को मार्शल से बाहर कराया

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झारखंड विधानसभा में आज प्रश्नकाल के दौरान भ्रष्टाचार के आरोप में मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुये हंगामा कर रहे मुख्य विपक्षी भारतीय जनता पार्टी के चार विधायकों को निलंबित किये जाने के बाद हंगामा कर रहे पार्टी के दो विधायकों को विधानसभा अध्यक्ष ने मार्शल बुला कर बाहर करवा दिया। इस पर कार्रवाई करते हुए विधानसभा अध्यक्ष रवीन्द्र नाथ महतो ने हंगामा कर रहे भाजपा के दो विधायकों को मार्शल से उठवाकर सदन के बाहर करवा दिया।

रांची, 3 अगस्त। झारखंड विधानसभा में आज प्रश्नकाल के दौरान भ्रष्टाचार के आरोप में मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुये हंगामा कर रहे मुख्य विपक्षी भारतीय जनता पार्टी के चार विधायकों को निलंबित किये जाने के बाद हंगामा कर रहे पार्टी के दो विधायकों को विधानसभा अध्यक्ष ने मार्शल बुला कर बाहर करवा दिया। विधायकों के निलंबन के बाद भाजपा के विधायकों ने सदन के भीतर जमकर प्रदर्शन किया और विधानसभा अध्यक्ष पर झारखंड मुक्ति मोर्चा के सदस्य की तरह काम करने का आरोप लगाया।

इस पर कार्रवाई करते हुए विधानसभा अध्यक्ष रवीन्द्र नाथ महतो ने हंगामा कर रहे भाजपा के दो विधायकों को मार्शल से उठवाकर सदन के बाहर करवा दिया। महतो की इस कार्रवाई और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सरकार की ओर से कोई जवाब न मिलने के खिलाफ भाजपा के सभी विधायक विधानसभा से बहिर्गमन कर गये और अनुपूरक बजट मांगों पर हो रही चर्चा में भाग नहीं लिया। झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन मंगलवार को हेमंत सोरेन सरकार पर तमाम तरह के भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर प्रश्नकाल के दौरान मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे चार भाजपा विधायकों को महतो ने तीन दिन के लिए सदन से निलंबित कर दिया।

इस पर भोजनावकाश के बाद अनुपूरक बजट मांग पर चर्चा के बीच भाजपा विधायकों ने सरकार के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। विधानसभा में अध्यक्ष के आसन के समीप आकर विरोध प्रदर्शन कर रहे भाजपा विधायकों में अमर कुमार बाउड़ी रिपोर्टिंग टेबल पर चढ़ गये और मनीष जयसवाल भी उनके साथ राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे, जिसके बाद महतो ने इन दोनों विधायकों को मार्शल बुला कर जबरन सदन से बाहर करवा दिया। इसके विरोध में भाजपा विधायक और उग्र हो गये तथा उन्होंने सदन में जमकर नारेबाजी की।

विधायकों के खिलाफ कार्रवाई के विरोध में पार्टी सदस्यों ने बाद में अनुपूरक बजट पर सदन में चल रही चर्चा का बहिष्कार किया और सदन से बहिर्गमन कर गये। सदन से बाहर लाये गये भाजपा विधायक मनीष जयसवाल ने आरोप लगाया, ‘‘विधानसभाध्यक्ष का आचरण अध्यक्ष के आसन पर बैठकर सत्ताधारी झारखंड मुक्ति मोर्चा के सदस्य के समान है। ऐसा नहीं होना चाहिए।’’ मंगलवार को विधानसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे प्रारंभ होते ही भाजपा के विधायकों ने हेमंत सोरेन सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया और अध्यक्ष के आसन के समक्ष आकर नारेबाजी करने लगे।

मंगलवार को झारखंड विधानसभा की कार्यवाही सुबह ग्यारह बजे प्रारंभ होते ही भाजपा के विधायकों ने हेमंत सोरेन सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया और आसन के समक्ष आकर नारेबाजी करने लगे। भाजपा विधायक एवं पूर्व मंत्री बी पी शाही के नेतृत्व में ‘भ्रष्ट मुख्यमत्री हेमंत सोरेन इस्तीफा दो’ के नारे लगा रहे थे। भाजपा विधायक इस बात पर अड़े रहे कि भ्रष्टाचार के मामले पर सदन में विशेष चर्चा करायी जाये।

भाजपा विधायकों का आरोप था कि मुख्यमंत्री के विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भ्रष्टाचार के मामलों में गिरफ्तार कर लिया है और उनके पास से करोड़ों की नकदी बरामद हुई है, जबकि मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार अभिषेक प्रसाद उर्फ पिंटू को पूछताछ के लिए सोमवार को बुलाया गया था और वह ईडी में पेश होने से बच रहे हैं। भाजपा विधायकों ने आरोप लगाया कि इस स्थिति में मुख्यमंत्री को अपने पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। भाजपा विधायकों ने तत्काल मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी सरकार के इस्तीफे की मांग की।

महतो ने विधायकों को समझाने की बहुत कोशिश की और उन्हें अपने स्थान पर जाने तथा प्रश्नकाल चलने देने का आग्रह किया। लेकिन जब भाजपा विधायक नहीं माने तो अध्यक्ष ने चार भाजपा विधायकों - बी पी शाही,ढुल्लू महतो, रणधीर सिंह और जयप्रकाश भाई पटेल - को तीन दिन के लिए सदन से निलंबित कर दिया। अध्यक्ष के इस फैसले पर भाजपा विधायक और उग्र हो गये तथा उन्होंने जमकर हंगामा किया और ‘भ्रष्ट सरकार इस्तीफा दो’ के नारे लगाते रहे।

हंगामा बढ़ता देख महतो ने सदन की कार्यवाही दोपहर साढ़े बारह बजे तक के लिए स्थगित कर दी। झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र पांच अगस्त तक निर्धारित है और अध्यक्ष के आज के फैसले के चलते भाजपा के चारों विधायक चार अगस्त तक निलंबित रहेंगे। इससे पूर्व भाजपा विधायकों के हंगामे के बीच कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव ने कहा कि वे लोग भ्रष्टाचार की बात कर रहे हैं जिनके सरकार में मंत्री रहे सरयू राय ने उसी सरकार में हुए भ्रष्टाचार पर किताब लिख दी है।

विधायकों को निलंबित करने से पहले विधानसभा अध्यक्ष ने उन्हें समझाने की पूरी कोशिश की लेकिन जब वे आसन के समक्ष आकर समानांतर सदन चलाने लगे तो महतो ने उन्हें निलंबित कर दिया और सदन से बाहर जाने के निर्देश दिये। भाजपा विधायकों के निलंबन पर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं रांची से भाजपा विधायक चंद्रेश्वर प्रसाद सिंह ने कहा, ‘‘यह लोकतंत्र की हत्या है और विधायकों की आवाज दबाकर हेमंत सोरेन सरकार अपने भ्रष्टाचार के पापों को छिपा नहीं सकती है।

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