ये सरकार मंदिर नहीं बनाएगी तो सत्ता में भी नहीं आयेगी: उद्धव ठाकरे

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 25, 2018   12:22
ये सरकार मंदिर नहीं बनाएगी तो सत्ता में भी नहीं आयेगी: उद्धव ठाकरे

ठाकरे ने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि यहां मंदिर था, है और रहेगा। ये तो हमारी भी भावना है। ''लेकिन वह मंदिर दिखेगा कब?

अयोध्या। राम मंदिर निर्माण को लेकर सरकार पर हमला जारी रखते हुए शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने आज कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान मंदिर मुद्दे का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए और हिन्दुओं की भावनाओं के साथ खिलवाड़ भी नहीं किया जाना चाहिए। ठाकरे ने यहां संवाददाताओं से कहा, 'चुनाव प्रचार के दौरान इस (राम मंदिर) मुद्दे का इस्तेमाल ना करें ... हिन्दुओं की भावनाओं के साथ खिलवाड़ ना करें।' उन्होंने कहा कि दिन, साल और पीढ़ियां बीती जा रही हैं लेकिन राम लला का मंदिर नहीं बन रहा है ।

ठाकरे ने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि यहां मंदिर था, है और रहेगा। ये तो हमारी भी भावना है। 'लेकिन वह मंदिर दिखेगा कब? उसका जल्द से जल्द निर्माण होना चाहिए।' उन्होंने कहा कि अब लोकसभा चुनाव के लिए कुछ ही महीने बाकी हैं। संसद का केवल एक सत्र बचा है। सरकार अध्यादेश लाये। शिवसेना हिन्दुत्व के लिए हमेशा से साथ दे रही है और आगे भी देगी। 'चाहे कानून लाइये या अध्यादेश, लेकिन मंदिर अवश्य बनाइये। हिन्दुओं की भावनाओं से खिलवाड़ नहीं होना चाहिए।' 

ठाकरे ने कहा कि हिन्दू आज पूछ रहा है कि मंदिर कब बनेगा। साथ ही शिवसेना प्रमुख ने साफ किया कि वह राजनीति करने के लिए अयोध्या नहीं आये हैं और ना ही उनका कोई छिपा एजेंडा ह ।

उन्होंने कहा, 'मैं (भाजपा से) सवाल यही पूछ रहा हूं कि जब आप (चुनाव) प्रचार कर रहे थे तो कहते थे कि संविधान के दायरे में हर संभावना तलाश की जाएगी ... पिछले चार साल में कितनी संभावना तलाशी गयी ? कब उस संभावना की तलाश करेंगे?'  ठाकरे ने कहा कि प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के समय मिली जुली सरकार थी । उस समय ये काम नहीं हो सका, लेकिन वर्तमान सरकार मजबूत है और ये सरकार मंदिर निर्माण नहीं करेगी तो कौन करेगा ? 

उन्होंने कहा कि ये सरकार मंदिर नहीं बनाएगी तो शायद ये सरकार भी नहीं बनेगी, लेकिन... मंदिर अवश्य बनेगा। मुंबई में उत्तर भारतीयों पर हमले के बारे में पूछे गये सवाल पर ठाकरे ने कहा कि डर की कोई भावना ना थी और ना आगे कभी रहेगी । 'आप मुंबई आकर देखो, मेरे साथ यहां कई उत्तर भारतीय आये हैं, वे मुझसे अच्छी मराठी बोलते होंगे।'





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