बेंगलुरु पहुंचने पर पृथक-वास में नहीं जाने को लेकर विवाद में घिरे केंद्रीय मंत्री सदानंद गौड़ा

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मई 25, 2020   20:38
बेंगलुरु पहुंचने पर पृथक-वास में नहीं जाने को लेकर विवाद में घिरे केंद्रीय मंत्री सदानंद गौड़ा

बेंगलुरू (उत्तर) सीट से सांसद गौड़ा एक वाणिज्यिक उड़ान से यहां पहुंचने के बाद पृथक-वास में गये बगैर एक सरकारी कार से वहां से निकल गये। जबकि कोविड-19 के अत्यधिक मामले वाले राज्यों से यहां आने वाले हवाई यात्रियों को कर्नाटक सरकार ने पृथक-वास में जाने का आदेश दे रखा है।

बेंगलुरु। केंद्रीय मंत्री डी वी सदानंद गौड़ा सोमवार को उस वक्त विवादों में आ गये, जब वह दिल्ली से एक उड़ान से यहां हवाईअड्डे पर पहुंचने के बाद पृथक-वास में नहीं गये। उन्होंने अपने इस कदम का बचाव करते हुए कहा कि वह औषध (फार्मास्यूटिकल्स) विभाग का प्रभारी होने के नाते छूट प्राप्त श्रेणी में आते हैं। कर्नाटक सरकार ने भी उनका बचाव करते हुए कहा कि केंद्र ने आवश्यक सेवाओं का प्रबंधन करने वाले लोगों को पृथक-वास में जाने से छूट देने का आदेश जारी किया था। बेंगलुरू (उत्तर) सीट से सांसद गौड़ा एक वाणिज्यिक उड़ान से यहां पहुंचने के बाद पृथक-वास में गये बगैर एक सरकारी कार से वहां से निकल गये। जबकि कोविड-19 के अत्यधिक मामले वाले राज्यों से यहां आने वाले हवाई यात्रियों को कर्नाटक सरकार ने पृथक-वास में जाने का आदेश दे रखा है।

देश में घरेलू उड़ान सेवाएं दो महीने बाद बहाल हुई हैं। केंद्रीय मंत्री के इस कदम से विवाद पैदा हो गया क्योंकि कई लोगों ने सोशल मीडिया पर उन पर नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया जबकि अन्य ने कहा कि नियम-कानून सिर्फ आम आदमी के लिये है, मंत्रियों सहित वीवीआईपी के लिये नहीं। सरकार द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के मुताबिक कोविड-19 के अत्यधिक मामले वाले राज्यों--महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली, तमिलनाडु, राजस्थान और मध्यप्रदेश--से आने वाले यात्रियों को सात दिनों के लिये पृथक-वास में रहना होगा और उसके लिये उन्हें पैसे देने होंगे। गौड़ा ने खुद का बचाव करते हुए कहा कि आवश्यक आपूर्ति के दायरे में आने वाले ‘फार्मास्यूटिकल्स’ विभाग का प्रभारी मंत्री होने के नाते वह छूट प्राप्त श्रेणी में आते हैं और इसलिए उन्हें वहां से जाने की अनुमति दी गई। 

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रसायन एवं उर्वरक मंत्री ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘...आपको लोगों को कोविड-19 को नियंत्रित करने के लिये काम करने देने की जरूरत है। यदि आप कहते हैं कि किसी को बाहर नहीं आना चाहिए, तो क्या आप इसे रोक सकते हैं? फार्मा मंत्री होने के नाते मुझे उत्पादन, आपूर्ति की जांच करनेऔर यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि यह अंतिम पायदान तक पहुंचे, यह मेरी जिम्मेदारी है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘...मेरे मोबाइल फोन पर आरोग्य सेतु ऐप भी यह प्रदर्शित करता है मैं सुरक्षित हूं। हर चीज की जांच करने के बाद हम एक जिम्मेदार तरीके से काम कर सकते हैं। यदि हम अपनी इच्छा के अनुसार विचरण करेंगे , तो मोदी(प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी) भी हमें नहीं बख्शेंगे।’’ कनार्टक में कोविड-19 के लिये प्रवक्ता एवं राज्य के मंत्री एस सुरेश कुमार ने कहा, ‘‘उन्हें (गौड़ा को) फार्मा सेक्टर का प्रभारी मंत्री होने के नाते छूट प्राप्त है...इस बारे में केंद्र सरकार ने पहले ही आदेश जारी किये हैं।’’ बाद में, राज्य के मंत्रियों एवं अधिकारियों के साथगौड़ा ने एक बैठक भी की। उन्होंने कहा कि हवाईअड्डे से रवाना होने से पहले उनके शरीर के तापमान की भी जांच की गई। मंत्री ने कहा कि वह किसी के संपर्क में नहीं आये हैं और इस उड़ान में सिर्फ 11 यात्री थे।





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