UP कांग्रेस ने पीएफ घोटाले को लेकर ऊर्जा मंत्री पर साधा निशाना, श्रीकांत शर्मा ने आरोपों को निराधार बताया

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 6, 2019   16:02
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UP कांग्रेस ने पीएफ घोटाले को लेकर ऊर्जा मंत्री पर साधा निशाना, श्रीकांत शर्मा ने आरोपों को निराधार बताया
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उप्र कांग्रेस ने ट्वीट कर कहा, इस बात की भी जांच होनी चाहिए कि ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा सितंबर अक्टूबर 2017 में दुबई क्यों गये थे और वहां उनकी किन किन लोगों से मुलाकात हुई थी?

लखनऊ। उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने बिजली विभाग में कथित पीएफ घोटाले को लेकर बुधवार को राज्य के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा पर हमला बोला और कहा कि पीएफ की राशि डीएचएफएल में निवेश करने का मुद्दा केवल भ्रष्टाचार ही नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा से भी जुड़ा है। ऊर्जा मंत्री को बताना चाहिए कि वह सितंबर-अक्टूबर 2017 में दुबई क्यों गए थे और किससे मिले थे? हालांकि शर्मा ने कहा कि कांग्रेस निराधार बात कर रही है। उप्र कांग्रेस ने ट्वीट कर कहा, इस बात की भी जांच होनी चाहिए कि ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा सितंबर अक्टूबर 2017 में दुबई क्यों गये थे और वहां उनकी किन किन लोगों से मुलाकात हुई थी? 

इस ट्वीट को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय सिंह लल्लू ने री-ट्वीट किया।लल्लू ने आज अपने स्वयं के ट्वीट में कहा,  बिजली कर्मचारियों के पीएफ की राशि डीएचएफएल में निवेश करने का मुद्दा केवल भ्रष्टाचार ही नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा से भी जुड़ा है। ऊर्जा मंत्री बताएं कि वह दुबई क्यों गए थे? किससे मिले थे? गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन के कर्मचारियों की भविष्यनिधि (पीएफ) के करीब 2,600 करोड़ रुपये का कथित तौर पर अनियमित तरीके से निजी संस्था डीएचएफएल में निवेश किए जाने का खुलासा हुआ है। सरकार ने मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की है। केंद्रीय एजेंसी के जांच अपने हाथ में लेने तक आर्थिक अपराध शाखा इसकी तफ्तीश कर रही है।इसके बाद से ऊर्जा मंत्री विपक्ष के निशाने पर आ गए हैं।दो दिन पहले कांग्रेस प्रवक्ता अशोक सिंह ने ट्वीट कर इस घोटाले को लेकर मंत्री को हटाने की मांग की थी।  उन्होंने कहा था कि उप्र पावर कार्पोरेशन में इतने बड़े घोटाले के बाद क्या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ऊर्जा मंत्री को उनके पद से हटायेंगे। प्रदेश के ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत मंत्री श्रीकान्त शर्मा ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि  प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष श्रीमान लल्लू मीडिया में प्रसिद्धि के लिए बचकाने और मनगढ़ंत आरोपों पर उतर आए हैं।’’

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उन्होंने कहा कि वह आज तक किसी विदेश दौरे पर गए ही नहीं हैं। किस आधार पर लल्लू ऐसा निराधार आरोप लगा रहे हैं। उन्हें लगता है कि अपने झूठ के दम पर वह चर्चा में आ जाएंगे। ऊर्जा मंत्री ने यह बात निजी कंपनी के खर्चे पर दुबई यात्रा करने के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के आरोप के जवाब में कही।  उन्होंने कहा कि उनके (लल्लू) नेता छुट्टियां मनाने विदेश आते-जाते रहते हैं। उन्हें हिसाब ही लगाना है तो राहुल गांधी के दौरों का लगाएं कि वह एसपीजी सुरक्षा वाले व्यक्ति होने के बाद भी बिना सुरक्षा गोपनीय तरीके विदेशी दौरों में क्या करते हैं। श्रीमान लल्लू अपनी घटिया राजनीति के चक्कर में सार्वजनिक जीवन की सारी मर्यादाएं लांघ रहे हैं। उन्हें इन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।  इसके पूर्व, मंगलवार को पीएफ घोटाला मामले में उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन के पूर्व प्रबंध निदेशक एपी मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया गया। मामले में सीपीएफ ट्रस्ट और जीपीएफ ट्रस्ट के तत्कालीन सचिव पीके गुप्ता और तत्कालीन निदेशक (वित्त) एवं सह ट्रस्टी सुधांशु द्विवेदी को शनिवार को ही गिरफ्तार कर लिया गया था।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


PM के संयंत्र में आने से समाधानों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता मजबूत होगी: भारत बायोटेक

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 28, 2020   19:34
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PM के संयंत्र में आने से समाधानों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता मजबूत होगी: भारत बायोटेक
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प्रधानमंत्री मोदी ने भारत बायोटेक द्वारा विकसित कोरोना वायरस के संभावित टीके कोवैक्सीन की प्रगति की समीक्षा करने के लिये जीनोम घाटी में स्थित उसके संयंत्र की यात्रा की।

नयी दिल्ली। दवा बनाने वाली कंपनी भारत बायोटेक ने शनिवार को कहा कि हैदराबाद में जीनोम घाटी में स्थित उसके संयंत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आने से वैज्ञानिक खोज और सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्याओं को सुलझाने की प्रतिबद्धता मजबूती मिली है। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत बायोटेक द्वारा विकसित कोरोना वायरस के संभावित टीके कोवैक्सीन की प्रगति की समीक्षा करने के लिये जीनोम घाटी में स्थित उसके संयंत्र की यात्रा की। 

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कंपनी ने एक बयान में कहा, ‘‘प्रधानमंत्री की यात्रा से हमें टीके के लिए प्रेरणा मिली है। इससे वैज्ञानिक खोज, सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्याओं के निराकरण तथा कोविड-19 के खिलाफ भारत की लड़ाई के प्रति हमारी प्रतिबद्धता मजबूत होती है।’’ कंपनी अभी कोवैक्सीन का तीसरे चरण का नैदानिक परीक्षण कर रही है।





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मेघालय में कोरोना के 71 नये मामले, एक और मरीज की जान गयी

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 28, 2020   19:25
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मेघालय में कोरोना के 71 नये मामले, एक और मरीज की जान गयी
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राज्य में अबतक 111 लोगों की इस बीमारी से मौत हो चुकी है। उन्होंने बताया कि पूर्वी खासी पहाड़ी जिले में सबसे अधिक 53 नये मरीज सामने आये हैं जबकि पश्चिमी गारो पहाड़ी जिले में नौ और रि-भोई में तीन नये मामले सामने आये।

शिलांग। मेघालय में 71 और लोगों में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि होने के बाद शनिवार को राज्य में कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 11,704 हो गयी। स्वास्थ्य सेवा निदेशक अमन वार ने बताया कि कोविड-19 से एक और मरीज की मौत हो जाने से राज्य में अबतक 111 लोगों की इस बीमारी से मौत हो चुकी है। उन्होंने बताया कि पूर्वी खासी पहाड़ी जिले में सबसे अधिक 53 नये मरीज सामने आये हैं जबकि पश्चिमी गारो पहाड़ी जिले में नौ और रि-भोई में तीन नये मामले सामने आये। 

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वार के मुताबिक, मेघालय में फिलहाल कोविड-19 के 858 मरीज उपचाराधीन हैं। उनके अनुसार शनिवार को 129 और मरीजों के स्वस्थ होने के साथ ही अबतक 10,735 लोग संक्रमणमुक्त हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में अबतक कोविड-19 के लिये 2.39 लाख नमूनों की जांच हुई है।





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गहलोत का बड़ा ऐलान, राजस्थान में कोविड-19 की जांच 800 रुपये में होगी

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 28, 2020   19:15
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गहलोत का बड़ा ऐलान, राजस्थान में कोविड-19 की जांच 800 रुपये में होगी
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उन्होंने कहा, किट की लागत में कमी को देखते हुए अब राज्य सरकार सभी निजी प्रयोगशालाओं को यह जांच 1200 रुपये के बजाय 800 रुपये में करने को पाबंद करेगी। गहलोत ने कहा कि राजस्थान में कोरोना वायरस संक्रमण की जांच केवल आरटी-पीसीआर के जरिए हो रही है, जो पूरी दुनिया में सबसे विश्वसनीय जांच प्रक्रिया है।

जयपुर। राजस्थान में निजी प्रयोगशालाओं में कोरोना वायरस संक्रमण की जांच अब 1200 रुपये के बजाय 800 रुपये में होगी। राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि आरटी-पीसीआर जांच किट की लागत में कमी को देखते हुए राज्य सरकार ने यह फैसला किया है। गहलोत ने कहा कि शुरू में निजी प्रयोगशालाओं में कोविड-19 जांच का शुल्क 2200 रुपये था जिसे बाद में सरकार ने 1200 रुपये तय किया। उन्होंने कहा, किट की लागत में कमी को देखते हुए अब राज्य सरकार सभी निजी प्रयोगशालाओं को यह जांच 1200 रुपये के बजाय 800 रुपये में करने को पाबंद करेगी। गहलोत ने कहा कि राजस्थान में कोरोना वायरस संक्रमण की जांच केवल आरटी-पीसीआर के जरिए हो रही है, जो पूरी दुनिया में सबसे विश्वसनीय जांच प्रक्रिया है।

गहलोत ने शनिवार को राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (आरयूएचएस) अस्पताल, जयपुर में 70 बिस्तर वाले नए कोविड आईसीयू, छह जिलों में आरटी-पीसीआर जांच प्रयोगशाला तथा जोधपुर के मथुरादास माथुर अस्पताल में अत्याधुनिक कैंसर उपचार वार्ड तथा अन्य चिकित्सा सुविधाओं का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमित व्यक्तियों की अधिकाधिक जांच और समुचित इलाज के लिए पूरे राजस्थान में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत किया गया है और अब हर जिले में आरटी-पीसीआर जांच की सुविधा उपलब्ध है। टोंक, प्रतापगढ़, राजमसन्द के नाथद्वारा, जैसलमेर, हनुमानगढ़ और बूंदी में जांच प्रयोगशाला का लोकार्पण करते हुए उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों में कोरोना की निशुल्क जांच के लिए प्रयोगशालाएं शुरू कर दी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का ध्येय ‘निरोगी राजस्थान‘ बनाने का है, जिसके लिए अभियान शुरू किया गया था। 

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इस बीच, मार्च माह में कोरोना संक्रमण फैल गया, लेकिन अब इस अभियान को फिर से आगे बढ़ाया जाएगा। राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. सी.पी. जोशी ने कहा कि राज्य सरकार ने जिस तरह सभी वर्गों को साथ लेकर कोरोना महामारी का सामना किया है उसके लिए पूरे देश में मुख्यमंत्री गहलोत की सराहना की जा रही है। शासन सचिव (स्वास्थ्य शिक्षा)वैभव गलरिया ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में 38 सरकारी और 23 निजी प्रयोगशालाओं में कोविड-19 की जांच की जा रही है। राजस्थान ने एक दिन में 60,000 आरटी-पीसीआर परीक्षण करने की क्षमता हासिल कर ली है।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।