पेगासस और कृषि विधेयकों को लेकर हंगामा, लोकसभा की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित

 Lok Sabha

पेगासस जासूसी मामला, तीन केंद्रीय कृषि कानूनों सहित विभिन्न मुद्दों पर विपक्षी दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण सोमवार को लोकसभा की कार्यवाही तीन बार के स्थगन के बाद दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई, हालांकि इससे पहले सरकार ने सदन में शोर-शराबे के बीच दो विधेयक भी पारित कराये।

नयी दिल्ली। पेगासस जासूसी मामला, तीन केंद्रीय कृषि कानूनों सहित विभिन्न मुद्दों पर विपक्षी दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण सोमवार को लोकसभा की कार्यवाही तीन बार के स्थगन के बाद दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई, हालांकि इससे पहले सरकार ने सदन में शोर-शराबे के बीच दो विधेयक भी पारित कराये। मॉनसून सत्र के पहले सप्ताह में भी इन मुद्दों को लेकर सदन की कार्यवाही बाधित रही। सोमवार को सदन की कार्यवाही तीन बार के स्थगन के बाद अपराह्न तीन बजे आरंभ हुई तो विपक्षी दलों के सदस्यों का हंगामा जारी रहा।

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पीठासीन सभापति रमा देवी ने विपक्षी सदस्यों से अपने स्थान पर जाने और चर्चा में भाग लेने की अपील की। इसके बाद भी हंगामा नहीं थमा। सदन में विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी के बीच ‘फेक्टर विनियमन (संशोधन) विधेयक, 2020’ और ‘राष्ट्रीय खाद्य उद्यमिता और प्रबंध संस्थान विधेयक, 2021’ पारित किये गए। दोनों विधेयकों को पारित करने के दौरान विपक्षी सदस्यों ने ‘तानाशाही नहीं चलेगी’ के नारे लगाए। इससे पहले, हंगामे के बीच ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (संशोधन) विधेयक, 2021 पेश किया और मसूर दाल पर आयात शुल्क घटाकर शून्य करने तथा मसूर की दाल पर कृषि बुनियादी ढांचा विकास उपकर को भी आधा कर 10 प्रतिशत करने संबंधी अधिसूचना को पेश किया।

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आज सुबह निचले सदन की कार्यवाही शुरू होने पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने करगिल विजय दिवस पर वीर सैनिकों का स्मरण किया। सदन में सदस्यों ने कुछ पल मौन रखकर मातृभूमि की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों के प्रति सम्मान प्रकट किया। अध्यक्ष बिरला ने ओलंपिक में महिलाओं की 49 किलोग्राम वर्ग भारोत्तोलन स्पर्धा में रजत पदक जीतने वाली मीराबाई चानू की उपलब्धि का जिक्र किया और सदन तथा अपनी ओर से उन्हें बधाई दी। इसके बाद बिरला ने जैसे ही प्रश्नकाल शुरू करने को कहा, वैसे ही कांग्रेस सहित कुछ विपक्षी दलों के सदस्य अपनी-अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करने लगे। कुछ सदस्यों ने अपने हाथों में तख्तियां ले रखी थीं। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शोर-शराबे के बीच ही प्रश्नकाल की कार्यवाही को आगे बढ़ाया। इस दौरान कुछ सदस्यों ने पूरक प्रश्न पूछे और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान तथा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने उनके जवाब भी दिये। इस बीच, अध्यक्ष ओम बिरला ने सदस्यों से अपने स्थान पर लौटने का आग्रह किया। बिरला ने शोर-शराबा कर रहे विपक्षी सदस्यों से कहा, ‘‘जनता ने आपको चुनकर भेजा है ताकि आप यहां उनके मुद्दे उठा सकें लेकिन आप नारेबाजी कर रहे हैं, तख्तियां लहरा रहे हैं।’’ उन्होंने कहा कि यह ठीक नहीं है।

बिरला ने कहा कि सदस्य अपने स्थान पर जाएं और कार्यवाही चलने दें। हालांकि, सदस्यों का हंगामा जारी रहा। व्यवस्था बनते हुए नहीं देख लोकसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजकर 25 मिनट पर दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी। बैठक पुन: शुरू होने पर कांग्रेस समेत कुछ विपक्षी दलों के सदस्य विभिन्न मुद्दों पर नारेबाजी करने लगे। शोर-शराबे के बीच ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (संशोधन) विधेयक, 2021 पेश किया। पीठासीन सभापति किरीट सोलंकी ने नारेबाजी कर रहे विपक्षी सदस्यों से अपने स्थानों पर जाने और कार्यवाही चलेने देने का अनुरोध किया। लेकिन हंगामा नहीं थमने पर उन्होंने बैठक को करीब पांच मिनट बाद ही अपराह्न 2:45 बजे तक स्थगित कर दिया।

कार्यवाही अपराह्न 2:45 बजे आरंभ होने के बाद विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी जारी रही जिसके बाद पीठासीन सभापति रमा देवी ने कार्रवाई तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दी। सदन की बैठक तीन बजे आरंभ होने के बाद भी हंगामा जारी रहा और शोर-शराबे के बीच ही दो विधेयकों के पारित होने के बाद रमा देवी ने अपराह्न करीब तीन बजकर 20 मिनट पर कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

डिस्क्लेमर: प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


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