अमेरिकी रिपोर्ट ने भारत को बताया गया है धर्मनिरपेक्ष सिद्धांतों के खिलाफ, विदेश मंत्रालय बोला- ये उनकी उनकी समझ की कमी को दर्शाता है

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अभिनय आकाश । Nov 25, 2022 12:38PM
विदेश मंत्रालय ने रिपोर्ट में की गई टिप्पणियों को यूएससीआईआरएफ द्वारा भारत के बारे में पक्षपाती और गलत टिप्पणियों के रूप में वर्णित किया। यूएससीआईआरएफ की रिपोर्ट में कहा गया कि कथित तौर पर धार्मिक स्वतंत्रता भारत में खतरे में है।

अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता पर अमेरिकी आयोग (यूएससीआईआरएफ) की भारत में धार्मिक आजादी संबंधी रिपोर्ट को भारत की तरफ से सिरे से नकार दिया गया है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता के अमेरिकी आयोग (यूएससीआईआरएफ) की रिपोर्ट की आलोचना की है। भारतीय विदेश मंत्रालय की तरफ से कहा गया है कि इसकी कोई विश्वसनीयता नहीं है औऱ ये मनगढंत एजेंडे के आधार पर तैयार किया गया है। यूएससीआईआरएफ की रिपोर्ट में कहा गया कि कथित तौर पर धार्मिक स्वतंत्रता भारत में खतरे में है। 

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विदेश मंत्रालय ने रिपोर्ट में की गई टिप्पणियों को यूएससीआईआरएफ द्वारा भारत के बारे में पक्षपाती और गलत टिप्पणियों के रूप में वर्णित किया। यूएससीआईआरएफ की रिपोर्ट में कहा गया कि कथित तौर पर धार्मिक स्वतंत्रता भारत में खतरे में है। प्रवक्ताअरिंदम बागची ने कहा कि वे तथ्यों को लगातार गलत तरीके से पेश करने की प्रवृत्ति रखते हैं और यह हमारे संवैधानिक ढांचे, बहुलता और हमारी मजबूत लोकतांत्रिक व्यवस्था के बारे में उनकी समझ की कमी को दर्शाता है।

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इस साल की शुरुआत में अपनी 2022 की वार्षिक रिपोर्ट में यूएससीआईआरएफ ने सिफारिश की थी कि अमेरिकी राज्य विभाग भारत को गंभीर धार्मिक स्वतंत्रता के उल्लंघन में शामिल होने के लिए "विशेष चिंता का देश" के रूप में नामित करे। अमेरिकी विदेश विभाग ने अब तक आयोग की सिफारिशों को शामिल करने से इनकार कर दिया है। USCIRF की सिफारिशों को लागू करना राज्य विभाग के लिए अनिवार्य नहीं है।

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