उत्तराखंड हिमस्खलन: अबतक 384 लोगों की बचाई गई जान, 8 शव बरामद

उत्तराखंड हिमस्खलन: अबतक 384 लोगों की बचाई गई जान, 8 शव बरामद

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने नीति घाटी के सुमना का हवाई सर्वेक्षण किया जहां कल ग्लेशियर टूट गया था। सर्वेक्षण के बाद तीरथ सिंह रावत ने कहा कि बीआरओ अभी काम पर लगी हुई है।

उत्तराखंड में चमोली जिले की नीति घाटी की सीमा से सटे इलाके में शुक्रवार को हिमस्खलन हुआ था। हिमस्खलन की सूचना मिलने के बाद सीमा सड़क संगठन के अधिकारी घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं। सीमा सडक संगठन के एक अधिकारी ने बताया कि चमोली जिले की नीति घाटी में मलारी के समीप सुमना चौकी से आगे ग्लेशियर के गिरने की सूचना मिली है। हालांकि, बर्फबारी के कारण उस इलाके में संपर्क नहीं हो पा रहा है।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने नीति घाटी के सुमना का हवाई सर्वेक्षण किया जहां कल ग्लेशियर टूट गया था। सर्वेक्षण के बाद तीरथ सिंह रावत ने कहा कि बीआरओ अभी काम पर लगी हुई है। लेकिन उनकी कनेक्टिविटी टूटी हुई है। बर्फ बहुत ज्यादा गिरी है। बर्फ से कई जगह सड़कें ब्लॉक है। आसपास के गांव और मवेशियों को कोई नुकसान नहीं हुआ है। केवल सड़क मार्ग पर नुकसान हुआ है।

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लेकिन इन सबके बीच अब दुखद खबर आ रही है। ग्लेशियर टूटने की घटना पर उत्तराखंड के डीजीपी अशोक कुमार ने कहा कि आइटीबीपी और आर्मी का कैंप सुरक्षित है। बीआरओ का दो जगह काम चल रहा था उसमें करीब 430 लोग थे जिनमें से 384 लोग आ गए हैं। बाकी की तलाश जारी है। दुखद खबर देते हुए उन्होंने कहा कि कुल 8 शव अब तक बरामद हुए हैं।





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