उत्तराखंड सरकार ने दिए प्रदेश भर में जर्जर विद्यालयी भवनों को ध्वस्त करने के आदेश

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उत्तराखंड के चंपावत में एक विद्यालय में शौचालय की छत गिरने से एक छात्र की मृत्यु होने की घटना को देखते हुए प्रदेश के शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने प्रदेश भर में जर्जर हो चुके विद्यालयी भवनों का सर्वेक्षण कराकर उन्हें ध्वस्त करने के बृहस्पतिवार को निर्देश दिए।

उत्तराखंड के चंपावत में एक विद्यालय में शौचालय की छत गिरने से एक छात्र की मृत्यु होने की घटना को देखते हुए प्रदेश के शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने प्रदेश भर में जर्जर हो चुके विद्यालयी भवनों का सर्वेक्षण कराकर उन्हें ध्वस्त करने के बृहस्पतिवार को निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जर्जर भवनों को गिरा दिया जाए जिससे भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों। चंपावत के पाटी ब्लॉक में प्राथमिक विद्यालय मौनकांडा में शौचालय की छत गिरने से तीसरी कक्षा में पढ़ने वाले एक छात्र की मृत्यु हो गई थी तथा तीन अन्य घायल हो गए थे।

मंत्री ने शिक्षा सचिव रविनाथ रमन को भविष्य में इस तरह की घटना रोकने के लिये प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में जीर्ण-शीर्ण विद्यालयी भवनों का सर्वेक्षण करा ध्वस्तीकरण की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और साथ ही मरम्मत योग्य भवनों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर सरकार के समक्ष पेश की जाए। मंत्री के निर्देश के तत्काल बाद महानिदेशक, स्कूली शिक्षा बंशीधर तिवारी ने समस्त मुख्य शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेज कर जीर्ण-शीर्ण भवनों के ध्वस्तीकरण के निर्देश जारी कर दिये।

महानिदेशक ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि पूर्व में भी समय-समय पर जर्जर भवनों को उपयोग में न लाने के निर्देश दिये जाते रहे हैं लेकिन इसके बावजूद इस तरह की घटनाएं होना कहीं न कहीं विद्यालय प्रशासन की लापरवाही प्रतीत होती है। उन्होंने पत्र में छात्र-छात्राओं को सुरक्षित भवनों में बिठाने और विद्यालय परिसर में स्थित पेड़, बिजली के तार व ट्रांसफार्मर से छात्रों को दूर रखे जाने के निर्देश भी जारी किये हैं।

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