• वैक्सीन की किल्लत हो सकती है दूर, PM मोदी की कमला हैरिस से हुई बातचीत

अभिनय आकाश Jun 03, 2021 22:20

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस से फोन पर बातचीत हुई है। वैक्सीन को लेकर दोनों के बीच इस वक्त फोन पर चर्चा हुई है। पीएम मोदी ने खुद ट्वीट कर इस बात की जानकारी देते हुआ कहा कि कुछ देर पहले उप राष्ट्रपति कमला हैरिस के साथ बातचीत हुई है।

भारत में कोरोना की दूसरी लहर की रफ्तार धीमी हुई है। इसके साथ पूरे देश में टीकाकरण अभियान भी चलाया जा रहा है। हालांकि टीकाकरण की रफ्तार अभी कम है। कारण है टीके की कमी। लेकिन अब वैक्सीन की किल्लत दूर हो सकती है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस से फोन पर बातचीत हुई है। वैक्सीन को लेकर दोनों के बीच इस वक्त फोन पर चर्चा हुई है। सूत्रों की माने तो पीएम मोदी ने कमला हैरिस को हालात सुधरने पर भारत आने का न्यौता भी दिया है। गौर करने वाली बात ये है कि एस जयशंकर के दौरे के बाद ये बातचीत हुई है। वैक्सीन पर जो बाइडेन का ऐलान भी हुआ है और उन्होंने कहा है कि भारत को अमेरिका वैक्सीन देगा। अब पीएम मोदी और अमेरकी उपराष्ट्रपति के बीच बातचीत हुई है। जिसके बाद से कयास लगाए जा रहे हैं कि फाइजर और मॉर्डना की वैक्सीन भारत आ सकती है। 

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 पीएम मोदी ने ट्वीट कर दी जानकारी

पीएम मोदी ने खुद ट्वीट कर इस बात की जानकारी देते हुआ कहा कि कुछ देर पहले उप राष्ट्रपति कमला हैरिस के साथ बातचीत हुई है। वैश्विक वैक्सीन साझा करने की अमेरिकी रणनीति के तहत भारत को वैक्सीन की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए मैंने दिल से सराहना किया। मैंने उन्हें अमेरिकी सरकार, कारोबारियों और प्रवासी भारतीयों से मिले समर्थन और एकजुटता के लिए भी धन्यवाद दिया। 

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वैक्सीन के 8 करोड़ डोज सप्लाई किए जाएंगे

व्हाइट हाउस ने दुनिया के साथ कोविड-19 टीके साझा करने की अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन की योजना का अनावरण किया। बाइडन प्रशासन की इस योजना के तहत 75 प्रतिशत अतिरिक्त खुराकें संयुक्त राष्ट्र के सहयोग से चलायी जा रही ‘कोवैक्स’ पहल के जरिए आपूर्ति की जाएंगी। व्हाइट हाउस ने पूर्व में कहा था कि उसका इरादा टीके की आठ करोड़ खुराकें जून अंत तक दुनिया के साथ साझा करने का है। बाइडन प्रशासन ने कहा है कि 25 प्रतिशत अतिरिक्त खुराकें आपात स्थिति और सहयोगी देशों को सीधे भेजने के लिए सुरक्षित रखी जाएंगी। अमेरिका में टीके की मांग कम होने के बीच यह बहुप्रतीक्षित योजना शुरू की गयी है। अमेरिका में 63 प्रतिशत से ज्यादा वयस्कों को टीके की कम से कम एक खुराक लग चुकी है, वहीं दुनिया में टीके को लेकर गैरबराबरी दिख रही है।