गोरखपुर में सब्जी की थोक मंडी तीन दिनों के लिए बंद, आसमान पर सब्जियों के दाम

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गोरखपुर एवं आसपास के इलाकों में सब्जी की आपूर्ति महेवा मंडी से होती है। मंडी में ज्यादातर सब्जियां दूसरे प्रदेशों से आती हैं, लेकिन तीन दिन की बंदी की वजह से बाहरी सब्जियों की आवक नहीं हो रही है।

गोरखपुर। सब्जी के थोक विक्रेताओं ने महेवा स्थित सब्जी की थोक मंडी को होली एवं शब-ए-बरात को देखते हुए 29 व 30 मार्च को बंदी का निर्णय लिया था, जबकि महीने के आखिरी दिन मासिक बंदी होती है। इसलिए अब मंडी को पहली अप्रैल से खोलने का फैसला किया गया है। तीन दिनों तक बंदी के कारण लोगों को आसपास के कस्बे से आने वाली सब्जियों से काम चलाना पड़ेगा।

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गोरखपुर एवं आसपास के इलाकों में सब्जी की आपूर्ति महेवा मंडी से होती है। मंडी में ज्यादातर सब्जियां दूसरे प्रदेशों से आती हैं, लेकिन तीन दिन की बंदी की वजह से बाहरी सब्जियों की आवक नहीं हो रही है। स्थानीय दुकानदारों ने मौके का फायदा उठाकर सब्जियों के दाम बढ़ा दिए हैं। परवल 80, भिंडी 50, करेला 50 तथा मटर 60 रुपये किलो बेचा जा रहा है। लोकल स्थानीय बाजार में सब्जी खरीदने आये खरीददारों ने बताया कि दो दिन पहले जो सब्जी 40 रुपये किलो मिल रही थी वही सब्जी 60 रुपये मिल रही है वह भी बासी। पूरी मंडी में कहीं भी ताजी सब्जी नजर नहीं आई।

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मंगलवार सुबह दस बजे तक सब्जी का ठेला नजर नहीं आया तो खरीददारों ने सब्जी लेने के लिये मंडी का रूख किया लेकिन वहां सन्नाटा पसरा हुआ मिला। स्थानीय लोगों से पूछने पर पता चला कि मंडी तीन दिनों तक बंद रहेगी। जाफरा बाजार में सब्जी विक्रेता मोहम्मद फैसल ने बताया कि मंडी बंद होने की वजह से सब्जी की किल्लत हो गई है। जो सब्जियां थीं वह सोमवार को ही बिक गई। दोपहर बाद फरेंदा से स्थानीय सब्जी आएगी। मांग और आपूर्ति में बड़ा अंतर होने की वजह से बुधवार तक सब्जियां महंगी मिलेंगी। इसबार दोनों त्योहार लगभग साथ-साथ पड़ गए। इस कारण लगातार तीन दिन मंडी बंद हो गई।

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