नागपुर रेलवे स्टेशन पर मिले डेटोनेटर में विस्फोटक की मात्रा बेहद कम : पुलिस

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मई 10, 2022   13:03
नागपुर रेलवे स्टेशन पर मिले डेटोनेटर में विस्फोटक की मात्रा बेहद कम : पुलिस
ani

नागपुर के पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने मंगलवार को कहा कि रेलवे स्टेशन परिसर में पाए गए 54 डेटोनेटर में विस्फोटक की मात्रा “बेहद कम” थी और उनमें धमाका करने की क्षमता नहीं थी। पुलिस विभाग के एक कर्मी ने सोमवार शाम को नागपुर रेलवे स्टेशन के मुख्य द्वार पर एक लावारिस बैग देखा था।

नागपुर। नागपुर के पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने मंगलवार को कहा कि रेलवे स्टेशन परिसर में पाए गए 54 डेटोनेटर में विस्फोटक की मात्रा “बेहद कम” थी और उनमें धमाका करने की क्षमता नहीं थी। पुलिस विभाग के एक कर्मी ने सोमवार शाम को नागपुर रेलवे स्टेशन के मुख्य द्वार पर एक लावारिस बैग देखा था। कुमार ने संवाददाताओं को बताया कि बैग में कुल 54 डेटोनेटर मिले थे। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों से प्राप्त प्रारंभिक सूचना के अनुसार, डेटोनेटर में विस्फोटक सामग्री की मात्रा बेहद कम थी और उनमें धमाका करने की क्षमता नहीं थी।

इसे भी पढ़ें: '5 दशकों तक देश को बेदर्दी और बेशर्मी से लूटने के कर्ज तले दबी हुई है कांग्रेस', नकवी बोले- चिंतन करें पार्टी

कुमार के मुताबिक, डेटोनेटर में मौजूद विस्फोटक पटाखों में इस्तेमाल किए जाने वाले विस्फोटक जैसा था। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अभी तक प्राप्त जानकारी के मुताबिक, “कोई धमाका या संवेदनशील कार्य करने का इरादा प्रतीत नहीं होता है।” कुमार के अनुसार, राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने विस्फोटक कानून के तहत एक मामला दर्ज किया है और घटना की जांच जारी है।

इसे भी पढ़ें: बलरामपुर में दो बाइक की भिड़ंत में दो लोगों की मौत, तीन अन्य घायल

उन्होंने बताया कि शहर की पुलिस और जीआरपी यह भी पता करने की कोशिश कर रहे हैं कि रेलवे स्टेशन परिसर में मिला बैग किसका था। एक अधिकारी ने सोमवार को कहा था कि बैग रखने वाले की पहचान करने के लिए पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।