जंतर मंतर पर पहलवानों के दंगल के बीच WFI अध्यक्ष ने दी सफाई, आरोपों को बताया बेबुनियाद

Brijbhushan Sharan Singh
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रितिका कमठान । Jan 19, 2023 12:42PM
दिल्ली के जंतर मंतर पर बीते दो दिनों से देश को गौरवान्वित करने वाले पहलवान प्रदर्शन कर रहे है। टोक्यो ओलंपिक कांस्य पदक विजेता बजरंग पूनिया और विश्व चैम्पियनशिप पदक विजेता विनेश फोगाट समेत देश के शीर्ष पहलवान डब्ल्यूएफआई यानी भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के तानाशाही रवैये के खिलाफ बुधवार से ही धरने पर बैठे हैं।

दिल्ली का जंतर-मंतर 18 जनवरी से पहलवानों का एक नया अखाड़ा बना हुआ है। कुश्ती महासंघ के खिलाफ देश के दिग्गज पहलवानों ने मोर्चा खोला हुआ है। पहलवानों ने यौन उत्पीड़न से लेकर मानसिक प्रताड़ना किए जाने जैसे कई गंभीर आरोप भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ लगाए है। इन आरोपों के बाद एक बार फिर से बृजभूषण शरण सिंह ने सफाई पेश की है।

बृज भूषण शरण सिंह ने महिला रेसलर्स के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि कुश्ती में बेहतरीन प्रदर्शन करने की उम्र 22 से 28 साल के बीच होती है। विरोध कर रहे ये पहलवान ओलिंपिक मेडल नहीं जीत सकते। इनकी बढ़ती उम्र के कारण इनमें आक्रोश बढ़ रहा है और इसीलिए वे विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले हरियाणा में कुश्ती संघ बदला गया और एक निर्वाचित निकाय आया। कुछ लोगों ने खेल मंत्री और पहलवान बबीता फोगट के नेतृत्व में एक स्थानीय संघ का गठन किया और वे चाहते थे कि उनके चयनित उम्मीदवारों को राष्ट्रीय टूर्नामेंट के लिए चुना जाए। खेल मंत्रालय ने इसे खारिज कर दिया। इस नाराजगी को बबीता फोगाट इस तरह से प्रदर्शित कर रही है।

उन्होंने कहा कि देश के 97% खिलाड़ी भारतीय कुश्ती महासंघ के साथ है। यौन उत्पीड़न के आरोप जो भी लगाए गए हैं वो आहत करने वाले हैं। कोई खिलाड़ी मुझ पर या महासंघ के किसी कोच पर इस तरह के आरोप नहीं लगा सकता है। कुछ पहलवानों पर धरने पर बैठने का दबाव भी जबरदस्ती बनाया गया था। 

कुश्ती कोच ने कही ये बात

इन आरोपों के बीच दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में पहलवानी के कोच प्रवीण दहिया ने भी बयान दिया है। उन्होंने कहा कि विनेश फोगाट द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोप बेहद गंभीर है। कोई भी बिना कारण इस तरह के आरोप नहीं लगा सकता है। पहलवान चाहते हैं कि इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। निष्पक्ष जांच के जरिए ही सच्चाई सामने आ सकती है।

पहलवानों ने लगाए हैं ये आरोप

पहलवानों ने कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष और कुछ कोच पर महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। पहलवानों ने अभद्रता, गलत व्यवहार और क्षेत्रवाद का भी आरोप लगाया है। देश का नाम रौशन करने वाले पहलवानों द्वारा प्रदर्शन और इन आरोपों के बाद खेल मंत्रालय ने भी मामले में संज्ञान लेकर आरोपों की जांच कर 72 घंटे में जवाब दाखिल करने को कहा है। 

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