Prabhasakshi Exclusive: शहबाज शरीफ के सबक सीख चुके वाले बयान पर क्या सोचते हैं भारतीय सेना से जुड़े लोग?

Shahbaz Sharif
ANI
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के बयान संबंधी सवाल के जवाब में श्री त्रिपाठी ने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के बयान पर ध्यान नहीं देना चाहिए क्योंकि वह कहते कुछ हैं और करते कुछ हैं। वार्ता के नाम पर पाकिस्तान ने हमेशा धोखा देने का काम किया है।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कहा है कि हम सबक सीख चुके हैं और भारत के साथ शांति से रहने को तैयार हैं। इस मुद्दे पर हमने ब्रिगेडियर सेवानिवृत्त श्री डीएस त्रिपाठी से प्रभासाक्षी के खास कार्यक्रम शौर्य पथ में बातचीत की। इसके अलावा हमने यह भी जानना चाहा कि पीओके और गिलगिट बाल्टिस्तान में पाकिस्तान विरोधी प्रदर्शन भड़क रहे हैं। लोग मांग कर रहे हैं कि हमें भारत भेजा जाये या इस क्षेत्र को लद्दाख के साथ मिलाया जाये। क्या हम पीओके हासिल करने की राह पर आगे बढ़ रहे हैं?

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इसके जवाब में श्री त्रिपाठी ने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के बयान पर ध्यान नहीं देना चाहिए क्योंकि वह कहते कुछ हैं और करते कुछ हैं। वार्ता के नाम पर पाकिस्तान ने हमेशा धोखा देने का काम किया है। वैसे भी शहबाज शरीफ के बयान के ठीक बाद जिस तरह पाकिस्तान विदेश मंत्रालय का बयान सामने आया वह दर्शाता है कि वह देश भारत विरोध कभी नहीं छोड़ेगा। हमें यह भी देखना चाहिए कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने भारत के साथ शांति से रहने संबंधी बात यूएई के दौरे के दौरान कही क्योंकि वह जानते हैं कि भारत और यूएई के संबंध प्रगाढ़ हो रहे हैं। 

उन्होंने कहा कि जहां तक पीओके में बिगड़ते हालात की बात है तो वह पाकिस्तान सरकार की नाकामी है और इसमें कोई दो राय नहीं कि एक दिन वह आयेगा जब हमारे पड़ोसी देश के और टुकड़े होंगे। पीओके के लोग भारत के साथ आना चाह रहे हैं और उनकी यह चाहत अवश्य पूरी होनी ही चाहिए।

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