महाराष्ट्र में बिगड़ते हालात से पूरे देश के माथे पर क्यों चिंता की लकीरें, बढ़ते कोरोना के मामलों के पीछे क्या है बड़ा कारण?

महाराष्ट्र में बिगड़ते हालात से पूरे देश के माथे पर क्यों चिंता की लकीरें, बढ़ते कोरोना के मामलों के पीछे क्या है बड़ा कारण?

महाराष्ट्र में बढ़ते कोरोना संक्रमण से कभी कोरोना का एपीसेन्टर रही मायानगरी मुम्बई भी अछूती नहीं है। महाराष्ट्र के बाकी हिस्सों की तरह मुम्बई में भी कोरोना फिर से पैर पसारने लगा है। बीते सात दिनों में अकेले मुम्बई में ही 4184 नए केस सामने आये हैं।

लॉकडाउन की उस घड़ी को शायद ही कोई भुला होगा, जब सड़कों पर सन्नाटा पसरा था। लोग घरों में कैद थे। हर दर पर हर दरवाजे पर ताला था। लेकिन वैक्सीन के साथ ही कोरोना से लोहा लेते देश में महाराष्ट्र में एक बार फिर से कोरोना के सिर उठाने से एक सवाल जो हर किसी के जेहन में उठ रहा है कि क्या महाराष्ट्र में फिर से लौटने लाग है कोरोना? महाराष्ट्र के पुणे, नासिक, नागपुर, वर्धा, यवतमाल, अमरावती, अकोला और बुलढाना में पहले की अपेक्षा कोरोना के अधिक मामले सामने आए हैं। 18 फरवरी को जब पूरे देश में कोरोना संक्रमण की 13239 नए मामले मिले तो उनमें से 5427 केस सिर्फ महाराष्ट्र में ही मिले। मतलब देशभर में जितने केस आये उसमें करीब 41 प्रतिशत अकेले महाराष्ट्र के हैं। इसते चलते यहां के तीन जिलों में दोबारा लॉकडाउन लगाया गया है जो 28 फरवरी तक जारी रहेगा। 

अमरावती में वीकेंड लॉकडाउन की घोषणा की गयी। शनिवार रात 8 बजे से सोमवार सुबह 7 बजे तक लॉकडाउन रहेगा। यवतमाल में नाईट कर्फ्यू के साथ फिर से कड़े प्रतिबंधों की शुरुआत हो गयी है। 

महाराष्ट्र में बिगड़ते हालात से पूरे देश के माथे पर चिंता की लकीरें क्यों उभर आयी हैं जरा वो समझिये।

महाराष्ट्र में बढ़ते कोरोना संक्रमण से कभी कोरोना का एपीसेन्टर रही मायानगरी मुम्बई भी अछूती नहीं है। महाराष्ट्र के बाकी हिस्सों की तरह मुम्बई में भी कोरोना फिर से पैर पसारने लगा है। बीते सात दिनों में अकेले मुम्बई में ही 4184 नए केस सामने आये हैं।

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मामले बढ़ने की वजह

मास्क पहनने में लापरवाही: सार्वजनिक जगहों पर कई लोग अपने मास्क को नीचे खिसका कर या फिर गले में लटका कर घूमते नजर आए। वहीं कई लोग तो बिना मास्क के भी दिखाई पड़ रहे हैं। राज्य में बढ़ते मामले को देखते हुए सीएम उद्धव ने लोगों से मास्क पहनने की अपील भी की। उद्धव ठाकरे ने बीते दिनों शिवाजी महाराज की जयंती के मौके पर कहा कि छत्रपति ने युद्ध में बचाव के लिए तलवार और ढाल का इस्तेमाल किया था लेकिन कोरोना के खिलाफ युद्ध में बचाव का एक मात्र हथियार मास्क ही है। 

पंचायत चुनाव भी वजह? महाराष्ट्र में कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर कई कारण गिनाए जा रहे हैं। कोई मुंबई में आम लोगों के लिए लोकल ट्रेन के दोबारा चलने को इसकी वजह बता रहा है। इसके अलावा राज्य में हुए ग्राम पंचायत चुनाव को भी कोरोना के मामलों में वृद्धि की वजह बताई जा रही है। करीब 14 हजार से ज्यादा ग्रामपंचायतों में जनवरी के महीने में चुनाव हुए थे ग्रामीण क्षेत्रों में जमकर चुनाव प्रचार  हुए थे। लोग चुनाव प्रचार और फिर वोट देने के लिए बड़ी संख्या में अपने घरों से निकले थे। 

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समारोहों का आयोजन: लॉकडाफन की पाबंदियों के हटने के बाद शादी समारोह बड़े पैमाने पर आयोजित किए गए। हालांकि अब भी शादी में केवल 50 लोगों के शामिल होने की इजाजत है लेकिन सीमा का उल्लंघन भी किया जाना एक बड़ी वजह है। 

यवतमाल में गंभीर हुई स्थिति: यवतमाल में दिसंबर 2020 से लेकर 29 जनवरी तक कोरोना संक्रमित 25 मरीजों की मौत हो चुकी है। वहीं मौजूदा समय में ये आंकड़ा और बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है। 

बीएमसी ने की सख्ती: मुंबई में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए बीएमसी ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। ये सख्ती इसलिए क्योंकि संक्रमण बढ़ने की एक बड़ी वजह है लापरवाही। मास्क न लगाना, एहतियात नहीं बरतना जिसके कारण हालात तेज़ी से बिगड़ते जा रहे हैं। इसलिए लोकन ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों पर नजर रखने के लिए 300 क्लीन अप मार्शल तैयार किए गए। इसके अलावा मास्क नहीं पहनने वाले लोगों को पकड़ने के लिए पूरे मुंबई में क्लीनअप मार्शल्स की संख्या 2400 से बढ़ाकर 4800 यानी दोगुनी कर दी गई। मुंबई पुलिस को भी मास्क नहीं पहनने वालों के खिलाफ कार्रवाई का अधिकार दे दिया है। कोरोना के चने को तोड़ने के लिए बीएमसी और भी कदम उठा रही है। जैसे किसी बिल्डिंग में 5 से अधिक संक्रमित मिलने पर उस इमारत को सील कर दिया जाएगा। होम क्वारंटीन किए गए लोगों के हाथ पर मुहर लगाई जाएगी। शादी या किसी समारोह के लिए 50 लोगों की उपस्थिति की सीमा तय की गई है। 





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