कोरोना के बाद PM मोदी के पहले विदेश दौरे का क्या है चुनावी कनेक्शन?

  •  अभिनय आकाश
  •  मार्च 5, 2021   17:44
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कोरोना के बाद PM मोदी के पहले विदेश दौरे का क्या है चुनावी कनेक्शन?

पीएम मोदी की आखिरी विदेश यात्रा 2019 के नवंबर में हुई थी जब वह ब्राजील के दौरे पर गए थे। पिछले साल फरवरी में उन्हें बेल्जियम के दौरे पर जाना था। लेकिन आखिरी समय में इसे रद्द कर दिया गया था। बांग्लादेश के प्रस्तावित दौरे से ठीक पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर वहां गए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस महीने के आखिर में बांग्लादेश के दो दिवसीय दौरे पर जा रहे हैं। 26-27 मार्च को पीएम मोदी बांग्लादेश के दौरे पर होंगे। कोरोना महामारी के बाद यह पीएम मोदी की पहली विदेश यात्रा है। नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने के बाद 2020 पहला ऐसा साल जब उनह्नों एक भी विदेश दौरा नहीं किया। पीएम मोदी की आखिरी विदेश यात्रा 2019 के नवंबर में हुई थी जब वह ब्राजील के दौरे पर गए थे। पिछले साल फरवरी में उन्हें बेल्जियम के दौरे पर जाना था। लेकिन आखिरी समय में इसे रद्द कर दिया गया था। बांग्लादेश के प्रस्तावित दौरे से ठीक पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर वहां गए।

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बांग्लादेश दौरे पर विदेश मंत्री 

विदेश मंत्री एस जयशंकर प्रधानमंत्री मोदी की बांग्लादेश की आगामी यात्रा से पहले एक दिवसीय यात्रा पर यहां पहुंचे। प्रधानमंत्री इस महीने बांग्लादेश की आजादी की 50वीं वर्षगांठ और बांग्लादेश-भारत के बीच कूटनीतिक संबंधों की स्थापना के 50 साल पूरे होने के अवसर पर यहां आने वाले हैं। बांग्लादेश के विदेश मंत्री ए. के. अब्दुल मोमेन के साथ विस्तृत चर्चा के बाद जयशंकर ने कहा कि भारत की ‘पड़ोसी पहले’ नीति में बांग्लादेश का प्रमुख स्थान है और भारत की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ में भी वह प्रासंगिक है।

कटिहार से ढाका मैत्री एक्सप्रेस

पीएम मोदी के बांग्लादेश दौरे के ही दिन बिहार के कटिहार के रास्ते मैत्री एक्सप्रेस बांग्लादेश की राजधानी ढाका पहुंचेगी। यह मैत्री एक्सप्रेस और बंधन एक्सप्रेस के बादी तीसरी यात्री ट्रेन होगी जो दो दोस्ताना पड़ोसी देशों के बीच चलने जा रही है। 

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मतुआ समुदाय पर नजर

पीएम मोदी का बांग्लादेश दौरा ऐसे वक्त में है जब उससे सटे राज्य पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं। वहां 27 मार्च को पहले चरण की वोटिंग होनी है। खबरों के अनुसार पीएम मोदी उसी दिन मतुआ समुदाय के अराध्य हरिश चंद्र ठाकुर की जन्मस्थली भी जा सकते हैं। इस समुदाय के लिए यह जगह बहुत ही प्रतिष्ठित मानी जाती है। बंगाल चुनाव में इस समुदाय को बहुत ही निर्णायक फैक्टर माना जा रहा है। बीजेपी-टीएमसी दोनों दलों की ओर से इसे अपने पक्ष में करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। लोकसभा चुनाव में इस समुदाय का बीजेपी के प्रति झुकाव देखने को मिला था। 2019 के चुनाव के वक्त पीएम मोदी बंगाल में चुनानी अभियान की शुरुआत मतुआ संप्रदाय के 100 साल पुराने मठ में आर्शीवाद लेकर किया। गृह मंत्री अमित शाह दिसंबर में जब बंगाल दौरे पर थे तो उन्होंने मतुआ समुदाय के शख्स के यहां भोजन किया था। मतुआ समुदाय बंगाल की 70 फीसदी से अधिक सीटों पर अहम भूमिका निभाता है। 





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