बिहार में कब होंगे पंचायत चुनाव? लॉकडाउन खुलने के बाद एक बार फिर से चर्चा तेज

बिहार में कब होंगे पंचायत चुनाव? लॉकडाउन खुलने के बाद एक बार फिर से चर्चा तेज
प्रतिरूप फोटो

इन सब के बीच बिहार में पंचायत चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। इसका कारण यह भी है कि पंचायत चुनाव को किसी भी कीमत पर अगले 6 महीने के भीतर कराना होगा। लॉकडाउन खत्म होने के बाद अब राज्य निर्वाचन आयोग के दफ्तर में कर्मचारी आने लगे हैं।

बिहार में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में लगातार कमी देखी जा रही है। यही कारण रहा कि पिछले 35 दिनों से लगे लॉकडाउन को हटा दिया गया है। हालांकि अभी बिहार में रात्रि कर्फ्यू का प्रावधान लागू रहेगा। इन सब के बीच बिहार में पंचायत चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। इसका कारण यह भी है कि पंचायत चुनाव को किसी भी कीमत पर अगले 6 महीने के भीतर कराना होगा। लॉकडाउन खत्म होने के बाद अब राज्य निर्वाचन आयोग के दफ्तर में कर्मचारी आने लगे हैं। हालांकि अभी कर्मचारियों की संख्या काफी कम है। बताया जा रहा है कि जैसे-जैसे अनलॉक की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी वैसे-वैसे कर्मचारियों की तादाद बढ़ती जाएगी। फिलहाल, पंचायत चुनाव को लेकर निर्वाचन आयोग प्रारंभिक तैयारियों में जुट गया है।

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बिहार सरकार द्वारा जारी किए गए दिशा निर्देश के अनुसार निर्वाचन आयोग आगे बढ़ रहा है। आपको बता दें कि पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों का कार्यकाल 15 जून को समाप्त हो रहा है। ऐसे में अगले 6 माह के भीतर चुनाव कराना चुनाव आयोग की बाध्यता होगी। फिलहाल राज्य सरकार ने सभी पंचायतों के कामकाज के लिए परामर्श समिति गठित करने का निर्णय लिया है। इसके लिए अध्यादेश भी लाया जा चुका है। आपको बता दें कि बिहार में फरवरी के आखिर से ही पंचायत चुनाव की शुरुआत होनी थी लेकिन कोरोना वायरस के मामलों में तेजी की वजह से इसे टालना पड़ा। इसके अलावा यह भी निर्णय लिया गया था कि इस बार का पंचायत चुनाव ईवीएम से कराया जाएगा। हालांकि, इसको लेकर पटना उच्च न्यायालय में एक याचिका दाखिल की गई है।

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लेकिन सबसे बड़ा सवाल अभी यही है कि आखिर पंचायत चुनाव होंगे कब? चुनाव आयोग के सूत्रों की माने तो वह पंचायत चुनाव कराने के लिए पूरी तरह से तैयारी कर रहा है। हालांकि अनुमान यह बताया जा रहा है कि अब पंचायत चुनाव मानसून के बाद ही कराए जा सकेंगे। एक कारण यह भी है कि फिलहाल राज्य में 15 जून के आसपास से बारिश शुरू हो जाएगी। राज्य के ज्यादातर जिले बाढ़ प्रभावित हैं। ऐसे में पंचायत चुनाव की घोषणा करना सही नहीं रहेगा। नवंबर से पहले चुनाव कराने की कोशिश की जाएगी। उस समय पर्व त्यौहार का मौसम होता है। ऐसे में सभी बातों का ध्यान रखना होगा। आपको बता दें कि करीब 258000 पदों के लिए आम चुनाव होने हैं।





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