जहां हुई थी नेहरू और गांधी की पहली मुलाकात, उसे संवारने की तैयारी कर रहा भारतीय रेलवे, 1916 की आएगी याद

जहां हुई थी नेहरू और गांधी की पहली मुलाकात, उसे संवारने की तैयारी कर रहा भारतीय रेलवे, 1916 की आएगी याद
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जिस स्थल पर पहली बार महात्मा गांधी और पंडित नेहरू का मिलन हुआ था। वहां मौजूद गांधी उद्यान को रेलवे आम यात्रियों के साथ शहरवासियों की सैर के लिए संवारने की तैयारी कर रहा है। गांधी उद्यान में बच्चों के लिए झूले लगाए जाएंगे। इसके साथ ही रेलवे इसी उद्यान के पास रेस्टोरेंट ऑन व्हील को स्थापित करेगा।

लखनऊ स्वतंत्रता आंदोलन के महत्वपूर्ण केंद्रों में से एक था। यहां हुई कई महत्वपूर्ण घटनाओं में से महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू की पहली मुलाकात भी रही। ये घटना लखनऊ के लिए एक उच्च ऐतिहासिक महत्व रखती है। दोनों नेताओं की पहली मुलाकात 26 दिसंबर, 1916 को यहां के चारबाग रेलवे स्टेशन पर हुई थी। अब इसको लेकर भारतीय रेलवे ने एक खास योजना बनाई है। जिस स्थल पर पहली बार महात्मा गांधी और पंडित नेहरू का मिलन हुआ था। वहां मौजूद गांधी उद्यान को रेलवे आम यात्रियों के साथ शहरवासियों की सैर के लिए संवारने की तैयारी कर रहा है। गांधी उद्यान में बच्चों के लिए झूले लगाए जाएंगे। इसके साथ ही रेलवे इसी उद्यान के पास रेस्टोरेंट ऑन व्हील को स्थापित करेगा। जहां उद्यान की सैर के बाद लोग इस अनोखे रेस्टोरेंट में खाना भी खा सकेंगे। 

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दोनों स्वतंत्रता सेनानी यहां कांग्रेस के 31वें सत्र में भाग लेने के लिए आए थे, जो हिंदू-मुस्लिम एकता का प्रतीक प्रसिद्ध 'लखनऊ पैक्ट' के रूप में समाप्त हुआ था। नेहरू ने अपनी आत्मकथा 'टुवार्ड फ्रीडम' में महात्मा की उनके ऊपर पड़ी पहली छाप के बारे में लिखा था। गांधीजी के साथ मेरी पहली मुलाकात 1916 में क्रिसमस के दौरान लखनऊ कांग्रेस के समय हुई थी। हम सभी ने दक्षिण अफ्रीका में उनकी वीरतापूर्ण लड़ाई के लिए उनकी प्रशंसा की, लेकिन वे हम में से कई युवाओं के लिए बहुत दूर और अलग और अराजनीतिक लग रहे थे। उन्होंने तब कांग्रेस या राष्ट्रीय राजनीति में भाग लेने से इनकार कर दिया और खुद को दक्षिण अफ्रीकी भारतीय सवालों तक सीमित कर लिया। 

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 लखनऊ स्टेशन के निदेशक आशीष कुमार के अनुसार ऐतिहासिक गांधी उद्यान को नए सिरे से विकसित करने की योजना बन रही है। इस पार्क में यात्री ही नहीं शहरवासी भी बच्चों के साथ सैर कर सकेंगे। इसके लिए झूले भी लगेंगे। पास ही में ट्रेन की बोगी वाला रेस्टोरेंट आन व्हील भी उपलब्ध होगा।






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