शिमला में महिला वकील मंदिर में कुत्तो के साथ घुसी, उल्टे डीजीपी पर झूठे मामले में फंसाने का आरोप लगाया

Ram Krishan mission shimla
हिमाचल पुलिस ने अपने फेसबुक पर इस घटना का वीडियो अपलोड कर बताया है कि महिला कई कुत्तों के साथ श्री राम कृष्ण मिशन मंदिर परिसर में घुस आयीं और वहां मौजूद पुजारियों को डराया धमकाया. यह न केवल आपराधिक धमकी का कृत्य है बल्कि हिंदुओं द्वारा पवित्र माने जाने वाले मंदिर के गर्भगृह को अपवित्र करना भी है।

शिमला। शिमला के एक मंदिर में एक महिला की ओर से अपने कुत्तों के साथ एक मंदिर में प्रवेश करने के मामले में हिमाचल के डीजीपी संजय कुंडू व हाईकोर्ट की एक महिला वकील आमने सामने आ गये हैं। पुलिस ने महिला वकील के खिलाफ मामला दरज किया है तो महिला ने डीजीपी पर झूठे मामले में फंसाने का आरोप लगाते हुये बार एसोसिएशन से मदद मांगी है।  

 

हिमाचल पुलिस ने अपने फेसबुक पर इस घटना का वीडियो अपलोड कर बताया है कि महिला कई कुत्तों के साथ श्री राम कृष्ण मिशन मंदिर परिसर में घुस आयीं और वहां मौजूद पुजारियों को डराया धमकाया. यह न केवल आपराधिक धमकी का कृत्य है बल्कि हिंदुओं द्वारा पवित्र माने जाने वाले मंदिर के गर्भगृह को अपवित्र करना भी है। 

हिमाचल प्रदेश, जिसे देवभूमि के नाम से भी जाना जाता है, अपने देवी-देवताओं और मंदिरों को सर्वोच्च सम्मान प्रदान करता है। हम अपने पूजा स्थलों और पुजारियों के अपमान और धमकी जैसे कृत्यों को सहन नहीं कर सकते। शिमला पुलिस ने मंदिर के पुजारियों की शिकायत पर इस मामले में त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है।

पुलिस के मामला दरज करते ही महिला वकील ने डीजीपी संजय कुंडू के खिलाफ दुर्व्यवहार और झूठे मामले में फंसाने का आरोप लगाया है। बार एसोसिएशन को दिए पत्र में महिला वकील ने बताया कि पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू ने उसके साथ दुर्व्यवहार किया और उन्हें 107, 151 सीआरपीसी के तहत एक झूठे मामले में फंसा दिया है। महिला वकील ने अपने शिकायत पत्र के साथ वीडियो फुटेज भी संलग्न की है। 

इस बीच, केबिनेट मंत्री राजीव सैहजल विडियो को अपने पेज पर शेयर करते हुये े कहा कि शिमला स्थित श्री रामकृष्ण मठ मिशन आश्रम के मंदिर में कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा तीन , चार कुत्तों के साथ प्रवेश करना और वहां पर साधना कर रहे आश्रम के संत के साथ मारपीट करने का कुकृत्य अतिनिन्दनीय है।

हिमाचल प्रदेश में प्राचीन समय से ऋषी-मुनियों, साधू-सन्तों और देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना तथा आदर-सत्कार की परंपरा है इसीलिए हिमाचल देवभूमि के नाम से अलंकृत है। यदि देवभूमि में ही साधू-सन्त, मठ-मंदिर सुरक्षित नहीं हैं तो और कहीं भी सुरक्षित नहीं हो सकते। हमारी सरकार मठ-मंदिरों और साधू-संतो के संरक्षण के लिए संकल्पबद्ध हैं। हिमाचल के डीजीपी महोदय ने शिमला स्थित श्री रामकृष्ण मठ मिशन आश्रम में घटित घटना पर जो कार्यवाही की हैं वो प्रशसनीय हैं ऐसे गुड़ा तत्वों पर नकेल कसना अति आवश्यक है।

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