‘आतंक की शक्तियों’ को शांति भंग नहीं करने देंगे: अमरिंदर सिंह

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 19, 2018   10:39
‘आतंक की शक्तियों’ को शांति भंग नहीं करने देंगे: अमरिंदर सिंह

पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने अमृतसर में ग्रेनेड हमले की कड़ी निंदा की और कहा कि वह ‘‘आतंक की शक्तियों’’ को राज्य में कड़ी मेहनत से हासिल की गई शांति को भंग नहीं करने देंगे।

चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने अमृतसर में ग्रेनेड हमले की कड़ी निंदा की और कहा कि वह ‘‘आतंक की शक्तियों’’ को राज्य में कड़ी मेहनत से हासिल की गई शांति को भंग नहीं करने देंगे। मुख्यमंत्री ने लोगों से ‘‘दहशत में नहीं आने और शांत रहने’’ की अपील की। अमृतसर में एक धार्मिक सभा में ग्रेनेड हमले में तीन लोगों की मौत हो गई। उन्होंने ट्वीट किया,‘‘हम आतंक की शक्तियों को कड़ी मेहनत से हासिल की गई शांति को भंग नहीं करने देंगे।’’ उन्होंने कहा,‘‘मैं अमृतसर बम विस्फोट के मद्देनजर पंजाब के लोगों से शांति बनाये रखने की अपील करता हूं। मैं आपसे आग्रह करता हूं कि आप घबरायें नहीं और संयम बनाये रखें।’’ पंजाब पुलिस के प्रमुख सुरेश अरोड़ा ने बताया कि यह घटना ‘‘आतंकी कृत्य’’ प्रतीत होता है...हम इसे एक आतंकी हरकत के तौर लेंगे। एक आधिकारिक प्रवक्ता ने यहां बताया कि हमले के तुरन्त बाद मुख्यमंत्री ने राज्य में कानून एवं व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की और गृह सचिव, डीजीपी, डीजी (कानून एवं व्यवस्था) और डीजी (खुफिया) को अमृतसर के राजा सांसी जाकर जांच की निगरानी करने के निर्देश दिये है। प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों पर राज्य में निरंकारी भवनों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।उन्होंने बताया कि सिंह ने इस घटना में मारे गये लोगों के परिजन को पांच लाख रुपये का मुआवजा देने और घायलों का मुफ्त इलाज किये जाने की घोषणा की है।

सिंह ने ट्वीट किया, ‘‘अमृतसर में निरंकारी भवन में बम विस्फोट की कड़ी निंदा करते है। मेरी संवेदनाएं अमृतसर बम विस्फोट के पीड़ितों और उनके परिजनों के साथ है। मेरी सरकार प्रत्येक मृतक के परिजन को पांच लाख रुपये देगी और घायलों का मुफ्त इलाज करायेगी। जिला प्रशासन से मदद बढ़ाने के लिए कहा गया है।’’ इससे पूर्व पंजाब पुलिस ने कहा कि अमृतसर शहर के बाहरी इलाके में एक धार्मिक सभा में हुआ हमला ‘‘आतंकी कृत्य’’ प्रतीत होता है। पंजाब पुलिस के महानिदेशक सुरेश अरोड़ा ने कहा, ‘‘इसमें (इस घटना में) आतंक का एक पहलू दिख रहा है क्योंकि यह एक समूह (लोगों) के खिलाफ है, न कि किसी एक व्यक्ति के। लोगों के समूह पर ग्रेनेड फेंकने का कोई कारण नहीं है, इसलिए हम इसे एक आतंकी हरकत के तौर लेंगे। साबित होने तक हम प्रथम दृष्टया इसे इसी रूप में लेंगे।’’ पुलिस ने बताया कि अमृतसर के राजासांसी के निकट अधिवाला गांव में निरंकारी भवन में यह घटना हुई। पुलिस महानिरीक्षक एस एस परमार ने घटनास्थल का मुआयना करने के बाद पत्रकारों से कहा, ‘‘एक ग्रेनेड फेंका गया। तीन लोगों की मौत हो गई और 10 अन्य घायल हो गये जिनमें से दो की हालत गंभीर बनी हुई है।’’ एक खुफिया सूचना में दावा किया गया है कि जैश-ए-मोहम्मद के छह से सात आतंकवादियों का एक समूह राज्य में, खासतौर से फिरोजपुर में मौजूद है। इस सूचना के बाद से पंजाब अलर्ट पर है।





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