लकड़ी के खिलौने बनाने का प्रशिक्षण लेकर हिमाचल प्रदेश के युवा बनेंगे आत्मनिर्भर

Palampur center
पालमपुर का खिलौना केन्द्र हिमाचल प्रदेश हस्तशिल्प एवं हथकरघा निगम का एक यूनिट है। इस कला को विलुप्त होने से बचाने के लिए निगम व प्रदेश सरकार प्रयास रत है। इसी कड़ी में हस्तशिल्प एवं हथकरघा निगम द्वारा हिमाचल प्रदेश के औधोगिक प्रशिक्षण संस्थानों के कारपेंटर बिषय के प्रशिक्षुओं को खिलोने बनाने के प्रशिक्षण का आयोजन किया जा रहा है

पालमपुर  । हिमाचल प्रदेश का पालमपुर शहर   लगभग  60 वर्षों से लकड़ी के खिलौने के लिए प्रसिद्ध है। यहां के खिलौनों की मांग देश - विदेश के कौने कौने में है।  परन्तु कारीगरों के अभाव में खिलौने के यह कला विलुप्त होती जा रही थी।

 

पालमपुर का खिलौना केन्द्र हिमाचल प्रदेश हस्तशिल्प एवं हथकरघा निगम का एक  यूनिट है।  इस कला को विलुप्त होने से बचाने के लिए निगम व प्रदेश सरकार प्रयास रत है। इसी कड़ी में हस्तशिल्प एवं हथकरघा निगम द्वारा  हिमाचल प्रदेश के औधोगिक प्रशिक्षण संस्थानों के कारपेंटर बिषय के प्रशिक्षुओं को खिलोने बनाने के  प्रशिक्षण का आयोजन किया जा रहा है यह कार्यक्रम    तकनीकी शिक्षा विभाग के सौजन्य से प्रयोजित किया जा रहा है।

 

इस कार्यक्रम का शुभारंभ शेरे कश्मीर यूनिवर्सिटी के सेवानिवृत्त कुलपति डॉ प्रदीप कुमार शर्मा द्वारा किया गया। इस प्रशिक्षण शिविर में निदेशक  हिमाचल प्रदेश कृषि बीज सत्यापन डॉ एच आर नूर  विशेष अतिथि के तौर पर उपस्थित । इस प्रशिक्षण शिविर के संयोजक ब प्रभारी कांगड़ा परिसर  दीपक पुरी  ने बताया कि खिलौने बनाने का प्रशिक्षण शिविर आज से शुरू होकर अगले एक माह तक चलेगा। इस कार्यक्रम में कांगड़ा व चम्बा जिले के औधोगिक प्रशिक्षण संस्थानों के कारपेंटर विषय के  20 प्रशिक्षु    खिलौने बनाने का प्रशिक्षण लेंगे। इस एक माह की अवधि में यह प्रशिक्षु पूरा समय  पालमपुर में ही रहेंगे। इस का सारा खर्चा निगम द्वारा उठाया जायेगा। 

उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाना है। प्रधानमंत्री  मोदी की आत्मनिर्भर भारत व वोकल फार लोकल  मुहिम को यह कार्यक्रम बल देगा। प्रधानमंत्री मोदी जी द्वारा भारत में पहली बार  खिलौना मेले का आयोजन  27  फरबरी 2021 से 2 मार्च 2021 वर्चुअल किया गया। इस मेले में पालमपुर के खिलौना केन्द्र के कारीगरों ने देश के अलग-अलग हिस्सों में बनाए जाने बाले खिलौनों के कारीगरों के साथ वर्चुअली भाग लिया। इस मौके पर डॉ प्रदीप शर्मा जी द्वारा प्रशिक्षुओं के साथ अपने अनुभव साझा किए और उन से प्रशिक्षण लेकर अपने को आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प  लेंने के लिए प्रेरित किया।

 

डॉ  एच आर नूर द्वारा प्रशिक्षुओं का आह्वान किया कि आप अपनी  आजीविका के लिए खिलौने वना कर रोजी-रोटी कमाऐ। उन्होंने बताया कि हर बर्ष भारत में अरबों रुपयों के खिलौने चाइना से आयात किए जाते है अगर हमारा युवा इस धंधे को अपनाता है तो देश का पैसा दे श में ही रह जायेगा। 

 

प्रभारी कांगड़ा परिसर द्वारा बताया गया कि प्रशिक्षण शिविर संपन्न होने के बाद इन कारीगरों द्वारा जब खिलौने का उत्पादन  किया जाएगा तव निगम खिलौने को बेचने के लिए मार्किटिग के अवसर अपने इम्पोरियम ब प्रदर्शनियों के माध्यम से करबाएगा । अभी हाल ही में 6 अगस्त  2021 को विधानसभा सभागार में मुख्यमंत्री  जयराम ठाकुर व औधोगिक मंत्री  विक्रम सिंह की उपस्थिति में हिमाचल प्रदेश हस्तशिल्प एवं हथकरघा निगम ब फ्लिपकार्ट कम्पनी के बीच  समझौता किया गया ताकि प्रदेश के कारीगरों व बुनकरों  को ऑनलाइन विक्री के माध्यम से जोड़ा जा सके।

 

प्रभारी कांगड़ा परिसर दीपक पुरी  ने इस प्रशिक्षण शिविर ब फ्लिपकार्ट पर ऑनलाइन बिक्री को शुरू करने का श्रेय निगम के उपाध्यक्ष  संजीव कटवाल , निगम के प्रबंध निदेशक आई ए एस अधिकारी  कुमुद सिंह  व निगम के महाप्रबंधक योगेश गुप्ता   को दिया।

इस कार्यक्रम में  तेज लाल प्रभारी हिमाचल इमपोरियम    धर्मशाला,   सुशील कुमार  क्राफ्ट मैंन,  अंकुश कुमार लेखाकार ,  राज कुमार  प्रशिक्षक आई टी शाहपुर,  दीनदयाल प्रशिक्षक आईं टी आई शाहपुर व अन्य उपस्थित रहे।

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