असम के कछार में चाय बागान की भूमि अधिग्रहण के खिलाफ मजदूरों का प्रदर्शन, पुलिस ने किया फ्लैग मार्च

असम के कछार में चाय बागान की भूमि अधिग्रहण के खिलाफ मजदूरों का प्रदर्शन, पुलिस ने किया फ्लैग मार्च
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कछार एसपी रमनदीप ने बताया कि लोगों का मुख्य मुद्दा उनका रोज़गार है। हम लोग विभिन्न क्षेत्रों में वृक्षारोपण का कार्य करेंगे और चाय मजदूर अपनी नौकरी वहां जारी रख सकेंगे। इसकी वजह से किसी की नौकरी नहीं जाएगी। विश्वास बहाली के लिए कछार ज़िला पुलिस क्षेत्र में फ्लैग मार्च कर रही है।

गुवाहाटी। पूर्वोत्तर राज्य असम के कछार जिले में चाय बागान के मजदूर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। आपको बता दें कि डालू चाय बागान में ग्रीन फील्ड हवाई अड्डा बनाने के लिए कछार ज़िला प्रशासन ने भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की। जेसीबी के जरिए चाय बागान को हटाया गया। जिसको लेकर स्थानीय लोगों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। 

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पुलिस ने किया फ्लैग मार्च

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, कछार एसपी रमनदीप ने बताया कि लोगों का मुख्य मुद्दा उनका रोज़गार है। हम लोग विभिन्न क्षेत्रों में वृक्षारोपण का कार्य करेंगे और चाय मजदूर अपनी नौकरी वहां जारी रख सकेंगे। इसकी वजह से किसी की नौकरी नहीं जाएगी। विश्वास बहाली के लिए कछार ज़िला पुलिस क्षेत्र में फ्लैग मार्च कर रही है।

आपको बता दें कि ग्रीन फील्ड हवाई अड्डा को लेकर असम सरकार ने बागान प्रबंधन और तीन प्रमुख मजदूर यूनियनों के साथ समझौता किया है। इसके बावजूद हजारों मजदूर इसका विरोध कर रहे हैं। असम का मजदूर यूनियन बागान बचाओ समिति के बैनर तले आंदोलन कर रहा है। इस संबंध में मजदूरों का कहना है कि जमीन अधिग्रहण मामले में उनकी राय नहीं ली गई है। हालांकि सरकार ने मजदूरों को मुआवजा देने का भरोसा दिलाया है। 

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हाल ही में मजदूरों ने कहा था कि चाय बागान के आस-पास बहुत सारी सरकारी जमीन खाली पड़ी है और कई ऐसे बागान भी हैं जहां पर उत्पादन नहीं होता है। ऐसे में उन स्थानों पर आसानी से हवाई अड्डा बनाया जा सकता है।





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