उत्तर प्रदेश की खबरें: योगी सरकार ने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत 15 परियोजनाओं के लिए धनराशि स्वीकृत की

उत्तर प्रदेश की खबरें: योगी सरकार ने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत 15 परियोजनाओं के लिए धनराशि स्वीकृत की
प्रतिरूप फोटो

उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत वर्तमान वित्तीय वर्ष में 15 परियोजनाओं के क्रियान्वयन हेतु 17 करोड़ 76 लाख 15 हजार 40 रुपए की धनराशि स्वीकृत की है।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार लगातार काम कर रही है। सरकार द्वारा आज भी कई बड़े निर्णय लिए गए। आइए पढ़ते हैं उत्तर प्रदेश की दिनभर की आज की बड़ी खबर।

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत 15 परियोजनाओं के लिए धनराशि स्वीकृत

उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत वर्तमान वित्तीय वर्ष में 15 परियोजनाओं के क्रियान्वयन हेतु 17 करोड़ 76 लाख 15 हजार 40 रुपए की धनराशि स्वीकृत की है। यह धनराशि पुरूष लाभार्थियों (सामान्य वर्ग) के लिए स्वीकृत की गई है। इस धनराशि का व्यय 15 परियोजनाओं यथा-फिनफिश हैचरियों की स्थापना ,नये रियरिंग तालाबों का निर्माण, नये तालाबों का निर्माण, खारे पानी में नये तालाबों का निर्माण, खारे पानी में तालाबों में निवेश, वृहद आरएएस/बायोफ्लॉक का निर्माण, मध्यम आकार आरएएस बायोफ्लॉक का निर्माण, लघु आकार आरएएस/बायो फ्लॉक का निर्माण एवं खुले जलक्षेत्रों में पेनकल्चर के साथ ही इंसुलेटेड वाहन, मोटर साइकिल विद आइस बॉक्स, साइकिल विद आइस बॉक्स, थी्र व्हीलर विद आइस बॉक्स, लघु मिलों की स्थापना तथा मत्स्य कियोस्क की स्थापना, में किया जाएगा ।

इस संबंध में मत्स्य विभाग द्वारा शासनादेश जारी कर दिया गया है। शासनादेश में कहा गया है कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के क्रियान्वयन हेतु भारत सरकार द्वारा जारी गाइडलाइंस एवं दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाये। यह भी कहा गया है कि भारत सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार धनराशि लाभार्थियों के खाते में सीधे अंतरण हेतु पीएफएमएस/डीबीटी प्लेटफार्म का उपयोग करते हुए की जाए। 

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जीआईएस बेस्ड महायोजना का कार्य प्रगति पर

भारत सरकार द्वारा संचालित अमृत योजना के अन्तर्गत प्रदेश के 59 नगरों में जीआईएस बेस्ड महायोजना तैयार किये जाने का कार्य प्रगति पर है।

महायोजना के उद्देश्यों के जानकारी देते हुए प्रमुख सचिव आवास एवं शहरी नियोजन विभाग दीपक कुमार ने बताया कि महायोजना के अनुरूप सबको आवास उपलब्ध कराये जाने हेतु नगर की भावी जनसख्या के अनुसार विभिन्न आय वर्गों हेतु आवासीय सुविधा को प्रदान किया जाना है। इसी प्रकार नगर वासियों को लंग स्पेस उपलब्ध कराने के दृष्टि से महोयोजना में प्रस्तावित पार्क एवं खुले क्षेत्र को विकसित किया जायेगा। अवस्थापना सुविधाओं के अन्तर्गत मार्ग ,जलापूर्ति, विद्युतापूर्ति वितरण आदि की व्यवस्था पूर्ण की जायेगी। नगर में भू-जल की घटती दर के प्रर्याप्त रोकथाम हेतु नगर के जलाश्य आदि को संरक्षित किया जायेगा।

नगर में पर्यटन को बढ़ावा दिये जाने एवं पर्यटकों को आकर्षित किये जाने हेतु योजनाएं लायी जायेगी। नगर के ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित किया जायेगा। नगरीय सीमा के अन्तर्गत पर्याप्त भूमि के क्षेत्रफल को निर्धारित कर विभिन्न भू-उपयोगों का क्रियात्मक संबन्धों के आधार पर नगर के भावी भौतिक विकास के स्वरूप के अनुसार नगर में विभिन्न भू उपयोगों का युक्तिसंगत प्राविधान किया जायेगा। नगर में हो रहे अनियमित विकास एवं निर्माण को प्रस्तावित भू-उपयोगों तथा जोनिंग प्राविधानों द्वारा भावी विकास हेतु एक सुनियोजित दिशा प्रदान की जायेगी। विभिन्न प्रकार के औद्योगिक एवं वाणिज्यिक क्रिया कलापों एवं उनकी सहायक क्रियाओं को एक नियोजित स्वरूप दिया जायेगा।

आवंटित भूखण्डों के विक्रय से प्राधिकरण को लगभग 80 करोड़ की आय प्राप्त

बरेली विकस प्राधिकरण द्वारा रामगंगा नगर आवासीय योजना में कावेरी इन्कलेव (गेट बन्द) कालोनी का पंजीकरण दिनांक 26-07-2021 तक खोला गया था, जिसमें जन-सामान्य द्वारा पंजीकरण हेतु अत्यधिक रूचि दर्शाते हुए 488 पंजीकरण कराये गये। इस कालोनी में सृजित कुल 187 भूखण्डों का आंवटन दिनांक 30-07-2021 को लॉटरी ड्रा के माध्यम से किया गया। आवंटित भूखण्डों के विक्रय से प्राधिकरण को लगभग 80 करोड़ की आय प्राप्त हुई है।

जन-सामान्य के उत्साह के दृष्टिगत माह अगस्त, 2021 में बरेली विकास प्राधिकरण द्वारा रामगंगा नगर आवासीय योजना में अलखनंदा इन्कलेव नाम से पंजीकरण खोला जाना प्रस्तावित है। पूर्व में जो पंजीकरण असफल रहे है उन्हें पुनः भूखण्ड प्राप्त करने हेतु उसी पंजीकरण पर अवसर प्राधिकरण द्वारा दिया जायेगा।

राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के भवन निर्माण हेतु 1 करोड़ 34 लाख 28 हजार रूपये स्वीकृत

प्रदेश सरकार द्वारा राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान मिल्कीपुर-अयोध्या के भवन निर्माण हेतु अवशेष धनराशि निर्गत कर दी गयी है। इस संबंध में व्यवसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग द्वारा शासनादेश जारी कर दिया गया है।

जारी शासनादेश के अनुसार राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान मिल्कीपुर-अयोध्या के भवन निर्माण हेतु अवशेष धनराशि निर्गत राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान मिल्कीपुर-अयोध्या के भवन निर्माण हेतु अवशेष धनराशि 134.28 लाख रूपये (एक करोड़ चौतीस लाख अठाइस हजार रूपये) स्वीकृत कर व्यय किये जाने की स्वीकृति प्रदान की गयी है। 

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मिट्टी भराई हेतु 42 लाख 89 हजार रूपये की स्वीकृत

प्रदेश सरकार द्वारा राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान लालगंज-प्रतापगढ़ के भवन निर्माण के अन्तर्गत मिट्टी भराई हेतु धनराशि स्वीकृत की गयी है। इस संबंध में व्यवसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग द्वारा शासनादेश जारी कर दिया गया है।

जारी शासनादेश के अनुसार राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान लालगंज-प्रतापगढ़ के भवन निर्माण के अन्तर्गत मिट्टी भराई हेतु 691.93 लाख रूपये के सापेक्ष अवशेष धनराशि 42.89 लाख रूपये (बयालिस लाख नवासी हजार रूपये) की स्वीकृति प्रदान की गयी है।

इम्प्लान्ट एवं करेक्टिव सर्जरी हेतु 175.50 लाख रूपये स्वीकृत

प्रदेश सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2021-22 में उप्र के निर्धन एवं असहाय दिव्यांग व्यक्तियों की दिव्यांगता निवारण के लिए शल्य चिकित्सा हेतु वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गयी है। इस संबंध में दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा शासनादेश जारी कर दिया गया है।

जारी शासनादेश के अनुसार वित्तीय वर्ष 2021-22 में शल्य चिकित्सा अनुदान योजनान्तर्गत प्राविधानिक रूपया 640 लाख की धनराशि शल्य चिकित्सा अनुदान की बैठक मे लिये गये निर्णय के अनुसार कॉक्लियर इम्प्लान्ट एवं करेक्टिव सर्जरी हेतु संस्तुत कुल धनराशि 175.50 लाख रूपये को व्यय किये जाने हेतु स्वीकृति शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन प्रदान की गयी है।

कृत्रिम अंग एवं पुनर्वास केन्द्र के संचालन हेतु 01 करोड़ रूपये स्वीकृत

प्रदेश सरकार द्वारा चालू वित्तीय वर्ष 2021-22 में कृत्रिम अंग एवं पुनर्वास केन्द्र के संचालन हेतु वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गयी है। इस संबंध में दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा शासनादेश जारी कर दिया गया है।

जारी शासनादेश के अनुसार कृत्रिम अंग एवं पुनर्वास केन्द्र के संचालन हेतु चालू वित्तीय वर्ष 2021-22 में प्रावधानित 400 लाख रूपये में से प्रथम किस्त के रूप में 100 लाख (एक करोड़ रूपये) की स्वीकृत कर व्यय किये जाने की स्वीकृति शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन प्रदान की गयी है।

निर्माणाधीन छात्रावास के निर्माण हेतु धनराशि स्वीकृत

प्रदेश सरकार द्वारा रामबचन यादव महाविद्यालय, खुरासो, आजमगढ़ में निर्माणाधीन छात्रावास के निर्माण हेतु अवमुक्त द्वितीय किस्त की धनराशि के सापेक्ष जमा की गयी जीएसटी की धनराशि वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी गयी है। इस संबंध में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा शासनादेश जारी कर दिया गया है। 

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जारी शासनादेश के अनुसार रामबचन यादव महाविद्यालय, खुरासो, आजमगढ़ में निर्माणाधीन छात्रावास के निर्माण हेतु अवमुक्त द्वितीय किस्त की धनराशि 84.02 लाख रूपये के सापेक्ष कार्यदायी संस्था द्वारा जमा की गयी जीएसटी की धनराशि की प्रतिपूर्ति हेतु 09 लाख रूपये शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन स्वीकृत किया गया है।

उपमुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा ने यूपी बोर्ड के 10वीं व 12वीं कक्षा के उत्तीर्ण परीक्षार्थियों को दी बधाई

उपमुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा ने माध्यमिक शिक्षा परिषद प्रयागराज द्वारा घोषित कक्षा 10वीं एवं 12वीं के परीक्षा के परीक्षार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है। उप मुख्यमंत्री ने बधाई देते हुए कहा कि विद्यार्थी देश का भविष्य है। उन्होंने कहा कि हमारे विद्यार्थियों ने कोरोना के कठिन समय में मेहनत की और उसी का ही नतीजा आया है। यूपी बोर्ड का विद्यार्थी बेहद प्रतिभाशाली एवं ऊर्जावान भी है। आशा है कि यह विद्यार्थी अपनी प्रतिभा व कौशल के आधार पर आने वाले समय में दुनियाभर में देश व अपने प्रदेश का नाम रोशन करेंगे। किसी को भी निराश नहीं होना है बल्कि इन परिणामों को जीवन का पडाव मानते हुए मेहनत के साथ आगे बढना होगा। असीम संभावनाओं से भरा हुआ भविष्य आपका इंतजार कर रहा है।

डॉ शर्मा ने कहा कि प्रतिभाओं को तराशने व उन्हें देश सेवा के काबिल बनाने के लिए वर्तमान सरकार लगातार काम कर रही है। इसी उद्देश्य से सरकार ने पाठ्यक्रम को भी बदला है जिससे कि प्रदेश के छात्र भी देश के अन्य बोर्ड के छात्रों के साथ प्रतिस्पर्धा के काबिल बन सकें। कोरोना जैसे संक्रमण काल में जब सारी दुनिया ठहर गई थी तब भी प्रदेश सरकार के प्रयासों से शिक्षा व्यवस्था की रफ्तार लगातार बनी रही। नकल विहीन परीक्षाओं ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पर लगे दाग को धो दिया है। आज नकलविहीन परीक्षा के मामले में यूपी देश के अन्य राज्यों के लिए उदाहरण पेश कर रहा है।

हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट का परीक्षाफल घोषित

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद प्रयागराज की वर्ष 2021 की हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट का परीक्षाफल घोषित कर दिया गया है। परीक्षाफल माध्यमिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट एवं एनआईसी की वेबसाइट पर हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट का परीक्षाफल प्रदर्शित कर दिया गया है। निदेशक माध्यमिक शिक्षा ने यह जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2021 की हाईस्कूल परीक्षा में 29,96,031 तथा इण्टरमीडिएट की परीक्षा में 26,10,247 इस तरह कुल 56,06,278 परीक्षार्थी पंजीकृत हुये थे। उन्होंने बताया कि रिजल्ट बनवाने में एनआईसी का भी सहयोग रहा।

निदेशक माध्यमिक शिक्षा विनय कुमार पांडेय ने बताया कि वर्ष 2021 की हाईस्कूल परीक्षा में कुल 29,96,031 परीक्षार्थियों में से 29,82,055 परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए। हाईस्कूल का उत्तीर्ण प्रतिशत 99.53 है। इन परीक्षार्थियों में 16,76,916 बालक तथा 13,19,115 बालिकायें हैं, जिनमें से 16,68,868 बालक तथा 13,13,187 बालिकायें उत्तीर्ण हुई हैं। बालकों का उत्तीर्ण प्रतिशत 99.52 तथा बालिकाओं का उत्तीर्ण प्रतिशत 99.55 है। सम्पूर्ण परीक्षार्थियों में बालिकाओं का उत्तीर्ण प्रतिशत बालकों के उत्तीर्ण प्रतिशत से 0.03 अधिक है। 82,238 परीक्षार्थियों को सामान्य प्रोन्नति दी गयी है।

निदेशक माध्यमिक शिक्षा विनय कुमार पांडेय ने बताया कि वर्ष 2021 की इण्टरमीडिएट परीक्षा में कुल 26,10,247 परीक्षार्थियों में से 25,54,813 परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए हैं। इण्टरमीडिएट का उत्तीर्ण प्रतिशत 97.88 है। इन परीक्षार्थियों में 14,74,317 बालक तथा 11,35,930 बालिकायें हैं, जिनमें से 14,37,033 बालक तथा 11,17,780 बालिकायें उत्तीर्ण हुई हैं। बालकों का उत्तीर्ण प्रतिशत 97.47 तथा बालिकाओं का उत्तीर्ण प्रतिशत 98.40 है। सम्पूर्ण परीक्षार्थियों में बालिकाओं का उत्तीर्ण प्रतिशत बालकों के उत्तीर्ण प्रतिशत से 0.93 अधिक है। 62,506 परीक्षार्थियों को सामान्य प्रोन्नति दी गयी है।

निदेशक माध्यमिक शिक्षा ने बताया कि कोरोना वायरस (कोविड-19) के कारण शिक्षण कार्य बाधित होने के फलस्वरुप छात्र/छात्राओं हेतु वर्चुअल क्लासेस की व्यवस्था दूरदर्शन के स्वयंप्रभा चौनल ई-विद्या-9, ई-विद्या-11, विभागीय यूटयूब चैनल, दीक्षा एप एवं ई-पाठशाला आदि विविध माध्यमां से करायी गयी। इसके साथ ही प्रधानाचार्यों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को जोड़ने हेतु व्हाटसएप ग्रुप बनाकर वर्चुअल माध्यम से शिक्षण कार्य सम्पादित कराया गया। कोरोना वायरस (कोविड-19) से उत्पन्न असाधारण परिस्थितियों में शिक्षण कार्य बाधित होने के फलस्वरुप छात्र/छात्राओं के शैक्षिक पाठ्यक्रम में 30 प्रतिशत की कमी की गयी। विद्यालयों में नियमित पठन पाठन सुचारु रुप से संचालित किये जाने हेतु 19 अक्टूबर 2020 से विद्यालय खोले गये। छात्र/छात्राओं के पठन पाठन की तैयारियों के आंकलन हेतु माध्यमिक शिक्षा परिषद के शैक्षिक पंचांग में प्रथम बार प्री-बोर्ड परीक्षा कराये जाने की व्यवस्था निर्धारित की गयी। माह फरवरी 2021 में इण्टरमीडिएट की प्रयोगात्मक परीक्षायें सम्पादित करा ली गयीं। कोरोना वायरस (कोविड-19) की द्वितीय लहर के कारण उत्पन्न असाधारण परिस्थितियों के फलस्वरुप छात्र हित में माध्यमिक शिक्षा परिषद, उप्र प्रयागराज द्वारा संचालित विद्यालयों में शैक्षिक सत्र 2020-21 हेतु कक्षा-10 एवं 12 की बोर्ड परीक्षा निरस्त करने का निर्णय लिया गया। 

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निदेशक माध्यमिक शिक्षा ने बताया कि हाईस्कूल की लिखित परीक्षा कें अंको के आगणन हेतु कक्षा-9 की वार्षिक लिखित परीक्षा के प्राप्तांक तथा कक्षा-10 की प्री-बोर्ड लिखित परीक्षा के प्राप्तांक को सम्मिलित करते हुये परीक्षाफल तैयार कराया गया। उन्होंने बताया कि इण्टरमीडिएट की लिखित परीक्षा कें अंको के आगणन हेतु प्रत्येक परीक्षार्थी के कक्षा-10 की बोर्ड परीक्षा के प्राप्तांक, कक्षा-11 की वार्षिक परीक्षा के प्राप्तांक (वार्षिक परीक्षा के प्राप्तांक उपलब्ध न होने पर कक्षा-11 की अर्द्धवार्षिक परीक्षा के प्राप्तांक) तथा कक्षा-12 की प्री-बोर्ड परीक्षा के प्राप्तांक को सम्मिलित करते हुये परीक्षाफल तैयार कराया गया। वर्ष 2021 की परीक्षा में मेरिट लिस्ट तैयार नहीं की गई है। अनुत्तीर्ण परीक्षार्थियों की संख्या में अनुपस्थित एवं विदहेल्ड परीक्षार्थी (जिन परीक्षार्थियों के अभिलेख पूरे नहीं हैं अथवा उनके अंकपत्र आदिके विवरण त्रुटिपूर्ण हैं)सम्मिलित हैं। ऐसे परीक्षार्थी जो अंक आगणित करने पर लिखित भाग में न्यूनतम उत्तीर्णांक प्राप्त नही कर सके परन्तु आन्तरिक मूल्यॉकन में उत्तीर्ण हैं उनको बिना अंक के सामान्य प्रोन्नति प्रदान की गयी।

निदेशक माध्यमिक शिक्षा ने बताया कि ऐसे परीक्षार्थी (संस्थागत/व्यक्तिगत) जिनके कक्षा-9/11 की वार्षिक परीक्षा अथवा कक्षा 10/12 की प्री-बोर्ड परीक्षा के अंक उपलब्ध नही है उन्हें बिना अंको के सामान्य रूप से प्रोन्नत कर दिया गया। वर्ष 2021 के पंजीकृत परीक्षार्थी जो अंक सुधार हेतु पुनः परीक्षा में सम्मिलित होना चाहते हैं उन्हे आगामी बोर्ड परीक्षा में शुल्क दिये बिना अंक सुधार हेतु एक या एक से अधिक कितने भी विषयों में परीक्षा में बैठने का अवसर दिया जायेगा तथा उनका परीक्षाफल वर्ष 2021 का ही माना जायेगा।

महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग डा देवेन्द्र सिंह नेगी आज सेवानिवृत्त हुए

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक डा देवेन्द्र सिंह नेगी आज सेवानिवृत्त हो गए हैं। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार उनके स्थान पर अब निदेशक नर्सिंग डाक्टर कल्पना सिंह को महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग का चार्ज दिया गया है।

डेलॉइट टूष तोहमारतु इण्डिया एलएलपी कन्सल्टेन्ट के साथ हुआ एमओयू

प्रदेश में उच्च आर्थिक विकास दर प्राप्त करने के उद्देश्य से मंथन कार्यक्रम के तहत उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य जी की प्रेरणा व निर्देशन मे गुरूवार को सचिवालय (नवीन भवन) के मीटिंग हाल मे लोक निर्माण विभाग के पुनर्गठन के विषय पर विभाग और डेलॉइट के मध्य करार हुआ। इसके तहत डेलॉइट टूष तोहमास्तु इण्डिया एलएलपी कन्सल्टेन्ट द्वारा दो वर्ष की अवधि में लोक निर्माण विभाग,उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम,उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम एवं उपशा के संरचनात्मक ढांचे और कार्य प्रणाली का विस्तृत अध्ययन किया जाएगा तथा इनमें क्या परिवर्तन किए जाएं, जिससे इन संस्थाओं की कार्य प्रणाली में और अधिक सुधार हो सके ,जिसका लाभ प्रदेश की सामाजिक और आर्थिक व्यवस्था को हो, प्रस्तावित किया जाएगा। करार की अवधि दो वर्ष की होगी।

लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता जेके बांगा ने बताया कि एमओयू पर लोक निर्माण विभाग की ओर से ओपी सोनकर,अधीक्षण अभियंता,लखनऊ तथा डेलॉइट की ओर से प्रणावंत ने हस्ताक्षर किए।

इस अवसर पर नितिन रमेश गोकर्ण,प्रमुख सचिव, लोक निर्माण विभाग,केवी राजू, मुख्यमंत्री के आर्थिक सलाहकार मनोज गुप्ता,प्रमुख अभियंता (ग्रामीण सड़क), राकेश सक्सेना, प्रमुख अभियंता (परिकल्प नियोजन) एवम अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर डेलॉइट द्वारा एक प्रस्तुतिकरण के माध्यम से प्रस्तावित कार्यवाही की रूपरेखा अधिकारियों के समक्ष रखी गई।

प्रभारी मंत्री सीतापुर स्वाती सिंह ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र खैराबाद का किया निरीक्षण

सीतापुर जनपद के एक दिवसीय दौरे पर आयी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार, महिला कल्याण, उत्तर प्रदेश स्वाती सिंह ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र खैराबाद का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने चिल्ड्रेन वार्ड, वैक्सीनेशन कक्ष, कोल्ड चौन कक्ष, आक्सीजन प्लांट, आक्सीजन पाईप लाइन आदि का निरीक्षण किया। आक्सीजन प्लांट के निरीक्षण के दौरान जनपद के अन्य स्थलों पर निर्माणाधीन आक्सीजन प्लांटों के निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी भी जिलाधिकारी विशाल भारद्वाज से ली। उन्होंने कहा कि कोविड-19 टीकाकरण का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित कर अधिक से अधिक लोगों का टीकाकरण सुनिश्चित किया जाये तथा लोगों को जागरूक भी किया जाये। टीकाकरण हेतु आयी हुयी महिलाओं से वार्ता भी की। उन्होंने निर्देश दिये कि कोरोना वायरस कोविड-19 की तीसरी लहर की चेतावनी के दृष्टिगत आवश्यक प्रबंध समय से पूर्ण कर लिये जाये। उन्होंने कहा कि बच्चों के इलाज के लिये बेहतर प्रबंध के साथ-साथ उनके तीमारदारों के ठहरने के लिये भी आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित कर लिये जायें। उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि क्षेत्र की जनता को उत्कृष्ट चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं समय से उपलब्ध कराने के लिये आवश्यक प्रबंध भी सुनिश्चित किये जायें तथा दवाईयों इत्यादि की भी पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाये।

स्वाती सिंह ने विकास खण्ड कार्यालय खैराबाद में संबंधित अधिकारियों के साथ की बैठक

राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार, महिला कल्याण, उत्तर प्रदेश स्वाती सिंह ने विकास खण्ड कार्यालय खैराबाद में संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर जनपद में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की तथा निर्देश दिये कि शासन की प्राथमिकता वाली लाभार्थीपरक योजनाओं से अधिक से अधिक पात्रों को लाभान्वित किया जाये। सामुदायिक शौचालयों का संचालन स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से कराये जाने के कार्यों की समीक्षा भी की। उन्होंने निर्देश दिये कि पात्रों को नियमानुसार प्रधानमंत्री आवास आवंटन किया जाये। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के लाभार्थियों की सूची भी तलब की। तालाबों की सफाई के कार्य की समीक्षा करते हुये कार्य की धीमी प्रगति पर खण्ड विकास अधिकारी पर नाराजगी व्यक्त करते हुये मुख्य विकास अधिकारी को निर्देश दिये कि तालाबों की सफाई का कार्य तत्काल पूर्ण कराया जाये। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारण्टी योजना की समीक्षा करते हुये निर्देश दिये कि कार्यों को पूरी गुणवत्ता के साथ समय से पूर्ण कराया जाये एवं अधिक से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया जाये। महिलाओं का भी पर्याप्त प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिये। उन्होंने खण्ड विकास अधिकारी को निर्देश दिये कि विकास खण्ड के सभी कर्मचारियों को वृक्षारोपण के लिये प्रेरित किया जाये तथा प्रत्येक कर्मचारी द्वारा एक-एक पेड़ गोद अवश्य लिया जाये।

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की समीक्षा करते हुये प्रभारी मंत्री ने निर्देश दिये कि स्वयं सहायता समूह के माध्यम से वितरित होने वाला ड्राई राशन समय से वितरित कराया जाये। ड्राई राशन उठान में विलम्ब होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुये डीसीएनआरएलएम को निर्देश दिये कि लापरवाही करने वाले स्वयं सहायता समूहों के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही करें। ग्रामीण क्षेत्रों में सुलभ बैंकिंग सेवा उपलब्ध कराये जाने हेतु चयनित बी0सी0 सखी के प्रशिक्षण के कार्यों को प्राथमिकता के आधार पूर्ण कराये जाने के निर्देश डीसीएनआरएलएम को दिये। वृद्धावस्था पेंशन व निराश्रित महिला पेंशन के लम्बित आवेदनों का सत्यापन तत्काल पूर्ण कराते हुये अधिक से अधिक पात्रों को लाभान्वित करने के निर्देश दिये। बाल सेवा योजना एवं कन्या सुमंगला योजना की समीक्षा भी की। विद्युत विभाग की शिकायतें मिलने पर उपखण्ड अधिकारी खैराबाद क्षेत्र को कड़ी फटकार लगाते हुये निर्देश दिये कि जनता की शिकायतों को गम्भीरता से सुनकर उनका प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाये तथा चेतावनी दी कि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही मिलने पर निलम्बन की कार्यवाही भी की जा सकती है। कोविड काल में अन्त्योदय राशन कार्ड बनाये जाने के लम्बित आवेदनों के निस्तारण की स्थिति की समीक्षा भी की। आवेदनों का सत्यापन कराकर पात्रों को लाभान्वित कराये जाने के निर्देश दिये।

प्रभारी मंत्री सिंह ने पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि बेसहारा पशुओं के रख-रखाव का विशेष ध्यान रखा जाये तथा अधिक से अधिक पशुओं को गौ संरक्षण केन्द्र में संरक्षित किया जाये। उपजिलाधिकारी सदर को निर्देश दिये कि आवश्यकता के अनुसार धान खरीद केन्द्रों की संख्या बढ़ायी जाये। पुलिस क्षेत्राधिकारी को कानून व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश देते हुये कहा कि प्रकरणों को निर्धारित समयावधि में निस्तारित किया जाये। 

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उत्तर प्रदेश जेम पोर्टल पर शासकीय खरीद में लगातार चौथे वर्ष देश में प्रथम

अपर मुख्य सचिव, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन डा नवनीत सहगल ने कहा कि उत्तर प्रदेश जेम पोर्टल पर शासकीय खरीद में लगातार चौथे वर्ष देश में प्रथम स्थान पर है। जेम पोर्टल पर अब तक कुल 11985.72 करोड़ की खरीदारी की गयी एवं कुल 184901 विक्रेता पंजीकृत हो हुए है। जिसमें से 61350 सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम (एमएसई) इकाइयां है।

डा सहगल यह बात कैसरबागत स्थित निर्यात प्रोत्साहन भवन में जेम की समीक्षा कही। उन्होंने कहा कि जेम पर वर्ष 2017-18 में 602.32 करोड़, वर्ष 2018-19 में 1674.23 करोड़, वर्ष 2019-20 में 2401.52 करोड़, वर्ष 2020-21 में 4675.65 करोड़ एवं मौजूदा वित्तीय वर्ष में माह जुलाई तक 2584.47 करोड़ की खरीद की गई है। उन्होंने समीक्षा में लम्बित भुगतान के प्रकारणों का संज्ञान लेते हुए निर्देश दिये कि एमएसएमई इकाईयों के लम्बित भुगतानों का त्वरित निस्तारण किया जाये। प्रदेश कुछ विभागों के क्रेताओं द्वारा जेम पोर्टल पर उपलब्ध उत्पाद एवं सेवाओं का क्रय ई-टेन्डर के माध्यम से किया जा रहा है। इस पर अंकुश लगाया जाय।

अपर मुख्य सचिव ने कहा कि शासनादेश के अनुसार क्रेता द्वारा किसी भी उत्पाद/सेवा की कैटगरी पोर्टल पर रीच करने हेतु जेम एवेलविलिटि टूल का प्रयोग कर जेम एवेलविलिटि रिपोर्ट प्राप्त की जा सकती है। इसके अनुसार वंछित उत्पाद/सेवा पोर्टल पर उपलब्ध न होने पर क्रेता विभाग पोर्टल पर ‘कस्टम बिड’ के विकल्प का चयन कर सकते है। इससे क्रेता विभाग द्वारा अपनी आवश्यकतानुसार उत्पाद/सेवा की कस्टम बिड बनाकर पोर्टल पर फ्लोट किया जा सकता है। जेम पोर्टल पर ‘कस्टम बिड’ का विकल्प होने के फलस्वरूप शासकीय सामग्री के क्रय एवं सेवाओं की आपूर्ति हेतु ई-टेण्डरिंग की आवश्यकता नहीं रहेगी।

डा सहगल ने यह भी निर्देश दिये कि जो उत्पाद/सेवाएं जेम पोर्टल पर उपलब्ध है उनका क्रय अनिवार्य रूप से जेम पोर्टल से ही किया जायेगा। जेम पोर्टल पर उपलब्ध उत्पाद/सेवा का क्रय अन्य माध्यम से करने वाले क्रेताओं पर विभागाध्यक्ष द्वारा कार्यवाही की जायेगी। उन्होनें कहा कि विभिन्न विक्रेता एसोसिएशन से अनुरोध किया गया कि वह भी विक्रेताओं को जेम पोर्टल पर पंजीकरण कराए, जिससे अधिक से अधिक विक्रेता जेम पोर्टल पर पंजीकृत हो पोर्टल का लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि समस्त शासकीय विभागों से यह भी अपेक्षा की गयी कि वह अपने विभाग से सम्बन्धित विक्रेताओं को जेम पोर्टल पर पंजीकृत कराये। जेम पोर्टल पर पंजीकरण एवं क्रय में आने वाली किसी भी समस्या के निवारण के लिये जेम पीएमयू टीम विभागों का पूरा सहयोग करें।

उत्तर प्रदेश माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद लखनऊ

उत्तर प्रदेश माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद लखनऊ द्वारा प्रथमा (कक्षा 8), पूर्व मध्यमा प्रथम (कक्षा 9), पूर्व मध्यमा द्वितीय (कक्षा 10), उत्तर मध्यमा प्रथमा (कक्षा 11) तथा उत्तर मध्यमा द्वितीय (कक्षा 12) का परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया गया है।

निदेशक माध्यमिक शिक्षा एवं सभापति उप्र माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद श्री विनय कुमार पाण्डेय ने यह जानकारी देते हुए बताया कि परीक्षा परिणाम माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि प्रथमा (कक्षा 8) तथा पूर्व मध्यमा प्रथम (कक्षा 9) में बालक तथा बालिका वर्ग का उत्तीर्ण प्रतिशत 100 प्रतिशत रहा है, पूर्व मध्यमा द्वितीय (कक्षा 10) में बालक वर्ग का उत्तीर्ण प्रतिशत 97.31 प्रतिशत जबकि बालिका वर्ग का 97.86 प्रतिशत रहा है। उन्होंने बताया कि उत्तर मध्यमा प्रथमा (कक्षा 11) में बालक तथा बालिका वर्ग का उत्तीर्ण प्रतिशत 100 प्रतिशत रहा है तथा उत्तर मध्यमा द्वितीय (कक्षा 12) में बालक वर्ग में 97.29 प्रतिशत जबकि बालिका वर्ग में 97.56 प्रतिशत परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए हैं।

लम्बे समय से पुलिस थानों में बन्द वाहनों की नीलामी समयबद्ध होगी

उप्र राज्य सड़क परिवहन निगम के मुख्यालय के सभागार में प्रमुख सचिव परिवहन श्री आर0के0 सिंह की अध्यक्षता में प्रदेश के समस्त उप परिवहन आयुक्त (परिक्षेत्र)/सम्भागीय परिवहन अधिकारी/सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी ऑनलाइन बैठक हुई। बैठक में परिवहन आयुक्त धीरज साहू के अतिरिक्त विशेष सचिव परिवहन डॉ अखिलेष कुमार मिश्रा, परिवहन आयुक्त कार्यालय के वरिठ अधिकारी तथा एनएचएआई के परियोजना निदेशक एनएन गिरि सम्मिलित हुए।

बैठक में गहन विचार-विमर्श के पश्चात प्रवर्तन एवं सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में प्रभावशाली कार्य कराने के उद्देश्य महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। ऑल इण्डिया/ऑल यू0पी0 परमिट से आच्छादित ऐसी बसों जिनके विरूद्ध एक वर्ष के भीतर 05 से अधिक चालान की कार्यवाही प्रवर्तन अधिकारियों द्वारा की गयी है, के परमिट निलम्बन/निरस्तीकरण करने की कार्यवाही अविलम्ब अमल में निर्देश दिए गए। मोटर वाहन नियमों का आदतन उल्लंघन कर बसों का संचालन करने वाले वाहन स्वामियों की बसों को बन्द करने में तीव्रता लाने एवं इस हेतु गृह विभाग से थानों में वाहनों को निरूद्ध करने के लिए निर्देश दिए गए। चालान की गयी बसों को पुलिस थानों में बन्द करने में कठिनाई आने पर सम्बन्धित जनपद के परिवहन निगम के डिपों की अभिरक्षा में दिया जायेगा।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि लम्बे समय से पुलिस थानों में बन्द वाहनों की नीलामी कर समयबद्ध ढ़ंग से डिस्पोजल किया जाये। जोनल कार्यालय को आवंटित इण्टरसेप्टर वाहनों का प्रयोग करते हुए ओवरस्पीडिंग के चालान किए जायें तथा ब्रेथ-एनॉलाइजर यंत्र का प्रयोग कर ड्रकेंन-ड्राइव के अभियोग में कार्यवाही सुनिश्चित की जाये। यह भी कहा गया कि नियम विरूद्ध वाहनों के संचालन करने पर वाहन चालक का ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन की प्रभावशाली कार्यवाही सुनिश्चित की जाये। वाहन की फिटनेस करते समय प्रत्येक दशा में यह सुनिश्चित किया जाये कि वाहन में एचएसआरपी नम्बर प्लेट लगायी गयी हो अथवा एचएसआरपी नम्बर प्लेट के बुकिंग की रसीद प्रस्तुत की जाये। प्राविधिक निरीक्षक बसों की फिटनेस करते समय यह सुनिश्चित करेंगे कि उनकी बस बॉडी का फैब्रिकेशन बस बॉडी कोड के अनुसार किया गया हो।

समीक्षा बैठक में एनएचएआई के परियोजना निदेशक को निर्देशित किया गया कि एनएचएआई के टोल प्लाजा से ओवरलोड वाहनों की सूचना नियमित रूप से परिवहन कार्यालय को उपलब्ध करायी जाये। कम से कम 40 किमी0 के स्टैच पर पेट्रोल वाहन, एम्बुलेंस तथा रिकवरीयान की उपलब्धता सुनिश्चित की जाये। यह भी निर्देश दिए गए कि अनधिकृत रूप से संचालित बसों के विरूद्ध कार्यवाही को प्रदेश के इन्ट्री/एग्जिट प्वाइंट पर विशेष रूप से चेकिंग की जाये और यह सुनिश्चित करें कि उसमें परमिट में निर्धारित क्षमता से अधिक सवारियां न बैठी हों।

धार्मिक स्थलों को मुख्य मार्ग से जोड़ने हेतु 19 करोड़ 57 लाख 44 हजार की धनराशि की गयी अवमुक्त

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशों के क्रम में प्रदेश के महत्वपूर्ण मार्गों/सेतुओं तथा मार्गों पर प्रवेश द्वार की स्थापना एवं अन्य सौन्दर्यीकरण के कार्य तथा धार्मिक स्थलों को मुख्य मार्ग से जोड़ने हेतु मार्गों के निर्माण, चौड़ीकरण/सुदृढ़ीकरण/सौन्दर्यीकरण योजना के 32 चालू कार्यों हेतु रू0 19 करोड़ 57 लाख 44 हजार की धनराशि का आवंटन उप्र शासन द्वारा किया गया है। इस सम्बन्ध में आवश्यक शासनादेश उप्र शासन लोक निर्माण विभाग द्वारा जारी कर दिया गया है।

इन 32 चालू कार्यों में जनपद अलीगढ़, पीलीभीत, गोरखपुर, गोण्डा, लखनऊ, उन्नाव, बाराबंकी तथा प्रयागराज के कार्य शामिल हैं। जारी शासनादेश में निर्देशित किया गया है कि आवंटित धनराशि का उपयोग अंकित परियोजनाओं पर ही मानक/विशिष्टियों के अनुरूप व्यय की जायेगी। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने निर्देश दिये हैं कि इन कार्यों में वित्तीय नियमों का अक्षरसः अनुपालन सुनिश्चित किया जाय तथा जारी शासनादेशों में उल्लिखित दिशा-निर्देशों का अनुपालन हर हाल में सुनिश्चित किया जाय।





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